व्हाइट हाउस ने 'TRUMP TV' लॉन्च करने का किया एलान, 3 बड़े मीडिया संस्थानों को बैन करने के बाद आया फैसला
TRUMP TV: अमेरिका में मीडिया को लेकर चल रही उधल पुथल के बीच व्हाइट हाउस ने एक अहम फैसला लिया है. व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर 'ट्रंप टीवी' के लॉन्च की घोषणा की है, जो एक डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क है और प्रशासन से जुड़ी सामग्री को 24/7 स्ट्रीम करेगा. व्हाइट हाउस से 3 बड़े मीडिया संस्थानों को बैन करने के बाद ट्रंप प्रशासन का यह बड़ा फैसला माना जा रहा है.
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने CNN, MS NOW और पॉलिटिको समेत कुछ प्रमुख मीडिया संस्थानों के व्हाइट हाउस एक्सेस पर रोक लगा दी थी. यह कार्रवाई 18 सितंबर 2026 को की गई, जिसके तहत इन संस्थानों के पत्रकारों के प्रेस क्रेडेंशियल्स रद्द कर दिए गए थे और उन्हें व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया. इस पर ट्रंप का कहना है कि इन मीडिया संस्थानों की कवरेज उनके प्रशासन के प्रति लगातार नकारात्मक और पक्षपातपूर्ण रही है तथा वे सरकार के कामकाज की सकारात्मक खबरों को पर्याप्त जगह नहीं देते.
The White House officially announces the launch of 'TRUMP TV', a digital broadcasting network set to stream administration content 24/7.
— ANI (@ANI) September 22, 2026
(Source: X/The White House) pic.twitter.com/BK5ArZitGG
ट्रंप ने कुछ रिपोर्टों को भ्रामक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय भी बताया है. इस फैसले के बाद प्रभावित मीडिया संस्थानों ने कार्रवाई को चुनौती देने की दिशा में कानूनी कदम उठाए हैं और व्हाइट हाउस की मीडिया एक्सेस नीति को लेकर विवाद तेज हो गया है.
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कैसे काम करेगा ट्रंप TV
ट्रंप टीवी की शुरुआत की घोषणा करते हुए व्हाइट हाउस के आधिकारिक X अकाउंट ने बताया कि यह सेवा अब 24 घंटे लाइव स्ट्रीमिंग कर रही है. इसमें ट्रंप प्रशासन की अहम घोषणाएं, बड़े फैसले, पुराने महत्वपूर्ण वीडियो और ताजा खबरें एक ही जगह दिखाई जाएंगी. व्हाइट हाउस ने कहा कि प्रशासन से जुड़े ऐसे कई बड़े पल, जो टीवी पर प्रसारित नहीं हो पाए, अब ट्रंप टीवी पर देखे जा सकेंगे. लॉन्च के दौरान चैनल पर ट्रंप के पुराने भाषणों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो भी दिखाए गए. इनमें अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह की फुटेज भी शामिल थी.
अन्य मीडिया ने बनाई दूरी, कोर्ट पहुंचा मामला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और मीडिया संस्थानों के बीच विवाद अब कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया है. CNN, MS NOW (पूर्व में MSNBC) और Politico को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित किए जाने के बाद तीनों मीडिया संस्थानों ने संघीय अदालत का रुख किया है. ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि ये संस्थान लगातार पक्षपातपूर्ण कवरेज करते हैं और फर्जी खबरें प्रसारित करते हैं. वहीं, इस कार्रवाई के विरोध में कई अन्य बड़े अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने भी व्हाइट हाउस के वीडियो पूल कवरेज से दूरी बनाने का फैसला किया है, जिससे प्रशासन और मीडिया के बीच तनाव और बढ़ गया है.
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मीडिया के बहिष्कार पर क्या बोले ट्रंप?
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात के बाद ग्रेसी मेंशन के बाहर ट्रंप ने पत्रकारों से बात की. इस दौरान उन्होंने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि कुछ मीडिया संस्थान उनका बहिष्कार कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मीडिया ने पहले भी उनके बहिष्कार की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनके बारे में लगातार खबरें और सुर्खियां बनती रही हैं.
