सपा के 'पीडीए रथ' पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने साधा निशाना, पूछा- क्या मुस्लिमों से उठ गया भरोसा
Mayawati: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी 24 सितंबर से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं. इसकी शुरुआत 'पीडीए रथ' के साथ की जाएगी. जिसके जरिए अखिलेश यादव रायबरेली में हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी के आवास पर पहुंचेंगे. सपा ने पूरा कार्यक्रम तय कर लिया है. पार्टी ने इस दौरे के लिए विशेष रूप से एक मल्टी-एक्सल बस का इंतजाम किया है. इस बस में तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. इसी बस को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा पर तंज कसा है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने आरोप है कि सपा मुखिया ने लाल रंग छोड़कर भगवा ओढ़ लिया है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अखिलेश का पीडीए रथ आरएसएस और बीजेपी के का भगवाकरण है. उन्होंने कहा कि ये साफ दिखाता है कि मुसलमानों पर सपा का वोट पाने का भरोसा उठ गया है. इसके साथ ही मायावती ने दावा किया कि अपरकास्ट खासकर ब्राह्मण समाज और मुस्लिम भी बीएसपी के पक्ष में बदल रहे हैं.
क्या सपा से उठ गया मुसलमानों का भरोसा?
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा, "यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख का प्रचारित 'पीडीए रथ' सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस/बीजेपी के 'भगवा' रंग का ज्यादा है. तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है?"
1. यूपी के आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी हेतु समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख का प्रचारित ’पीडीए रथ’ सपा के अपने लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के ’भगवा’ रंग का (भगवाकरण) ज़्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर गिरगिट की तरह लगातार…
— Mayawati (@Mayawati) September 21, 2026
'मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरा अहसास'
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने आगे लिखा, "वैसे भी यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी यूपी व केन्द्र की सत्ता में बीजेपी को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाए और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बीएसपी के पक्ष में बदल रहे हैं."
राज्य में सर्वसमाज के हित और कल्याण की जरूरत- मायावती
मायावती ने कहा कि बीएसपी यूपी में यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहां कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है. उन्होंने कहा कि जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख्त जरूरत भी है.
'सपा को बतानी चाहिए पीडीए की हकीकत'
उन्होंने आगे लिखा, "इसके साथ ही, सपा को यह भी जनता को जरूर बता देना चाहिए कि अब इनके 'पीडीए' की असली वास्तविकता क्या है? क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी 'पीडी' को 'पिछड़ा, दलित' बताया तो कभी 'पीडी' को 'पण्डित' बताया है और कभी अपने आपको 'अम्बेडकरवादी' दर्शाने के चक्कर में बीएसपी का 'नीला' रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है." उन्होंने कहा कि लेकिन इसको लोगों ने तुरंत फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया.
सपा सुप्रीमो ने कहा कि जबकि इसके विपरीत, बीएसपी सर्वसमाज हेतु 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है. उन्होंने कहा कि सभी को रोटी-रोजगार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है. इसीलिये सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है.
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बिहार में बदसलूकी! जमुई में बाइक से जा रहे नाबालिग छात्र-छात्रा से बैड टच, वीडियो वायरल
Jamui Viral Video Case: बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी और छात्रा से अभद्र व्यवहार का वीडियो सामन आया है. इंटरनेट पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया. जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है.
बता दें कि 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र और छात्रा स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया. आरोप है कि युवकों ने दोनों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की. इसी दौरान छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया. घटना के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचा और पुलिस ने जांच शुरू कर दी.
POCSO एक्ट में केस दर्ज
पुलिस ने मामले में आरोपितों की पहचान किए जाने की बात कही है. अधिकारियों के निर्देश पर आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. नाबालिगों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने POCSO एक्ट के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की है.
डीएम ने दिखाई सख्ती
घटना को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की हरकतों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासन की ओर से मामले में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
स्थानीय लोगों ने भी जताया रोष
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. पुलिस अब घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के साथ यह भी पता लगा रही है कि वीडियो किसने बनाया और इसे सोशल मीडिया पर किस तरह प्रसारित किया गया.
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