Odisha Govt. को कोलकाता निवेशक सम्मेलन में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले
ओडिशा सरकार ने शनिवार को कहा कि कोलकाता में आयोजित निवेशक सम्मेलन और रोड-शो के दौरान उसे एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन और मुख्य सचिव अनु गर्ग की उपस्थिति में कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार ने विभिन्न उद्योगों के साथ 27 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और 19 निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए।
एक अधिकारी ने बताया कि इन 27 समझौतों के माध्यम से 81,864 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे 63,161 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, 18,453 करोड़ रुपये के 19 अन्य निवेश प्रस्तावों से 27,591 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री माझी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हालांकि एमओयू महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सफलता का असली पैमाना परियोजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन है।
उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों को ओडिशा के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि पूर्वी भारत का विकास प्रतिस्पर्धात्मक नहीं बल्कि सहयोगी होगा, जहां राज्य एक मजबूत पूर्वी औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए एक-दूसरे की क्षमताओं का लाभ उठाएंगे।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ 130 उच्च स्तरीय बैठकें कीं। कोलकाता में आयोजित ओडिशा निवेशक सम्मेलन और रोड-शो में 500 से अधिक उद्योगपतियों, व्यापार संगठनों और संस्थागत हितधारकों ने भाग लिया।
कोलकाता में सफल आयोजन के बाद, राज्य सरकार अब 27 और 28 जनवरी को राउरकेला में एंटरप्राइज ओडिशा आयोजित करने की योजना बना रही है, जहां राज्य की औद्योगिक क्षमताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा।
DGCA ने दिसंबर में उड़ान व्यवधान के लिए IndiGo पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया
विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने पिछले महीने हुए व्यापक उड़ान व्यवधान को लेकर शनिवार को इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और कंपनी के प्रमुख पीटर एल्बर्स के साथ-साथ दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की।
इसके अलावा, विमानन नियामक ने एयरलाइन को अपने निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक प्रणालीगत सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इंडिगो ने दिसंबर की शुरुआत में सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी थीं क्योंकि एयरलाइन पायलटों के वास्ते नए उड़ान ड्यूटी मानदंडों को लागू करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं थी। उड़ानें रद्द किए जाने से देश भर में हजारों यात्री फंस गए थे।
इंडिगो के परिचालन में बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने संयुक्त महानिदेशक संजय के. ब्राह्मणे की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था, ताकि ऐसे व्यवधानों के कारणों की व्यापक समीक्षा और मूल्यांकन किया जा सके।
इस समिति ने पिछले साल 27 दिसंबर को डीजीसीए को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने आठ दिसंबर को राज्यसभा में इंडिगो के व्यापक परिचालन व्यवधान पर कहा था, “हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हम जांच कर रहे हैं। हम मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे।”
इस बीच, इंडिगो ने एक बयान में कहा कि कंपनी को उड़ान व्यवधान के संबंध में भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। विमानन कंपनी ने कहा, “इंडिगो का बोर्ड व प्रबंधन इन आदेशों का पूर्ण संज्ञान लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं और विचारपूर्वक एवं समयबद्ध तरीके से उचित उपाय करेंगे।”
कंपनी ने बताया कि व्यवधान के बाद से इंडिगो की आंतरिक प्रक्रियाओं की मजबूती और कामकाज की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि विमानन कंपनी इन घटनाओं से और भी मजबूत होकर उभर सके।
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