UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा:अप्रैल तक लॉन्च होगा नया सिस्टम, इससे जरूरत के समय तुरंत पैसा मिल सकेगा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स को UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) से PF का पैसा निकालने की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है जिससे PF मेंबर्स सीधे UPI के जरिए अपना पैसा निकाल सकेंगे। केंद्रीय श्रम मंत्रालय इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है और इसे अप्रैल 2026 तक रोलआउट करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सुविधा के शुरू होने से क्लेम सेटलमेंट की लंबी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी और मेंबर्स को तुरंत फंड मिल सकेगा। UPI पिन डालते ही बैंक खाते में ट्रांसफर होगा पैसा सॉफ्टवेयर की खामियां दूर कर रहा है EPFO अभी पीएफ निकालने के लिए मेंबर्स को ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम फॉर्म भरना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है। हालांकि ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट मोड शुरू किया है, लेकिन इसमें भी कम से कम 3 दिन का समय लगता है। सूत्रों के मुताबिक, ईपीएफओ अभी सॉफ्टवेयर से जुड़ी कुछ तकनीकी दिक्कतों को दूर करने में जुटा है। इसके ठीक होते ही 8 करोड़ मेंबर्स को सीधा फायदा मिलेगा। नौकरी जाने पर एक महीने के बाद निकाल सकेंगे PF का 75% पैसा PF विड्रॉल के नियम के तहत अगर किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है तो वह 1 माह के बाद PF अकाउंट से 75% पैसा निकाल सकता है। इससे वह बेरोजगारी के दौरान अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। PF में जमा बाकी 25% हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है। PF निकासी इनकम टैक्स के नियम कर्मचारी को यदि किसी कंपनी में सेवाएं देते 5 साल पूरे हो जाते हैं और वो PF निकालता है तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं होती। 5 साल की अवधि एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकती है। एक ही कंपनी में 5 साल पूरे करना जरूरी नहीं। कुल अवधि कम से कम 5 साल होना जरूरी होता है।
बजट के दिन रविवार को भी खुलेगा शेयर बाजार:1 फरवरी को सामान्य दिनों की तरह ट्रेडिंग होगी, 9 साल बाद बनेगा 'वर्किंग संडे'
1 फरवरी, 2026 को रविवार होने के बावजूद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होगा। एक्सचेंजों ने शनिवार, 17 जनवरी को सर्कुलर जारी कर इसकी आधिकारिक घोषणा की है। सरकार के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है ताकि बजट घोषणाओं पर निवेशक रियल-टाइम में रिएक्ट कर सकें। 2017 के बाद पहली बार संडे को खुलेगा बाजार यह पिछले 9 सालों में पहला मौका होगा जब केंद्रीय बजट के लिए शेयर बाजार रविवार को खुलेगा। इससे पहले साल 2017 में भी 1 फरवरी को रविवार था और तब भी मार्केट में ट्रेडिंग हुई थी। आमतौर पर शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहता है, लेकिन बजट जैसी बड़ी आर्थिक घटनाओं के लिए एक्सचेंज 'स्पेशल ट्रेडिंग डे' घोषित करते हैं। सभी सेगमेंट में होगा काम, समय में कोई बदलाव नहीं NSE और BSE की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 1 फरवरी को इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी और कमोडिटी समेत सभी सेगमेंट्स में ट्रेडिंग होगी। बाजार का समय बिल्कुल सामान्य दिनों जैसा रहेगा: क्यों लिया गया यह फैसला? बजट में टैक्स स्लैब, कैपिटल एक्सपेंडिचर और सेक्टर से जुड़ी बड़ी घोषणाएं होती हैं। अगर रविवार को बाजार बंद रहता, तो निवेशकों को सोमवार का इंतजार करना पड़ता। इससे सोमवार को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव होने का डर रहता है। रविवार को मार्केट खुला रहने से निवेशक बजट के हर पॉइंट पर तुरंत अपनी रणनीति बना सकेंगे। सेटलमेंट साइकिल में कोई बदलाव नहीं एक्सचेंजों ने साफ किया है कि भले ही रविवार को ट्रेडिंग हो रही है, लेकिन क्लियरिंग और सेटलमेंट की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा। यह विशेष ट्रेडिंग डे फरवरी 2026 के हॉलिडे कैलेंडर का इकलौता अपवाद होगा। ट्रेडर्स को सलाह दी गई है कि वे रविवार के सत्र के लिए अपने सिस्टम और फंड की तैयारी पहले से कर लें।
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