धनबाद की 2 छात्राओं ने बनाया अनोखा पेंट, प्रदूषण देखकर बदलता है रंग, जानिए कैसे करता है काम?
Viral Video: अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि वे जिस हवा में सांस ले रहे हैं, वह कितनी साफ है. प्रदूषित हवा कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है. इसी सोच के साथ धनबाद की दो बाल वैज्ञानिकों ने एक अनोखा पेंट तैयार किया है. यह पेंट दीवार पर लगाने से ही हवा में मौजूद प्रदूषण का संकेत देने लगता है. चलिए आपको बताते हैं इस पेंट की खासियत और ये कैसे काम करता है.
बायोसिग्नल पेंट की खासियत
डिगवाडीह क्षेत्र की छात्राएं स्वरा और अव्या ने इस पेंट को “बायोसिग्नल पेंट” नाम दिया है. यह पेंट शुरू में बैंगनी रंग का दिखाई देता है. जैसे ही हवा में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है, इसका रंग हरा हो जाता है. जब गैस का स्तर कम होता है, तो पेंट फिर से अपने पुराने रंग में लौट आता है.
कैसे काम करता है ये पेंट?
यह पेंट लाल पत्तागोभी के जूस और जिलेटिन से बनाया गया है. इसमें मौजूद एंथोसायनिन नाम का तत्व pH के अनुसार रंग बदलता है. जब हवा में हानिकारक गैसें बढ़ती हैं, तो पेंट का रंग बदलकर चेतावनी देता है. यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित है.
आइडिया कैसे आया?
स्वरा ने बताया कि उनके इलाके में खनन के कारण धूल और गैसों से हवा खराब रहती है. सांस लेना मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या को देखकर उन्हें यह उपाय सूझा. उनके पिता, जो खुद वैज्ञानिक हैं, ने इस प्रयोग में उनकी मदद की.
पर्यावरण के लिए मददगार पहल
अव्या का कहना है कि यह पेंट बनाना बहुत आसान है. बस पत्तागोभी को उबालकर उसका रस निकालना होता है. फिर उसमें जिलेटिन मिलाया जाता है. सूखने के बाद यह पेंट किसी भी सतह पर लगाया जा सकता है. स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है. उनका कहना है कि यह पेंट आम लोगों को प्रदूषण के प्रति जागरूक करेगा. साथ ही खुद को सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा.
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बांग्लादेश में नहीं थम रही अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, हिंदू टीचर के घर को किया आग के हवाले
ढाका, 16 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में कट्टरपंथियों के मन से कानून का भय पूरी तरह से खत्म हो चुका है। ताजा मामले में सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला में एक हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डेके घर में आग लगा दी गई।
इसकी वजह से पीड़ित के परिवार और आसपास के लोगों में डर और घबराहट फैल गई। हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि घर में तेजी से आग की लपटें दिख रही थीं और परिवार के सदस्य भागने की कोशिश कर रहे थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला के नंदिरगांव यूनियन के बहोर गांव में इस्लामी समूह ने कथित तौर पर एक स्कूल टीचर के घर में आग लगा दी।
एक अन्य मामले में इस हफ्ते की शुरुआत में फेनी जिले के दगनभुइयां उपजिला में बदमाशों ने एक हिंदू शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। 27 साल के ऑटो रिक्शा ड्राइवर समीर दास की लाश सोमवार को बांग्लादेश के जगतपुर गांव के खेत से मिली।
परिवार वालों और पुलिस के हवाले से बांग्लादेश के अखबार डेली मनोबकांठा ने बताया कि समीर रविवार शाम को अपने ऑटो रिक्शा से निकला था। जब वह देर रात तक घर वापस नहीं आया, तो उसके रिश्तेदारों ने उसे अलग-अलग जगहों पर ढूंढना शुरू कर दिया।
बाद में, वहां के लोगों को उपजिला के सदर यूनियन के तहत जगतपुर गांव के एक खेत में समीर की बॉडी मिली। खबर मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया।
यह 24 दिनों में नौवीं घटना थी, जिसमें पूरे बांग्लादेश में हिंदू समुदायों को निशाना बनाकर हिंसा को अंजाम दिया गया। ऐसे हालात को लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जाहिर की जा रही है।
इससे पहले 9 जनवरी को भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर बार-बार होने वाले हमलों के परेशान करने वाले पैटर्न पर गहरी चिंता जताई थी।
भारत ने कहा था कि वह पड़ोसी देश में स्थिति पर नजर रख रहा है और उम्मीद करता है कि सांप्रदायिक हिंसा की ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटा जाएगा।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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