स्टार्टअप डे : 'गुरु' से 'बैंड बाजा बारात' तक, इन फिल्मों में दिखती है सपने, जोखिम और सफलता की कहानी
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। सपने देखना महज आंख बंद करना नहीं होता बल्कि उसे देखने के बाद खून-पसीने के साथ सुख-चैन को भी एक किनारे करना पड़ता है। आज नेशनल स्टार्टअप डे है। इस दिन का मकसद भारत में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना और नए-नए आइडियाज से दुनिया बदलने वाले युवाओं को सम्मान देना है। स्टार्टअप सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि सपने, इनोवेशन, जोखिम और ग्रोथ की कहानी है और यही स्टोरी कुछ चुनिंदा फिल्मों में भी दिखती है।
स्टार्टअप डे : 'गुरु' से 'बैंड बाजा बारात' तक, इन फिल्मों में दिखती है सपने, जोखिम और सफलता की कहानी
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। सपने देखना महज आंख बंद करना नहीं होता बल्कि उसे देखने के बाद खून-पसीने के साथ सुख-चैन को भी एक किनारे करना पड़ता है। आज नेशनल स्टार्टअप डे है। इस दिन का मकसद भारत में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना और नए-नए आइडियाज से दुनिया बदलने वाले युवाओं को सम्मान देना है। स्टार्टअप सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि सपने, इनोवेशन, जोखिम और ग्रोथ की कहानी है और यही स्टोरी कुछ चुनिंदा फिल्मों में भी दिखती है।
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