ट्रंप ने यह भी कहा कि मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे खबरों को निष्पक्ष तरीके से पेश करें. उन्होंने अपने प्रशासन के उस फैसले का बचाव किया, जिसमें कुछ मीडिया संस्थानों को व्हाइट हाउस में प्रवेश से रोक दिया गया था. ट्रंप ने इन संस्थानों पर "फर्जी खबरें" फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर कोई मीडिया संगठन गलत खबरें प्रकाशित करता है, तो उनके मुताबिक ऐसे संस्थानों को व्हाइट हाउस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
ईरान को अमेरिका का नया झटका! 23 सितंबर से दुनियाभर में ईरानी फ्लाइट्स को बैन करने का लिया फैसला
US Iran War: अमेरिका ईरान के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब यह संघर्ष दो देशों से निकलकर पूरी दुनिया में अपने पांव पसार रहा है. अमेरिका ने ईरान को नई धमकी दी है. अमेरिका ने दुनियाभर में ईरानी फ्लाइट्स को बैन करने की बात कही है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि बुधवार 23 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय यात्रा से प्रभावी रूप से बाहर किया जा सकता है, क्योंकि वाशिंगटन उन विदेशी कंपनियों के खिलाफ द्वितीयक प्रतिबंधों की धमकी दे रहा है जो ईरान की एयरलाइंस को सेवाएं प्रदान करना जारी रखती हैं.
Treasury Secretary Scott Bessent: every Iranian airline will be shut down worldwide starting September 23.
— Open Source Intel (@Osint613) September 21, 2026
"If they land, you cannot provide them with fuel, you cannot provide them with landing services, you cannot sell them tickets, or you will be knocked out of the dollar…
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्री बेसेंट ने सोमवार को कहा कि 23 सितंबर को दुनिया भर में सभी ईरानी एयरलाइंस बंद हो जाएंगी, क्योंकि ट्रम्प प्रशासन तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है. यह चेतावनी केवल ईरानी एयरलाइंस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विदेशी हवाईअड्डों, ईंधन आपूर्तिकर्ताओं, टिकट कंपनियों और उन अन्य व्यवसायों को भी शामिल किया गया है जो इन एयरलाइनों के अंतरराष्ट्रीय परिचालन में सहयोग करते हैं.
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दुनियाभर की कंपनियों को दी धमकी
रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री बेसेंट ने कहा कि अगर कोई विमान ईरान में उतरता है, तो उसे ईंधन, लैंडिंग की सुविधा या टिकट उपलब्ध नहीं कराया जा सकता. ऐसा करने पर संबंधित कंपनी या संस्था अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय व्यवस्था से बाहर हो सकती है. यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है, जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए उसकी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और कारोबारी नेटवर्क तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश कर रहा है.
पहले भी लग चुका है बैन
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कुछ ऐसी ईरानी एयरलाइनों पर प्रतिबंध लगा दिए, जिन पर पहले कार्रवाई नहीं हुई थी. इसके अलावा ईरान के विमानन क्षेत्र को मदद देने वाली विदेशों में स्थित कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए. यह ताजा खतरा ट्रंप प्रशासन के उस व्यापक प्रतिबंध अभियान के बीच आया है जिसका उद्देश्य ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और वाणिज्यिक नेटवर्क तक पहुंच को सीमित करना है.
कई सालों से बैन का कर रहा सामना
चीन से ट्रंप की बात के बाद आया फैसला
बेसेंट का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक से पहले आया है. इससे एक दिन पहले उन्होंने चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग के साथ बातचीत की थी. चीन ईरान का एक बड़ा आर्थिक साझेदार और महत्वपूर्ण राजनयिक समर्थक है. ऐसे में ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पहुंच को सीमित करने की अमेरिकी कोशिशों में चीन का सहयोग अहम माना जा रहा है.
अल जजीरा के मुताबिक, बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी दबाव अभियान से जुड़ी बातचीत में चीनी अधिकारी काफी सक्रियता से हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका, चीन के वित्तीय अधिकारियों के साथ ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने और उनके पालन को लेकर सकारात्मक बातचीत कर रहा है. बेसेंट ने कहा कि इस बातचीत में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर पैन गोंगशेंग समेत चीन के अन्य वित्तीय अधिकारी भी शामिल हैं.
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