Trump Administration: अमेरिका में 17500 श्वेत दक्षिण अफ्रीकी शरणार्थियों को पनाह देने की तैयारी
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने देश में स्वीकार किए जाने वाले शरणार्थियों की संख्या 17,500 तक सीमित करने की योजना बनाई है और इनमें अधिकतर दक्षिण अफ्रीका के श्वेत नागरिक होंगे। प्रशासन ने मंगलवार को कांग्रेस को इसकी जानकारी दी। इस कदम से उस शरणार्थी कार्यक्रम का स्वरूप और अधिक बदल जाएगा, जो कभी दुनिया भर में युद्ध और संघर्ष से भागने वाले लोगों के लिए अमेरिका में सुरक्षित पनाह का रास्ता माना जाता था।
कांग्रेस को भेजे नोटिस में प्रशासन ने कहा कि श्वेत दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों को उनकी जमीन जब्त किए जाने और अन्य प्रकार के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है तथा अमेरिका आने पर उनके आसानी से यहां की मुख्यधारा में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी सरकार बार-बार इस दावे को खारिज करती रही है कि ‘अफ्रीकानर्स’ देश में उत्पीड़ित अल्पसंख्यक हैं। अफ्रीकानर्स मुख्य रूप से डच और फ्रांसीसी उपनिवेशवादियों के वंशज हैं और दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद व्यवस्था के दौरान उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
रंगभेद 1948 से 1994 तक चला। ट्रंप प्रशासन ने शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए करीब 50 करोड़ डॉलर खर्च करने की योजना भी बताई है। शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए लंबे समय से काम कर रहे संगठनों ने कार्यक्रम को एक बार फिर मुख्य रूप से श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों तक सीमित करने की आलोचना की है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका में राष्ट्रपति हर साल तय करते हैं कि कितने शरणार्थियों को देश में प्रवेश दिया जाएगा। 1980 में शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत औसतन 92,000 लोग हर साल अमेरिका आए हैं। ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल शुरुआत में यह सीमा 7,500 तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 17,500 कर दिया गया था।
वहीं, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने अपने अंतिम वर्ष में 1,25,000 शरणार्थियों को स्वीकार करने का लक्ष्य रखा था।
संयुक्त राष्ट्र पहुंचे Donald Trump ने CNN रिपोर्टर से कहा- आपको यहां नहीं होना चाहिए था
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अहम कूटनीतिक गतिविधियों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इस विश्व निकाय की यात्रा की शुरुआत में प्रमुख अमेरिकी समाचार नेटवर्क ‘सीएनएन’ की प्रतिष्ठित पत्रकार कैटलिन कॉलिन्स पर निशाना साधा और उनसे कहा, ‘‘आपको यहां नहीं होना चाहिए।’’ ट्रंप मंगलवार को महासभा में अपने संबोधन से पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे और कॉलिन्स से कहा, ‘‘मुझे हैरानी है कि सीएनएन यहां मेरी कवरेज कर रहा है। आपको यहां मेरी कवरेज के लिए नहीं होना चाहिए। आपने कहा था कि आप मेरी कवरेज नहीं करेंगे।’’ हालांकि, कॉलिन्स ने बाद में प्रसारण में कहा कि सीएनएन ने ऐसा कभी नहीं कहा।
यह टकराव ट्रंप प्रशासन द्वारा कुछ दिन पहले सीएनएन, ‘एमएस नाउ’ और ‘पोलिटिको’ को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस परिसर से प्रतिबंधित किए जाने के बाद हुआ। सीएनएन को राष्ट्रपति के मीडिया पूल (चुनिंदा पत्रकारों के समूह) से भी हटा दिया गया था। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में उसे नियमित रूप से मान्यता प्राप्त मीडिया संगठन के तौर पर प्रवेश मिला।
तीनों मीडिया संस्थानों ने सोमवार को प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर कर इस प्रतिबंध को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की। मामले में बुधवार को सुनवाई निर्धारित है। बाद में ट्रंप ने अपने रुख को दोहराते हुए नकारात्मक मीडिया कवरेज को देश के लिए खतरनाक बताया।
ट्रंप और मीडिया संस्थानों के बीच यह विवाद लगातार बढ़ रहा है। सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको के प्रतिबंध के विरोध में अन्य प्रमुख समाचार संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई है।
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