विप्रो को ₹3,119 करोड़ का मुनाफा, सालाना 7% गिरा:तीसरी तिमाही में रेवेन्यू 5.5% बढ़कर ₹23,556 करोड़ पहुंचा; ₹6 का डिविडेंड देगी कंपनी
IT सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी विप्रो का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7% गिरकर 3,119 रुपए करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में ये 3,354 करोड़ रुपए रहा था। विप्रो ने आज गुरुवार (16 जनवरी) को फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) यानी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। विप्रो के रिजल्ट से जुड़ी 3 बड़ी बातें: FY26 की तीसरी तिमाही में विप्रो को ₹3,119 करोड़ का मुनाफा सालाना आधार पर तिमाही आधार पर नोट: आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। नतीजों में आम आदमी के लिए क्या रहा? अगर आपके पास विप्रो के शेयर हैं, तो कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को प्रति शेयर 6 रुपए के अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) को भी मंजूरी दी है। कंपनियां अपने शेयरधारकों को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं। टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसलटिंग कंपनी है विप्रो विप्रो लिमिटेड एक लीडिंग टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसलटिंग कंपनी है। 65 देशों में इसकी प्रेजेंस है। अजीम प्रेमजी को 1966 में 21 साल की उम्र में अपने पिता से विप्रो का कंट्रोल विरासत में मिला था। उनकी लीडरशिप में, विप्रो ने वनस्पति तेल के उत्पादन से लेकर आईटी सर्विसेज, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन और कंसल्टिंग सर्विसेज देने तक डायवर्सिफिकेशन किया। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।
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