8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, 10 अक्टूबर से पहले करना होगा यह जरूरी काम
8th Pay Commission Update: देश भर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इस समय आठवें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं. सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर और नए भत्तों को लेकर आयोग से जुड़े हर नए अपडेट को बारीकी से देख रहे हैं. इसी बीच वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है. इस नोटिस के सामने आते ही कर्मचारी संगठनों में हलचल बढ़ गई है, क्योंकि आयोग अब सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर जाकर हितधारकों से बातचीत करने जा रहा है.
दशहरा के बाद मुंबई में जुटेगा वेतन आयोग
आठवें वेतन आयोग की ओर से जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, आयोग की टीम आगामी 22 और 23 अक्टूबर को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का दौरा करेगी. यह बैठक 20 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार बीतने के ठीक बाद आयोजित की जाएगी. इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान वेतन आयोग अलग-अलग केंद्रीय विभागों के कर्मचारियों, संगठनों, पेशेवर संस्थानों और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बैठकर विचार-विमर्श करेगा.
10 अक्टूबर तक आवेदन करना अनिवार्य
वित्त मंत्रालय के अधीन काम कर रहे आठवें केंद्रीय वेतन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई में बातचीत का हिस्सा बनने के लिए एक तय प्रक्रिया का पालन करना होगा. जो भी यूनियन या कर्मचारी संगठन आयोग के समक्ष अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन माध्यम से समय यानी अपॉइंटमेंट लेना पड़ेगा. इसके लिए अंतिम तारीख 10 अक्टूबर तय की गई है. 10 अक्टूबर के बाद मिलने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.
यूनिक मेमो आईडी के बिना नहीं मिलेगा मौका
आयोग ने अपने निर्देश में यह भी साफ किया है कि आवेदन पत्र भरते समय संगठनों को अपनी 'यूनिक मेमो आईडी' दर्ज करना जरूरी होगा. यह आईडी तब मिलती है जब कोई संगठन पहले से अपना मांग पत्र या मेमोरेंडम वेबसाइट पर जमा कर देता है. इसके बिना बैठक के लिए अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा. सभी आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद आयोग खुद चयनित प्रतिनिधियों को बैठक के स्थान और समय की पूरी जानकारी भेजेगा.
देशभर में चल रहा बैठकों का दौर
मुंबई से पहले भी वेतन आयोग देश के कई प्रमुख शहरों में जाकर कर्मचारियों की नब्ज टटोल चुका है. आयोग ने सितंबर के शुरुआती हफ्ते में पुडुचेरी में और उसके बाद चंडीगढ़ में लगातार तीन दिनों तक बैठकें आयोजित की थीं. वहीं मुंबई जाने से पहले 7 और 8 अक्टूबर को आयोग की टीम बेंगलुरु में विभिन्न कर्मचारी संगठनों से मुलाकात करने वाली है. इन बैठकों का मुख्य मकसद कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं और महंगाई के दौर में उनके जीवन यापन के खर्च को समझना है.
वेतन और भत्तों से जुड़े अहम सुझाव होंगे पेश
मुंबई बैठक में कर्मचारी संगठनों की ओर से कई बड़ी मांगें रखे जाने की उम्मीद है. इसमें बेसिक पे में भारी इजाफा, फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाना, मकान किराया भत्ता यानी एचआरए के नियमों में सुधार और पुरानी पेंशन से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं. कर्मचारियों की मांग है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई को देखते हुए उनके वेतन ढांचे में ऐसा बदलाव हो जिससे निचले स्तर के कर्मियों को भी ठोस राहत मिल सके.
कब तक आएंगी सिफारिशें और कब होगा अमल
वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होती है. इस हिसाब से वेतन आयोग की रिपोर्ट आने की अंतिम समय-सीमा मई 2027 के आसपास बनती है. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करती है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद उसे लागू किया जाता है. ऐतिहासिक रिकॉर्ड को देखें तो सिफारिशों को पूरी तरह से लागू होने में करीब दो साल का समय लग सकता है, यानी कर्मचारियों के खातों में नई व्यवस्था का पूरा फायदा 2029 या 2030 तक दिखने की पूरी संभावना है.
यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 3.83 हुआ तो ₹18 हजार की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹68,940? जानें पूरा गणित
सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की साजिश, NIA ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट से नकली भारतीय करेंसी की बरामदगी और उसकी सप्लाई से जुड़ी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. NIA ने उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी नीतू पुत्र सरफराज को गिरफ्तार किया है.
NIA के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी नीतू मुख्य आरोपी आदेश चौधरी और मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य प्रमुख आरोपियों का करीबी सहयोगी है. एजेंसी को आशंका है कि वह करेंसी चेस्ट के जरिए नकली नोटों को सर्कुलेट करने की साजिश में शामिल था.
7.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से खुला मामला
यह मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया था. सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से बड़ी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी बरामद होने की सूचना मिली थी. जांच के दौरान करीब 7.29 करोड़ रुपये अंकित मूल्य के नकली नोट मिलने की बात सामने आई. मामले की जांच में PNB के तीन बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद बैंक की ओर से तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था.
पहले स्थानीय थाने में दर्ज हुआ था केस
इस मामले में शुरुआत में 29 अगस्त 2026 को थाना सदर बाजार, सहारनपुर में FIR संख्या 0431/2026 दर्ज की गई थी. यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई थी. इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए 3 सितंबर 2026 को RC-02/2026/NIA/LKW के रूप में दोबारा दर्ज किया और जांच शुरू की.
अब तक कई आरोपी गिरफ्तार
NIA की जांच में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. एजेंसी ने इससे पहले FIR में नामजद आरोपी अमित कुमार तथा मामले के प्रमुख आरोपियों आदेश चौधरी, मुकेश कुमार और राजेंद्र को गिरफ्तार किया है. NIA के अनुसार, गिरफ्तारियों का सिलसिला 7, 15 और 20 सितंबर 2026 को हुआ.
पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी NIA
NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोट कैसे पहुंचे, इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और नकली करेंसी को आगे कहां और किस तरीके से सर्कुलेट किया जाना था. जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है. NIA शेष सह-आरोपियों और संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है. एजेंसी का उद्देश्य नकली करेंसी से जुड़े पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की साजिश का पर्दाफाश करना है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








