Kailash Vijayvargiya के बयान का BJP MLA Usha Thakur ने किया बचाव, Congress ने बोला हमला
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की एक महिला पार्षद के बारे में की गई टिप्पणी और मुस्लिम पुरुषों के गरबा समारोह में शामिल होने पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर बीजेपी विधायक उषा ठाकुर और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने विजयवर्गीय की टिप्पणी का बचाव किया और पार्टी विधायक रामेश्वर शर्मा की टिप्पणी का भी आंशिक रूप से समर्थन किया, जबकि कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी नेताओं के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। ANI से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि मंत्री (कैलाश विजयवर्गीय) ने खेद व्यक्त किया है। हमारी पार्षद बहन संध्या उनकी बेटी जैसी हैं। वह बचपन से ही उनकी गोद में खेलकर बड़ी हुई हैं।
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हम बच्चों से अपनी सेहत का थोड़ा ध्यान रखने को कहते हैं। हो सकता है कि उन्होंने इसी इरादे से ऐसा कहा हो।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विजयवर्गीय महिला पार्षद के बारे में कहते हुए दिख रहे हैं दीदी की भी चौड़ाई थोड़ी बढ़ गई है। वहीं, शर्मा के इस बयान पर कि गरबा में आने वाले मुस्लिम पुरुषों को अपनी बहनों और बेटियों को साथ लाना चाहिए और "हमारे लड़के तैयार हैं", ठाकुर ने कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें अपनी माँ, बहन या पत्नी के साथ आना चाहिए। ठाकुर ने कहा, "मांग यह है कि अगर कोई ऐसा व्यक्ति आना चाहता है जो मूर्ति पूजा नहीं करता है, तो उसे अपनी माँ, बहन या पत्नी को साथ लाना चाहिए।
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जब उनसे खास तौर पर शर्मा के "हमारे लड़के तैयार हैं" वाले बयान के बारे में पूछा गया, तो बीजेपी विधायक ठाकुर ने कहा मैं इसे सही नहीं मानता। इसके अलावा, गरबा सीज़न से पहले ठाकुर ने लोगों से अपील की कि वे शक्ति की पूजा के त्योहार को मंत्र साधना और शस्त्र प्रशिक्षण के अवसर में बदलें, साथ ही अपने व्यक्तित्व का विकास करें और यह सुनिश्चित करें कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने में महिलाएँ सबसे आगे रहें।
आर Veeramani पॉक्सो मामले में Gem Granites का पूर्व कर्मचारी Ganesan गिरफ्तार
केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) पुलिस ने मंगलवार को कारोबारी आर वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले के सिलसिले में ‘जेम ग्रेनाइट्स’ कंपनी के पूर्व कर्मचारी गणेशन को गिरफ्तार कर लिया। गणेशन के मोबाइल फोन में एक वीडियो मिलने के बाद वीरमणि और उसके सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस वीडियो में वीरमणि (84) एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करते दिख रहा है।
पुलिस ने बताया कि अधिकारियों को वीडियो के बारे में सूचना नहीं देने को लेकर गणेशन को गिरफ्तार किया गया है। मामले में शांति और महेंद्र सिम्हन नाम के दंपति को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें वीरमणि का सहयोगी बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ग्रेनाइट कारोबारी वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले को लेकर तमिलनाडु में जारी राजनीतिक विवाद के बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं। कई नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण को लेकर वीरमणि को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को राज्य की मौजूदा सरकार के मंत्रियों ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर मामले को ‘‘दबाने’’ और पुलिस विभाग के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि गणेशन ने वीरमणि की कंपनी में 23 साल तक काम किया था और अभी वह ‘बालाजी ग्लोबल एंटरप्राइजेज’ में कार्यरत है। जांच के दौरान पुलिस ने गणेशन के मोबाइल फोन में एक नाबालिग लड़की का वीडियो पाया। पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘गणेशन को वीडियो रखने और अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी न देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।’’ बयान के मुताबिक, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उसे पुझल केंद्रीय कारागार में रखा गया है।
बयान में कहा गया है कि सीसीबी इस बात की जांच कर रही है कि गणेशन के पास यह वीडियो कैसे आया और उसे यह किसने भेजा। इसमें कहा गया है कि उन परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है, जिनमें उसे यह वीडियो मिला और उसने पुलिस को बताए बिना इसे अपने पास रखा।
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