Madhya Pradesh के Kanha National Park में तेंदुए मृत मिला
मध्यप्रदेश के मंडला जिले स्थित कान्हा बाघ अभयारण्य में बृहस्पतिवार को एक मादा तेंदुए मृत मिला। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि किसी बाघ के हमले में तेंदुए की मौत हुई है क्योंकि मृतक वन्य जीव के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं।
कान्हा बाघ अभयारण्य के क्षेत्रीय निदेशक रविंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि किसली वन परिक्षेत्र के साजानाला क्षेत्र में आने वाले डिगडोला बीट में वनकर्मियों ने सबसे पहले मृत तेंदुए को देखा।
उन्होंने बताया कि आसपास बाघ के पदचिह्न और घसीटने के निशान भी पाए गए हैं, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि तेंदुए की मौत वन्यजीव द्वंद्व का नतीजा है। त्रिपाठी ने कहा कि घटनास्थल को सुरक्षित किया गया है और श्वान दस्ते की सहायता से आसपास छानबीन की जा रही है।
उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में तेंदुए का अंतिम संस्कार किया। अधिकारी ने बताया कि मृत तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं और उसके शरीर पर बाघ के दांत और चेहरे के पास खून के निशान पाए गए हैं।
I-PAC raid: उच्च न्यायालय ने भाजपा को राज्य सचिवालय के सामने आंदोलन की नहीं दी अनुमति
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबान्न के सामने प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया जबकि उसे पास के बस स्टैंड पर धरना देने की अनुमति दे दी।
राज्य सचिवालय में ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यालय स्थित है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के 50 विधायकों की भागीदारी के साथ होने वाले इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में कथित हस्तक्षेप और ‘राज्य के सरकारी तंत्र के दुरुपयोग’ का विरोध करना है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आठ जनवरी को कथित कोयला चोरी घोटाले के संबंध में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसर में की गई उसकी जांच और तलाशी अभियान में पश्चिम बंगाल सरकार, जिसमें बनर्जी भी शामिल हैं, द्वारा हस्तक्षेप और बाधा डालने का आरोप लगाया है।
सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक व याचिकाकर्ता शंकर घोष ने हावड़ा शहर में नबान्न के सामने शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
न्यायमूर्ति सुर्वा घोष ने हालांकि उन्हें सचिवालय के सामने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी। अदालत ने प्रदर्शन के लिये पास के मंदिरतला बस स्टैंड की जगह निर्धारित की है जो सचिवालय से करीब 600 मीटर दूर है।
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