Peter Navarro ने फिर साधा भारत पर निशाना, कहा : भारत में AI के लिए अमेरिका के लोग क्यों कर रहे भुगतान
व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि अमेरिका के नागरिक भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं?
नवारो की ये टिप्पणियां भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच शनिवार को आईं। नयी दिल्ली-वाशिंगटन के संबंधों में खटास की शुरुआत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने के बाद हुई। इस टैरिफ में रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है।
नवारो ने ‘रियल अमेरिकाज वॉयस’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “सवाल यह उठता है कि अमेरिका के नागरिक भारत में एआई के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं? चैट जीपीटी अमेरिकी जमीन पर काम कर रहा है, अमेरिकी बिजली का उपयोग कर रहा है और चैट जीपीटी के बड़े उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहा है, उदाहरण के लिए भारत, चीन और दुनिया के अन्य हिस्सों में। इसलिए यह एक और मुद्दा है, जिसे सुलझाया जाना चाहिए।”
उन्होंने पिछले साल रूस से तेल खरीदने, अधिक शुल्क लगाने के लिए भारत की लगातार आलोचना की थी और भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया था। नवारो ने भारत के रूस से तेल खरीदने को ‘ब्लड मनी’ भी कहा था और बताया था कि यूक्रेन युद्ध से पहले दिल्ली ने मॉस्को से बड़ी मात्रा में तेल नहीं खरीदा था।
वहीं, भारत का कहना है कि किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।नेवारो ने ‘ब्रिक्स’ देशों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘‘असल बात यह है कि इस समूह के किसी भी देश का अस्तित्व अमेरिका को उत्पाद बेचे बिना नहीं रह सकता। और जब वे अमेरिका को अपने उत्पाद बेचते हैं, तो अपने निर्यात के माध्यम से, वे अनुचित व्यापार तौर तरीकों से हमारा खून चूसने वाले वैंपायर (पिशाचों) की तरह होते हैं।
Prime Minister Sharif को ट्रंप ने गाजा के लिए 'Board of Peace' में शामिल होने का निमंत्रण दिया: Pakistan
पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है।
‘व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय)’ ने शुक्रवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के संस्थापक कार्यकारी बोर्ड के नियुक्त सदस्यों की सूची जारी की। गाजा के लिए ट्रंप की 20 सूत्री शांति योजना दूसरे चरण में प्रवेश कर चुकी है। ट्रंप पहले ही खुद को इस बोर्ड का अध्यक्ष घोषित कर चुके हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने मीडिया के सवालों के जवाब में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पाकिस्तान को औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है। अंद्राबी ने एक बयान में कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति से गाजा के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।”
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल रहेगा, जिससे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार फलस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान हो सके।”
प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर हालांकि विस्तार से कुछ नहीं बताया। व्हाइट हाउस ने कहा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में “कूटनीति, विकास, अवसंरचना और आर्थिक रणनीति में अनुभव रखने वाले” नेता शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने तुर्किये, मिस्र, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, इटली, मोरक्को, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत लगभग 60 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को इस शांति निकाय में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और ट्रंप के वरिष्ठ वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी इस निकाय का हिस्सा हैं।
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