Kalkaji Gangrape Case: Pawan Khera ने महिला सुरक्षा को लेकर Delhi CM Rekha Gupta पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आलोचना की। यह आलोचना कालकाजी मंदिर के पास एक नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप की घटना को लेकर की गई। उन्होंने कहा कि अगर देश की राजधानी में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो महिला मुख्यमंत्री होने का क्या मतलब है? एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने कार्यकाल के अंत तक शहर को नर्क के नौवें घेरे (सबसे भयानक हिस्से) में बदल देंगी। खेड़ा ने कहा, "सितंबर में राजधानी में नाबालिग के साथ रेप की यह तीसरी घटना है। क्या यह दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए गर्व का पल है? कालकाजी मंदिर में पूजा करने के बाद एक 17 साल की लड़की के साथ एक पब्लिक पार्क में रेप किया गया – और यह रेप पुलिस अधिकारी बनकर आए तीन लोगों ने किया। हर दिन हम और नीचे गिर रहे हैं। इसी रफ्तार से अगर चलता रहा, तो अपने कार्यकाल के अंत तक रेखा गुप्ता दिल्ली को दांते के नर्क के नौवें घेरे तक पहुंचा देंगी। अगर उनके शहर में महिलाएं सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद भी नहीं कर सकतीं, तो महिला मुख्यमंत्री होने का क्या मतलब है?
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अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने कालकाजी मंदिर के पास एक नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंत और मुकेश के तौर पर हुई है। पुलिस ने कुछ देर चली गोलीबारी के बाद इनमें से एक आरोपी को पकड़ा था, जिसके कुछ घंटों बाद इन दोनों को गिरफ्तार किया गया; बाकी दो आरोपी तब से फरार थे। पुलिस के मुताबिक, यह घटना सोमवार शाम दक्षिण-पूर्व दिल्ली में कालकाजी मंदिर के पास हुई थी। 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंस' (POCSO) एक्ट और कानून की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने बताया था कि तीन लोगों ने पुलिसकर्मी बनकर नाबालिग और उसकी सहेली से संपर्क किया था। आरोपियों ने दोनों को धमकाया और फिर नाबालिग को कालकाजी मंदिर के पास एक पार्क में सुनसान जगह पर ले गए, जहाँ उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया।
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घटना के बाद रात करीब 8:45 बजे PCR कॉल आई, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची। इसके बाद नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनाओं का क्रम समझने और आरोपियों की पहचान करने के लिए पार्क और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में, थोड़ी देर चली गोलीबारी के बाद एक आरोपी को पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने बाकी दो आरोपियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चलाया। हेमंत और मुकेश की हालिया गिरफ्तारी के साथ ही, इस मामले में नामज़द तीनों आरोपी अब पकड़े जा चुके हैं।
ड्रग्स के खिलाफ 7 पैमानों पर Telangana ANTF का 80% से ज्यादा स्कोर, केंद्र से मिला राष्ट्रीय सम्मान
ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के गलत इस्तेमाल से निपटने की तेलंगाना की कोशिशों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। राज्य के नारकोटिक्स ब्यूरो और ईगल फोर्स ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के कामकाज का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए सात पैमानों पर 80% से ज़्यादा अंक हासिल किए। तेलंगाना ईगल फोर्स के डायरेक्टर संदीप सांडिल्य ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की देखरेख में नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तेलंगाना पुलिस की ओर से यह राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार प्राप्त किया। तेलंगाना के DGP के अनुसार, इस सम्मेलन में देश भर के वरिष्ठ अधिकारी ड्रग तस्करी से निपटने के लिए मिलकर रणनीति बनाने, अलग-अलग एजेंसियों के बीच सहयोग को मज़बूत करने और देश के एंटी-नारकोटिक्स ढांचे को बेहतर बनाने पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए।
राज्य की ANTF (एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स) के काम-काज का आकलन सात मुख्य पैमानों पर किया गया — खुफिया ऑपरेशन; प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण; मुकदमा चलाना; मांग और नुकसान को कम करना; तालमेल और क्षमता निर्माण; रिसर्च और एनालिसिस; और प्रशासन व लॉजिस्टिक्स। इस आकलन में तेलंगाना ने 80% से ज़्यादा स्कोर किया। मुकदमा चलाने की प्रक्रिया को मज़बूत करने के लिए, राज्य ने कानूनी जांच, न्यायिक विश्लेषण, गवाहों की सुरक्षा और मुकदमे में मदद के लिए खास सपोर्ट सिस्टम बनाए हैं।
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DGP CV आनंद ने कहा कि वे 'ईगल फोर्स' के काम-काज की लगातार समीक्षा करते रहे हैं और ज़िला पुलिस अधीक्षकों व यूनिट अधिकारियों को ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने को प्राथमिकता देने का निर्देश देते रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ज़िलों के दौरे और समीक्षा बैठकों के दौरान, उन्होंने खुफिया जानकारी जुटाने, नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच, ड्रग नेटवर्क के ख़िलाफ़ कार्रवाई और प्रभावी ढंग से मुकदमा चलाने पर ज़ोर दिया। 'ईगल फोर्स' और ज़िला पुलिस यूनिट्स की मिली-जुली कोशिशों ने राष्ट्रीय स्तर के इस आकलन में राज्य के अच्छे प्रदर्शन में योगदान दिया।DGP ने ईगल फ़ोर्स के डायरेक्टर संदीप शांडिल्य और उन सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी, जिनकी कोशिशों से यह राष्ट्रीय पहचान मिली है।
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आनंद ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ड्रग्स के असर से बचाना तेलंगाना सरकार और पुलिस विभाग का मुख्य मकसद रहा है। उन्होंने नशीले पदार्थों, खासकर युवाओं के बीच इनके प्रसार को रोकने के लिए लगातार और आपसी तालमेल के साथ कोशिशें करने पर ज़ोर दिया और कहा कि पुलिस विभाग अपनी कार्रवाई और रोकथाम के तरीकों को और मज़बूत करता रहेगा। DGP ने केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए मानकों को पूरा करने में ईगल फ़ोर्स, ज़िला पुलिस यूनिट्स और दूसरे विभागों की आपसी तालमेल वाली कोशिशों की तारीफ़ की।
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