IND vs NZ: इंदौर में गिल और अय्यर के निशाने पर होगा ये बड़ा रिकॉर्ड, धवन-कोहली को पछाड़कर रचेंगे इतिहास
IND vs NZ: इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब से कुछ घंटों बाद तीन वनडे मैचों की सीरीज का अंतिम मैच खेला जाएगा. इस मैच को जीतकर भारतीय टीम सीरीज 2-1 से अपने नाम करना चाहेगी. इस वक्त दोनों टीमों 2 मैचों की समाप्ति के बाद सीरीज में 1-1 से बनी हुई हैं. इस में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के पास कई रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा. लेकिन एक ऐसा भी खिलाड़ी जो अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज कर सकता है.
ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल हैं, जिनके पास इंदौर में विराट कोहली और शिखर धवन को पीछे छोड़ने का मौका होगा. ऐसा करने के लिए गिल सिर्फ कुछ रन ही बनाने होंगे. अब उनके पास टीम को अच्छी शुरुआत देने के साथ ही इस रिकॉर्ड को भी तोड़ने का मौका होगा.
भारतीय कप्तान शुभमन गिल रचेंगे इतिहास
शुभमन गिल के पास भारत के लिए वनडे में सबसे तेज 3000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बनने का मौका होगा. गिल को ऐसा करने के लिए सिर्फ 70 रनों की जरूरत है. इस मैच में 70 रन बनाने के साथ ही वो विराट कोहली और शिखर धवन को पीछे छोड़ देंगे.
All to play for ????#TeamIndia locked in for the series decider in Indore ???? #INDvNZ | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/ue9qAgYs4L
— BCCI (@BCCI) January 18, 2026
धवन और कोहली को पीछे छोड़ेंगे गिल
भारत के लिए धवन ने सिर्फ 72 पारियों में 3000 वनडे रन पूरे किए थे, जबकि विराट कोहली ने 75 पारियों में 3000 वनडे रन पूरे किए थे. शुभमन गिल ने अब तक सिर्फ 60 वनडे पारियां खेली हैं, जिसमें उन्होंने 2930 रन बनाए हैं. अब उनके पास 70 रन बना कर वनडे में भारत के लिए सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजी बनने का मौका होगा.
अय्यर के पास भी होगा शानदार मौका
इंडियन क्रिकेट टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर पास भी तीसरे वनडे में शानदार मौका होगा. वो 27 रन बनाते हैं 70 पारियों में 3 हजार वनडे रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे. ऐसे में उनके पास भी धवन और कोहली को पीछे छोड़ने का मौका होगा. अय्यर अब तक 69 पारियों में 2974 रन बना चुके हैं.
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योग करने से पहले जान लें ये 10 नियम, नहीं तो फायदा रह जाएगा आधा
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय संस्कृति में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है। योग शब्द संस्कृत के युज से आया है, जिसका मतलब होता है जुड़ना या मिलना।
ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में योग का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि योग केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं बढ़ाता, बल्कि मानसिक शांति, ध्यान और आत्म-जागरूकता भी प्रदान करता है। समय के साथ योग न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में फैल गया और आज इसे योगा के नाम से जाना जाता है।
योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं है, बल्कि इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी है।
सबसे पहला नियम है योग करने से पहले तन और मन की स्वच्छता। योग की शुरुआत से पहले न केवल शरीर साफ होना चाहिए, बल्कि आस-पास का वातावरण भी स्वच्छ होना चाहिए। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि स्वच्छता से मन शांत रहता है और ध्यान केंद्रित करना आसान होता है।
दूसरा नियम है योगासनों को खाली पेट करना। खाने के तुरंत बाद योग करने से पेट पर दबाव पड़ता है और आसनों का सही फायदा नहीं मिलता। अगर कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी में थोड़ी शहद मिलाकर पी सकते हैं।
तीसरा नियम है मूत्र और आंतों का खाली होना। इससे शरीर को आराम मिलता है और योग करते समय किसी भी तरह की असुविधा नहीं होती।
चौथा नियम है योग की शुरुआत प्रार्थना या वंदना से। ऐसा करने से मस्तिष्क में अच्छे विचार आते हैं और मानसिक रूप से योग के लिए तैयार होना आसान होता है।
पांचवां नियम है योगासन को धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ करना। योग की गति तेज नहीं होनी चाहिए। धीरे-धीरे आसन करने से मांसपेशियों और जोड़ों को चोट से बचाया जा सकता है और शारीरिक लाभ भी बेहतर मिलता है।
छठा नियम है स्ट्रेचिंग और वॉर्म-अप करना। योगासन शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना मांसपेशियों को गर्म करता है और चोट लगने की संभावना कम करता है।
सातवां नियम है सही तकनीक और मुद्रा का अभ्यास। किसी भी नए योगासन को पहली बार करते समय ध्यान से सीखना जरूरी है। गलत मुद्रा से शरीर को नुकसान हो सकता है।
आठवां नियम है सही कपड़े पहनना। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना योग के लिए जरूरी है ताकि आसन करते समय शरीर को पूरी स्वतंत्रता मिले और रक्त संचार ठीक से हो।
नौवां नियम है सांस पर ध्यान देना। योग में श्वास का नियंत्रण बहुत अहम है। सही ढंग से सांस लेने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है।
दसवां नियम है योगाभ्यास के बाद विश्राम करना। सभी आसनों के बाद शरीर और मस्तिष्क को आराम देना जरूरी है। इससे शरीर में तनाव नहीं रहता और योग का पूरा लाभ मिलता है।
योग के ये नियम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखते हैं। इससे तनाव, चिंता और थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
---आईएएनएस
पीके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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