BMC Election 2026 | महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों में चुनावी हिंसा! EVM रोकने की कोशिश और नेताओं पर हमले, कई शहरों में तनाव
महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों (Municipal Bodies) के चुनावों के नतीजों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी तनाव और हिंसा की खबरें सामने आई हैं। शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को मतगणना के दौरान कई शहरों में राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने यह जानकारी दी। यहां एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के वार्ड नंबर 146 में वंचित बहुजन आघाडी के उम्मीदवार सतीश राजगुरु की शिवसेना समर्थकों ने पिटाई की।
प्रमुख झड़पें और हिंसक घटनाएं
निकाय चुनावों के परिणामों की घोषणा के बीच महाराष्ट्र के कई जिलों से अराजकता की खबरें आईं:-
मुंबई (वार्ड 146): मुंबई के वार्ड नंबर 146 में वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के उम्मीदवार सतीश राजगुरु पर शिवसेना समर्थकों द्वारा हमला किए जाने की खबर है। पुलिस के अनुसार, राजगुरु की बेरहमी से पिटाई की गई।
छत्रपति संभाजीनगर (लाठीचार्ज): यहाँ एक मतगणना केंद्र पर स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में पूर्व महापौर और शिवसेना नेता विकास जैन समेत कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने मौके पर पहुंचकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
ठाणे (EVM बस रोकने का प्रयास): मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में शिवसेना और एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। मनपाड़ा मतगणना केंद्र के पास उत्तेजित भीड़ ने ईवीएम (EVM) ले जा रही बसों को रोकने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया।
अमरावती (सांप्रदायिक तनाव और दहशत): अमरावती के सूत गिरनी केंद्र पर दो गुटों में टकराव हुआ। वहीं, नागपुरी गेट क्षेत्र में AIMIM उम्मीदवार के घर के बाहर NCP समर्थकों ने इकट्ठा होकर नारेबाजी और हंगामा किया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
नवी मुंबई (नेरुल): नेरुल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर एक शिवसेना नेता के कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा है, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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जानकारी विस्तार से
अधिकारी ने बताया कि वहीं ठाणे में मतगणना प्रक्रिया के दौरान शिवसेना उम्मीदवार मीनाक्षी शिंदे के समर्थकों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जबकि समर्थकों के एक समूह ने मनपाड़ा मतगणना केंद्र के पास ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन’ (ईवीएम) ले जा रही बसों को रोकने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘‘अमरावती में सूत गिरनी मतगणना केंद्र के बाहर दो गुटों के बीच झड़प हुई। अमरावती में ही एक अन्य घटना में, लालखाड़ी चौक के नागपुरी गेट स्थित एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) उम्मीदवार के आवास के बाहर राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) समर्थकों का एक समूह इकट्ठा हो गया और उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अराजकता फैलाई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।’’
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छत्रपति संभाजीनगर शहर की पुलिस ने शुक्रवार को एक मतगणना केंद्र स्थल पर लाठीचार्ज किया, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व महापौर और शिवसेना नेता विकास जैन और कुछ अन्य लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट मतगणना केंद्र पहुंचे तथा इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेरुल में एक शिवसेना नेता के कार्यालय में कथित तौर पर तोड़फोड़ की, जिसके बाद कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Suvendu Adhikari ने Mamata Banerjee पर ठोका 100 करोड़ का मानहानि केस कोयला घोटाले के आरोपों पर छिड़ी कानूनी जंग
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और कानूनी लड़ाई में एक बड़े मोड़ के तहत, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर ₹100 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा 16 जनवरी, 2026 को कोलकाता की अलीपुर कोर्ट में दायर किया गया है। यह कानूनी कार्रवाई ममता बनर्जी द्वारा 8 और 9 जनवरी, 2026 को दिए गए सार्वजनिक बयानों के कारण हुई है। इन भाषणों के दौरान, मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक अवैध कोयला तस्करी रैकेट से जोड़ा था।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अधिकारी ने कहा कि बनर्जी को भेजे गए मानहानि नोटिस का जवाब न मिलने के बाद उन्होंने यहां अलीपुर में दिवानी न्यायाधीश, सीनियर डिवीजन की अदालत में मुकदमा दायर किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ममता बनर्जी, मैं अपने वचनों का सम्मान करता हूं जबकि आप मुद्दों और लोगों को भ्रमित करती हैं।
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कथित कोयला घोटाले में मेरी संलिप्तता को लेकर आपके घृणित और मनगढ़ंत आरोपों के संबंध में भेजे गए मानहानि नोटिस पर आपकी भ्रामक चुप्पी आपको इस स्थिति से उबरने में मदद नहीं करेगी।’’ अधिकारी ने उनके द्वारा दायर वाद के पंजीकरण की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “मैंने आपकी धोखेबाज़ साज़िश को लेकर आपको अदालत तक घसीटने का अपना वादा निभाया और आज आपके खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया।
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राजनीतिक संदर्भ और समय
इस मुकदमे का समय बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पश्चिम बंगाल 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है। यह कानूनी टकराव एक हफ्ते के भारी तनाव के बाद हुआ है, जिसमें पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस पर ED की रेड भी शामिल है, जिसका मुख्यमंत्री ने कड़ा विरोध किया था।
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