Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Recap: मायरा के बर्थडे में हुआ तमाशा, तो मेहर की खुली सच्चाई, इस हफ्ते आए कई ट्विस्ट
Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Week Recap: टीवी शो ये रिश्ता क्या कहलाता है सालों से लोगों का मनोरंजन करता आ रहा है. शो में इस समय चौथी पीढ़ी चल रही है. जिसमें अरमान और अभीरा की लाइफ दिखाई जा रही है. इस हफ्ते की बात करे तो शो में काफी ड्रामा देखने को मिला. इस हफ्ते मायरा का बर्थडे हाईलाइट रहा. जिसमें काफी ड्रामा देखने को मिला और सप्ताह के अंत तक अरमान के सामने मेहर की सच्चाई आई और वो अब गिल्ट में जाता नजर आने वाला है.
मायरा के बर्थडे में हुआ तमाशा
इस हफ्ते ये रिश्ता क्या कहलाता है की शुरुआत पोद्दार परिवार के लिए खुशी से हुई. सभी लोग मायरा का बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे थे. अभीरा ने अरमान से कहा था कि वो सिर्फ घरवालों के बीच पार्टी करेंगे. वहीं, अभीरा अपनी बेटी के लिए हाथों से केक बनाती है. लेकिन दूसरी ओर वो रजत की बेटी को घर में रखती है और उसकी सच्चाई सिर्फ विद्या को पता होती है. अब पार्टी में तमाशा शुरू होता है मेहर और मित्तल की एंट्री से, जिन्हें देख अभीरा गुस्सा हो जाती है. वहीं, दोनों मायरा के लिए डॉल हाउस वाला केक लाते है. ऐसे में अभीरा का मन खराब हो जाता है. लेकिन अरमान मायरा को समझता है और वो अभीरा का बनाया केक खाते है.
मेहर की सच्चाई आई सामने
वहीं, इस हफ्ते ड्रामा तब शुरू होता है जब पार्टी मे मित्तल और मेहर रजत की बेटी को देख लेते हैं और उसकी सच्चाई पूरे घरवालों को बता देते हैं. ऐसे में अरमान हैरान रह जाता है. तभी अभीरा उसे बताती है कि रजत का मर्डर सच में मेहर ने किया है और उसने केस में एक अपराधी का बचाया है. मेहर की सच्चार् जानकर अरमान गिल्ट में चला जाता है. ऐसे में दादी सा लेकर सभी घरवालें अरमान का समझाने की कोशिश करते लेकिन को खुद की जान लेने के बारे में भी सोचने लगता है. अब शो में आगे दिखाया जाएगा कि अरमान दोबारा मेहर का केस ओपन करने वाला है.
'तुम पागल हो, 'एक ब्राउन लड़की हॉलीवुड में', Priyanka Chopra को लेकर मैनेजर अंजुला ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Priyanka Chopra Manager Recalls Heartbreaking Early Days: बॉलीवुड की ‘देसी गर्ल’ प्रियंका चोपड़ा आज एक ग्लोबल सुपरस्टार हैं. जी हां, बीते एक दशक में उन्होंने हॉलीवुड में अपनी एक अलग और दमदार पहचान बनाई है. गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स से लेकर ऑस्कर अवॉर्ड्स के रेड कारपेट तक प्रियंका ने भारत का नाम रोशन किया है. लेकिन क्या यह सफर इतना आसान था? बिल्कुल नहीं.
साल 2015 में जब प्रियंका चोपड़ा ने हिंदी फिल्मों से दूरी बनाते हुए हॉलीवुड में कदम रखा और ABC स्टूडियोज के साथ टैलेंट-होल्डिंग डील साइन की, तो उनके इस फैसले की जमकर आलोचना हुई. थ्रिलर सीरीज ‘क्वांटिको’ में एलेक्स पैरिश के किरदार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. इसके बाद वह ‘द मैट्रिक्स 4’, ‘सिटाडेल’ जैसी बड़ी फ्रेंचाइज का हिस्सा बनीं और अब ‘द ब्लफ’ में नजर आने वाली हैं. हालांकि प्रियंका की मैनेजर अंजुला आचार्य का कहना है कि शुरुआत में उनके इस फैसले को लोगों ने ‘पागलपन’ तक कहा था.
"एक ब्राउन बॉलीवुड स्टार अमेरिका में सफल नहीं हो सकती”
‘द ओके स्वीटी शो’ में बातचीत के दौरान अंजुला आचार्य ने खुलासा किया कि जब उन्होंने प्रियंका चोपड़ा को साइन किया, तो इंडस्ट्री के कई लोगों को इस फैसले पर शक था. अंजुला ने कहा, “जब मैंने प्रियंका को साइन किया तो लोगों ने मुझसे कहा कि मैं बेवकूफ हूं. सब कह रहे थे- तुम एक ब्राउन बॉलीवुड स्टार को अमेरिका में सफल नहीं बना सकतीं.” अंजुला आगे बताती हैं कि उन्होंने इस बारे में इंटरस्कोप रिकॉर्ड्स के को-फाउंडर जिमी से बात की थी. उन्होंने कहा, “मैंने जिमी से कहा कि लोग मुझे पागल कह रहे हैं. तब उन्होंने कहा- जब मैं एमिनेम को लॉन्च करना चाहता था, तब भी सबने मुझे पागल कहा था.”
‘असिस्टेंट के असिस्टेंट’ से मिलना पड़ता था
अंजुला आचार्य ने प्रियंका के हॉलीवुड के शुरुआती संघर्ष के दिनों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि उस समय कोई भी फिल्ममेकर सीधे प्रियंका से मिलने को तैयार नहीं होता था. उन्होंने कहा, “हमें इंडस्ट्री में असिस्टेंट के असिस्टेंट से मिलना पड़ता था. प्रियंका जैसी सुपरस्टार के लिए यह बेहद दिल तोड़ने वाला अनुभव था.”
"यहां कोई आपको नहीं जानता"
अंजुला ने एक भावुक किस्सा साझा करते हुए कहा, “जरा सोचिए, आप अपने देश की बियॉन्से जैसी शख्सियत हैं, लेकिन यहां कोई आपको नहीं जानता. प्रियंका खुद अपना परिचय दे रही थीं और कह रही थीं - ‘आप नहीं जानते कि मैं कौन हूं, लेकिन मैं प्रियंका चोपड़ा हूं.’ मैं उनके साथ कैफेटेरिया में असिस्टेंट के असिस्टेंट से मिल रही थी. उस दिन मुझे उनके लिए बहुत दुख हुआ, लेकिन उन्होंने कभी अहंकार नहीं दिखाया.”
“प्रियंका ने मुझे विनम्र रहना सिखाया”
अंजुला आचार्य ने कहा कि प्रियंका के साथ काम करने से उन्हें विनम्रता का असली मतलब समझ आया. उन्होंने कहा, “कई बार मुझे लगता था कि हमें कुछ करने की जरूरत नहीं है, लेकिन प्रियंका कहती थीं - ‘नहीं, हमें करना है.’ कई मौकों पर मुझे लगा कि हम इन सबसे ऊपर हैं, लेकिन वह हमेशा कहती थीं - ‘नहीं, हम नहीं हैं.’”
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