आर Veeramani पॉक्सो मामले में Gem Granites का पूर्व कर्मचारी Ganesan गिरफ्तार
केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) पुलिस ने मंगलवार को कारोबारी आर वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले के सिलसिले में ‘जेम ग्रेनाइट्स’ कंपनी के पूर्व कर्मचारी गणेशन को गिरफ्तार कर लिया। गणेशन के मोबाइल फोन में एक वीडियो मिलने के बाद वीरमणि और उसके सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस वीडियो में वीरमणि (84) एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करते दिख रहा है।
पुलिस ने बताया कि अधिकारियों को वीडियो के बारे में सूचना नहीं देने को लेकर गणेशन को गिरफ्तार किया गया है। मामले में शांति और महेंद्र सिम्हन नाम के दंपति को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें वीरमणि का सहयोगी बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ग्रेनाइट कारोबारी वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले को लेकर तमिलनाडु में जारी राजनीतिक विवाद के बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं। कई नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण को लेकर वीरमणि को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को राज्य की मौजूदा सरकार के मंत्रियों ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर मामले को ‘‘दबाने’’ और पुलिस विभाग के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि गणेशन ने वीरमणि की कंपनी में 23 साल तक काम किया था और अभी वह ‘बालाजी ग्लोबल एंटरप्राइजेज’ में कार्यरत है। जांच के दौरान पुलिस ने गणेशन के मोबाइल फोन में एक नाबालिग लड़की का वीडियो पाया। पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘गणेशन को वीडियो रखने और अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी न देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।’’ बयान के मुताबिक, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उसे पुझल केंद्रीय कारागार में रखा गया है।
बयान में कहा गया है कि सीसीबी इस बात की जांच कर रही है कि गणेशन के पास यह वीडियो कैसे आया और उसे यह किसने भेजा। इसमें कहा गया है कि उन परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है, जिनमें उसे यह वीडियो मिला और उसने पुलिस को बताए बिना इसे अपने पास रखा।
Jodhpur में गरजेगा अमेरिकी F-35, IAF की Tarang Shakti 2026 में पहली बार होगा शामिल
अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स पहली बार भारतीय वायु सेना (IAF) के साथ मिलकर होने वाली मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज़ 'तरंग शक्ति 2026' में जॉइंट कॉम्बैट ड्रिल में हिस्सा लेंगे। यह बड़ी एयर डिफेंस एक्सरसाइज़ राजस्थान के जोधपुर एयर फ़ोर्स स्टेशन पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच होगी। वायु सेना के वाइस चीफ़ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने इस तैनाती के रणनीतिक महत्व और ऑपरेशनल संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, स्टील्थ एयरक्राफ्ट की पहली बार टैक्टिकल भागीदारी की पुष्टि की। टैक्टिकल ड्रिल के लिए भारतीय आसमान में F-35 के आने के बारे में प्रेस को जानकारी देते हुए, एयर मार्शल दीक्षित ने एएनआई से कहा कि हम पहली बार F-35 के साथ अभ्यास करने जा रहे हैं। यह आ रहा है। यह पहले भी भारत आ चुका है। यह 'एरो इंडिया' का हिस्सा था और फिर तिरुवनंतपुरम में फंस गया था। आप सभी ने वह देखा होगा। अब हम इसके साथ अभ्यास करेंगे और शायद अभ्यास के बाद हम इसके बारे में और बात कर पाएंगे, या हो सकता है कि हम इसके बारे में बात न करना चाहें। यहाँ ऑपरेशनल सिक्योरिटी (संचालन सुरक्षा) का थोड़ा मामला है।
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'तरंग शक्ति' का आयोजन इस बात को दिखाता है कि IAF पारंपरिक दो-देशों वाले अभ्यास से आगे बढ़कर जटिल, कई देशों के साथ मिलकर लड़ने वाले कॉम्बैट इंटीग्रेशन की ओर बढ़ रहा है। एयर मार्शल दीक्षित ने बताया, "कई सालों तक, विदेशी वायु सेनाओं के साथ ऑपरेशनल जुड़ाव मुख्य रूप से द्विपक्षीय अभ्यासों के ज़रिए होता था। हमने एक बार में एक पार्टनर के साथ काम करना सीखा। 'तरंग शक्ति' ने उस नज़रिए को बदल दिया। उन्होंने कहा कि 2024 में हमने पहली बार भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित एक बड़े मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज़ में कई वायु सेनाओं को एक साथ इकट्ठा किया... अब हम उस अनुभव को आगे बढ़ाना चाहते हैं और 'तरंग शक्ति 26' को अगला स्वाभाविक कदम बनाना चाहते हैं।
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हाल के क्षेत्रीय संघर्षों और घरेलू सैन्य अभियानों पर बात करते हुए, वाइस चीफ ने इंटीग्रेटेड डिफेंस, सटीक हमले (precision strikes), काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) और स्पेस-बेस्ड इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, हमारे आस-पास की दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है। युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। हाल के संघर्षों ने सटीकता, इंटीग्रेटेड डिफेंस, अनमैन्ड सिस्टम, सूचना पर दबदबा, स्पेस-बेस्ड क्षमताएं और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन में इन सभी को एक साथ लाने की क्षमता के महत्व को साबित किया है।" उन्होंने आगे कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे लिए इन कई सच्चाइयों को और मज़बूत किया है। इसने इंटेलिजेंस-आधारित अभियानों, सटीकता, इंटीग्रेटेड एयर और मिसाइल डिफेंस, काउंटर-UAS और अलग-अलग डोमेन के बीच तालमेल (jointness) के महत्व को दिखाया है।
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