बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, नक्सली लीडर के मारे जाने की जानकारी
छत्तीसगढ़ के बीजापुर से बड़ी खबर आ रही है. यहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों में मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ के दौरान दो नक्सलियों के मारे जाने की भी खबर है. नक्सली लीडर राव के मारे जाने की जानकारी सामने आई है. अब तक इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है. अगर घटना की पुष्टि होती है तो ये बड़ी खबर होगी और एक और नकस्ली कैडर की कमर टूटेगी.
कहा जा रहा है कि पुलिस और माओवादियों के बीच आमना-सामना हुआ है और फायरिंग शुरू हो गई. दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर फायरिंग हुई है. क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन जारी है.
‘हथियार उठाने वालों को मौत की सजा हो’, कट्टरपंथी ईरानी मौलवी की मांग, इन देशों को भी सजा देने की बात कही
ईरान में हाल के हफ्तों में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद अब सड़कों पर हालात शांत नजर आ रहे हैं. लेकिन सत्ता के भीतर तनाव और सख्ती अभी भी साफ दिखाई दे रही है. सुरक्षा बलों की कड़ी कारवाई के चलते तेहरान समेत कई बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य होता दिखाई दे रहा है. हालांकि इंटरनेट सेवाएं अब भी आंशिक या पूरी तरह से बंद हैं. इन प्रदर्शनों की शुरुआत दिसंबर के आखिर में महंगाई, बेरोजगारी और खराब आर्थिक हालात को लेकर हुई थी. लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन ईरान की धार्मिक सत्ता और राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ खुली चुनौती में बदल गया. सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और सख्त कदम उठाए.
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ईरानी सरकार ने मृतकों का आंकड़ा अब तक जारी नहीं किया
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी का दावा है कि सरकारी कारवाही में अब तक कम से कम 390 लोगों की मौत हो चुकी है. अगर यह आंकड़ा सही माना जाए तो यह ईरान में पिछले कई दशकों में हुए किसी भी आंदोलन से कई ज्यादा है. हालांकि ईरानी सरकार ने अब तक मृतकों की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है और विदेशी मानव अधिकार संगठनों के दावे को खारिज करती रही है. सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने सिर्फ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है. जबकि प्रदर्शनकारियों और मानव अधिकार समूहों का आरोप है कि शांतिपूर्ण लोगों को भी निशाना बनाया गया है.
कट्टरपंथी मौलवी का कड़ा बयान
इसी बीच शुक्रवार की नमाज के दौरान एक वरिष्ठ कट्टरपंथी मौलवी अयातुल्लाह अहमद के बयान ने माहौल को और ज्यादा गमा दिया है. उन्होंने अपने भाषण में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को अमेरिका और इजराइल का एजेंट बताया है और कहा कि जो लोग हथियार उठाते हैं उन्हें मौत की सजा सुना देनी चाहिए. इतना ही नहीं उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को भी खुली चेतावनी देते हुए कड़ी सजा की बात कही है.
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