New Zealand के खिलाफ T20 श्रृंखला से बाहर हुए Washington, बिश्नोई और अय्यर टीम में शामिल
लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई को शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला के लिए भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में चोटिल ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की जगह शामिल किया गया।
वाशिंगटन 21 जनवरी से नागपुर में शुरू होने वाली सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को भी न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए टीम में शामिल किया गया है क्योंकि तिलक वर्मा कमर की मांसपेशियों में खिंचाव (साइड स्ट्रेन) के कारण बाहर हो गए हैं।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बयान में कहा, ‘‘ऑलराउंडर (वाशिंगटन) न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। पुरुष चयन समिति ने रवि बिश्नोई को उनके स्थान पर नामित किया है। ’’
बिश्नोई ने 42 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 61 विकेट लिए हैं जिनमें से आखिरी मैच फरवरी 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। बीसीसीआई ने कहा, ‘‘वाशिंगटन सुंदर ने 11 जनवरी को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे के दौरान गेंदबाजी करते समय पसली के क्षेत्र में तेज दर्द की शिकायत की थी जिसके बाद उनका स्कैन कराया गया। ’’
वाशिंगटन अब ठीक होने के लिए बीसीसीाई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जाएंगे। इसमें कहा गया, ‘‘इसके बाद एक विशेषज्ञ से व्यक्तिगत रूप से सलाह ली गई। उन्हें ‘साइड स्ट्रेन’ का पता चला है और उन्हें कुछ दिनों के आराम की सलाह दी गई है जिसके बाद वह अपनी चोट के आगे के इलाज के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिपोर्ट करेंगे। ’’
भारत की अपडेट हुई टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम इस प्रकार है: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (पहले तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय), हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उप-कप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, ईशान किशन (विकेटकीपर), रवि बिश्नोई।
Kitchen Hacks: महंगे डिटर्जेंट-क्लीनर भी कर देगा फेल, बर्तन धोने का सालों पुराना फ्री का ये नुस्खा है कमाल
Traditional Dish Cleaning: लगभग 30 साल पहले गांव में डिटर्जेंट और साबुन उपलब्ध नहीं होते थे, इसलिए लोग बर्तन साफ करने के लिए पारंपरिक तरीके अपनाते थे, जो आज भी कई जगह इस्तेमाल होते हैं. गांव की महिलाएं धान की भूसी, धान की पराली और राख का उपयोग कर जले और काले बर्तनों को साफ करती थीं. धान की पराली को पहले छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर मरोड़ा जाता था ताकि बर्तन मांजना आसान हो जाए. उस समय मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने की वजह से बर्तन बहुत काले हो जाते थे, लेकिन इस देसी उपाय से थोड़ी मेहनत करके बर्तन आसानी से साफ हो जाते थे. ग्रामीणों के अनुसार यह तरीका बहुत असरदार और किफायती था, और इसे आज भी कई लोग बिना डिटर्जेंट वाले इस मुफ्त के उपाय का इस्तेमाल करते हैं.
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