Responsive Scrollable Menu

झारखंड मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति ग्राम विकास योजना, युवाओं को ₹2 लाख और महिला समूहों को ₹1 लाख की सहायता, जानें आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति ग्राम विकास योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे Department of Scheduled Tribe, Scheduled Caste, Minority & Backward Class Welfare द्वारा संचालित किया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य राज्य के जनजाति बहुल गांवों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य स्तर को सशक्त बनाना है. योजना के तहत गांवों के समग्र और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय गांवों में आजीविका के साधन बढ़ाना, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और पारंपरिक ग्राम व्यवस्था के तहत समन्वित विकास को बढ़ावा देना है. इसके माध्यम से सरकारी सहायता सीधे जरूरतमंद समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है.

योजना के प्रमुख लाभ

मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति ग्राम विकास योजना के अंतर्गत कई प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं. चयनित गांवों की महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹1,00,000 तक की वित्तीय सहायता अनुदान के रूप में दी जाती है, जिससे वे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकें.

इसके अलावा, बेरोजगार शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने या आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए ₹2,00,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में मलेरिया, सिकल सेल एनीमिया और अन्य पुरानी बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है.

जनजाति-विशेष आर्थिक गतिविधियों जैसे लाख और लघु वनोपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को भी प्रोत्साहन दिया जाता है. महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और बेरोजगार युवाओं के लिए चयनित एनजीओ और पेशेवर संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं. इसके साथ ही, उत्पादों की बिक्री के लिए फॉरवर्ड मार्केटिंग लिंकज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है.

एकीकृत ग्राम विकास पर जोर

योजना के तहत पारंपरिक ग्राम नेताओं की निगरानी में एकीकृत ग्राम विकास योजनाओं को लागू किया जाता है. इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य सुनिश्चित होते हैं और समुदाय की भागीदारी बढ़ती है.

पात्रता मानदंड क्या है?

स्वयं सहायता समूहों के लिए पात्रता आवेदन करने वाला स्वयं सहायता समूह ग्राम सभा द्वारा चयनित होना चाहिए. समूह के सदस्य अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित हों. संबंधित गांव में कम से कम 80 प्रतिशत जनजातीय आबादी होनी चाहिए और वह गांव योजना के अंतर्गत चयनित सूची में शामिल होना चाहिए.

युवा स्वरोजगार के लिए पात्रता

आवेदक बेरोजगार और शिक्षित युवा होना चाहिए. न्यूनतम योग्यता 10वीं पास होना अनिवार्य है, जबकि व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है. आवेदक अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित हो और उसका गांव 80 प्रतिशत से अधिक जनजातीय आबादी वाला तथा योजना में चयनित होना चाहिए.

आवेदन कैसे करेंगे आप? 

यह योजना पूरी तरह ऑफलाइन माध्यम से लागू की जाती है. इच्छुक आवेदक को कार्यालय समय में जिला कल्याण कार्यालय जाकर आवेदन पत्र प्राप्त करना होता है. आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारियां भरकर और जरूरी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न कर उसी कार्यालय में जमा करना होता है. आवेदन जमा करने के बाद रसीद या पावती लेना अनिवार्य है, जिसमें आवेदन की तिथि और संदर्भ संख्या दर्ज हो.

आवश्यक दस्तावेज क्या चाहिए? 

आवेदन के समय अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र, पहचान और पता प्रमाण, न्यूनतम 10वीं की शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण आवश्यक होता है. स्वयं सहायता समूहों के लिए एसएचजी पंजीकरण प्रमाण पत्र और ग्राम सभा का प्रस्ताव पत्र अनिवार्य है. यदि आवेदक ने कोई प्रशिक्षण लिया है, तो उसका प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होता है.

मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति ग्राम विकास योजना झारखंड के जनजातीय गांवों के लिए एक समग्र विकास मॉडल प्रस्तुत करती है. यह योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देती है, बल्कि स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के जरिए जनजातीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है.

ये भी पढ़ें- श्रमिकों के लिए वरदान, झारखंड सरकार की इस योजना से गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च होगा आसान

Continue reading on the app

पाकिस्तान–सऊदी रक्षा साझेदारी से उभरते चिंताजनक भू-राजनीतिक संकेत

इस्लामाबाद, 17 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच हाल ही में हुई बैठकों ने रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। यह पहल मध्य पूर्व और उससे बाहर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों को रेखांकित करती है। पहली नजर में यह कदम एक साधारण हथियार सौदे जैसा दिख सकता है, लेकिन वास्तव में यह रणनीतिक गठबंधनों के व्यापक पुनर्संतुलन का हिस्सा है, एक रिपोर्ट में कहा गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, रियाद पाकिस्तान को दिए गए करीब 2 अरब डॉलर के ऋण को हथियार सौदे में बदलने पर विचार कर रहा है, जिसका केंद्र संयुक्त रूप से पाकिस्तान और चीन द्वारा विकसित जेएफ-17 लड़ाकू विमान हो सकता है। इस व्यवस्था से पाकिस्तान को अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति में राहत मिलेगी, जबकि सऊदी अरब को पश्चिमी देशों के महंगे विमानों के मुकाबले कम लागत वाला विकल्प मिल सकेगा।

हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि यह सौदा चीन की बड़ी रणनीति को भी दर्शाता है। बीजिंग उन बाजारों में दोबारा प्रवेश करना चाहता है, जहां पहले उसके रक्षा निर्यात को खास सफलता नहीं मिली थी। इसमें पाकिस्तान को एक राजनीतिक रूप से स्वीकार्य मध्यस्थ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एशियाई मीडिया में इसे “कर्ज के बदले हथियार” (डेट-फॉर-आर्म्स) मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

यूरोपीय मीडिया आउटलेट ईयू रिपोर्टर के अनुसार, “पहली नजर में यह समझौता एक पारंपरिक कर्ज-बदले-हथियार सौदे जैसा लगता है, लेकिन जेएफ-17 का निर्यात इतिहास गंभीर सवाल खड़े करता है। करीब एक दशक पहले चीन ने इस विमान को कम लागत वाले बहुउद्देश्यीय फाइटर के तौर पर बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार और सऊदी अरब जैसे देशों को आक्रामक तरीके से पेश किया था। इनमें से अधिकांश देशों ने अंततः सौदे से दूरी बना ली। म्यांमार ही इसका एकमात्र खरीदार बना, लेकिन 2023 तक उसके ज्यादातर विमान इंजन, एवियोनिक्स, रडार और ढांचागत थकान जैसी पुरानी समस्याओं के कारण ग्राउंडेड बताए गए, जिससे इसकी परिचालन क्षमता पर गंभीर सवाल उठे।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पृष्ठभूमि में पाकिस्तान ने लीबिया, बांग्लादेश और अब सऊदी अरब के साथ संभावित रक्षा निर्यात सौदों को आगे बढ़ाया है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह एक सुनियोजित रणनीति है, जिसके तहत पाकिस्तान खुद को मुस्लिम बहुल देशों के लिए एक रक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है और जेएफ-17 को चीन या रूस पर सीधे निर्भर हुए बिना एक “तटस्थ” विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। हालांकि, पाकिस्तान की सीमित औद्योगिक क्षमता को देखते हुए, पर्दे के पीछे चीन की भूमिका- चाहे वह पूर्ण विमान आपूर्ति हो या अहम तकनीकी घटक-अनिवार्य मानी जा रही है।

विश्लेषकों ने इसे चीन की “बैकडोर रणनीति” करार दिया है, जिससे वह राजनीतिक विरोध और प्रतिष्ठा से जुड़े जोखिमों को दरकिनार कर सकता है। यूरोप के लिए इसके निहितार्थ चिंताजनक बताए गए हैं। इस तरह के अप्रत्यक्ष हथियार निर्यात से यूरोपीय संघ की मानवाधिकार सुरक्षा और हथियारों के अंतिम उपयोग की शर्तें लागू कराने की क्षमता कमजोर होती है। इससे वैश्विक हथियार शासन में मानक तय करने वाली संस्था के रूप में ईयू की भूमिका और उसकी सॉफ्ट पावर भी प्रभावित होती है।

ईयू रिपोर्टर के मुताबिक, “अमेरिका के लिए भी इसके गंभीर परिणाम हैं। पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाकर बीजिंग अपनी रक्षा उपस्थिति का विस्तार कर सकता है, बिना सीधे तौर पर अमेरिकी ‘रेड लाइन्स’ को छुए। इससे प्रतिबंधों, राजनीतिक दबाव और कूटनीतिक रोकथाम की प्रभावशीलता घटती है। खास चिंता यह है कि चीनी तकनीक- भले ही अप्रत्यक्ष रूप से सऊदी अरब जैसे अमेरिका के करीबी सहयोगी देशों की वायु सेनाओं में शामिल हो सकती है। ऐसे में इंटरऑपरेबिलिटी, डेटा सुरक्षा और भविष्य के रणनीतिक गठबंधन जैसे सवाल अहम हो जाते हैं, खासकर उस समय जब अमेरिका हिंद-प्रशांत और मध्य पूर्व दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा गुटों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।”

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

31 जनवरी 2026 को शुक्र का धनिष्ठा नक्षत्र में गोचर, ज्योतिष में जानें मंगल-शुक्र के इस संयोग का क्या है अर्थ

नई दिल्ली: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 31 जनवरी 2026 को शुक्र ग्रह का एक महत्वपूर्ण गोचर होने जा रहा है। इस दिन शुक्र, मंगल के आधिपत्य वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इस घटना को केवल एक खगोलीय परिवर्तन के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जाओं के एक विशेष संयोग के तौर पर … Sun, 18 Jan 2026 00:30:05 GMT

  Videos
See all

BMC Election Result: चुनाव नतीजे के बाद Navneet का वीडियो वायरल ! #navneetrana #bmcelection2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-17T19:53:46+00:00

Iran America Conflict: 2 बजते ही ईरान पर अमेरिका का बहुत बड़ा फैसला? Khamenei PM Modi | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-17T20:30:06+00:00

Iran America Conflict: 1 बजते ही ईरान के लिए भारत का बहुत बड़ा ऐलान! Khamenei PM Modi | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-17T19:30:16+00:00

Bengal Politics News: अभी अभी ममता बनर्जी पर बहुत बड़ी खबर? | Mamata Banerjee | Breaking News | Top #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-17T19:45:01+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers