Raisen Jail Firing CCTV: 9 दिन बाद सामने आया जेल गोलीकांड का VIDEO, गोली मारकर भागना चाहता था कैदी, सिर पर कट्टे से वार, आंखों में डाली मिर्ची
रायसेन जिला जेल में 2 सितंबर को हुई सनसनीखेज वारदात का CCTV फुटेज अब सामने आया है। करीब 9 दिन पुराने इस मामले में विचाराधीन कैदी निलेश उर्फ छोटेल ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को गोली मारकर भागने की कोशिश की थी। अब सामने आए करीब दो मिनट के वीडियो में गोली चलने से पहले और उसके बाद का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है।
फुटेज में कैदी निलेश पहले प्रहरी दिग्विजय सिंह से चाबी को लेकर बात करता दिखाई देता है। कुछ देर बाद वह दोबारा उसके पास पहुंचता है और दोनों के बीच कहासुनी के बाद झूमाझटकी शुरू हो जाती है। इसी दौरान निलेश कट्टे से फायर कर देता है और गोली लगते ही प्रहरी दिग्विजय जमीन पर गिर जाता है।
गोली मारने के बाद भी नहीं रुका निलेश, फिर भी घायल प्रहरी ने दबोच लिया
गोली लगने के बाद भी जमीन पर गिरे प्रहरी दिग्विजय पर निलेश हमला करता रहा। CCTV में वह दिग्विजय के सिर पर कट्टे से वार करता दिखाई देता है। इसके बाद जेब से मिर्ची निकालकर उसकी आंखों में डाल देता है और चाबी तलाशने लगता है।
इसी बीच जेल की एक महिला कर्मचारी मौके पर पहुंचती है और जमीन पर पड़ी चाबी और कट्टा उठा लेती है। घायल होने के बावजूद प्रहरी दिग्विजय हिम्मत दिखता है और भागने की कोशिश कर रहे कैदी निलेश को पकड़ लेता है। गोली की आवाज सुनकर जेल के दूसरे कर्मचारी भी वहां पहुंचते हैं और फिर सब मिलकर निलेश को काबू में कर लेते हैं।
जेल से भागने की पहले ही निलेश ने कर ली थी तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया कि यह अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि निलेश ने जेल से भागने की तैयारी पहले ही कर रखी थी। पुलिस के मुताबिक जेल में उसकी राहुल बेदी से दोस्ती हुई थी। निलेश ने उससे हथियार का इंतजाम कराने के लिए कहा था। राहुल ने अपने दोस्त शुभम बेदी के जरिए कट्टा और कारतूस जेल के भीतर पहुंचाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार 19 अगस्त को निलेश के मामा सुपियार सिंह ने शुभम बेदी को कट्टा और कारतूस दिए। इसके बाद शुभम ने जेल की बाहरी दीवार के पास तय स्थान से एक पैकेट अंदर फेंका, जिसे निलेश ने उठा लिया। पैकेट में 315 बोर का देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस थे।
जेल अधीक्षक की छुट्टी की जानकारी मिली, फिर बनाया भागने का मौका
पुलिस का कहना है कि 2 सितंबर को निलेश को जेल अधीक्षक के छुट्टी पर होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह फल खाने का बहाना बनाकर जेल के मेन गेट के पास पहुंचा। वहां प्रहरी दिग्विजय सिंह को कट्टा दिखाकर ताला खोलने के लिए कहा।
दिग्विजय ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच झूमाझटकी हुई और निलेश ने फायर कर दिया। पुलिस के मुताबिक इसी झूमाझटकी के दौरान निलेश के पास से देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी नीचे गिर गए थे।
हत्या के मामले में जेल में बंद है निलेश
पुलिस के मुताबिक निलेश करीब 11 महीने से रायसेन जेल में बंद था। वह पठारी के नेपाल सिंह की हत्या के मामले में विचाराधीन कैदी है। इससे पहले बरेली के राजकुमार राजपूत की हत्या के मामले में उसे सजा भी हो चुकी है।
इस मामले में राहुल बेदी और शुभम बेदी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। निलेश का मामा सुपियार सिंह फरार बताया गया है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
CCTV सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा पर फिर सवाल
वारदात के नौ दिन बाद CCTV फुटेज सामने आने से अब घटना के साथ जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है। बड़ा सवाल यह है कि जेल के भीतर बंद कैदी तक कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन कैसे पहुंच गए और वह कई दिनों तक इन्हें अपने पास कैसे रख सका।
बताया गया है कि CCTV फुटेज जेल विभाग से जुड़े दूसरे जिले के एक कर्मचारी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट होने के बाद सामने आया। घटना के बाद कार्यवाहक जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई थी।
सागर शराबकांड पर डॉ. सीएम मोहन यादव सख्त, MP में नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा
सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर सरकार पूरी गंभीरता और सख्ती से कार्रवाई कर रही है। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि अपराध और अपराधियों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा “सागर में हुई घटना को लेकर हमारी सरकार पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है। आज पुलिस द्वारा शॉर्ट एनकाउंटर की कार्रवाई की गई है।” उन्होंने कहा कि अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सरकार की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर
आज सागर जिले के बरायठा जंगल में पुलिस ने 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि लखेरा को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान रवि लखेरा के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। पुलिस इस कार्रवाई को जहरीली शराब के कारोबार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ अभियान का हिस्सा बता रही है।
सागर शराबकांड में अब तक हुई कार्रवाई
बंडा क्षेत्र में जहरीली अवैध शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ी और मौतें हुईं। शुरुआती जांच के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। कार्रवाई का दायरा सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया था और न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। बंडा क्षेत्र में आरोपियों और अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई। सागर में नए पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली ने भी अवैध शराब के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने की नशे के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नशाखोरी के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाएगी और ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोरता से कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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