Rajasthan Nikay Chunav 2026 Live: आज 273 निकायों को मिलेंगे अध्यक्ष, कांग्रेस ने 18 पार्षदों को वोटिंग से रोकने का लगाया आरोप
Rajasthan Nikay Chunav 2026 Live: राजस्थान में आज नगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए मतदान हो रहा है. 273 निकायों में मेयर, सभापति और चेयरमैन चुने जाने हैं. मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा और इसके तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी. उदयपुर, बीकानेर, अलवर, पाली और अजमेर नगर निगम के मेयर पद के अलावा 41 नगर परिषदों में सभापति और 262 नगर पालिकाओं में चेयरमैन का चुनाव हो रहा है.
इस बीच तिजारा नगर परिषद के चुनाव को लेकर विवाद सामने आया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बाड़ेबंदी से लौट रहे उसके 18 पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने रोककर हिरासत में लिया. कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने इसके विरोध में धरना दिया और चुनाव प्रक्रिया रद्द करने की मांग की. हालांकि, इस आरोप पर प्रशासन की आधिकारिक स्थिति का इंतजार है.
बीकानेर में बढ़ी हलचल
बीकानेर मेयर चुनाव से पहले नवनिर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष सुनवाई करते हुए राहत दी है. इससे चुनाव से पहले बीकानेर की सियासत में भी हलचल बढ़ गई है. राजस्थान में पार्षदों के चुनाव परिणाम आने के बाद से ही मेयर और चेयरमैन पदों को लेकर दोनों प्रमुख दलों ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी की थी. कांग्रेस पहले भी आरोप लगा चुकी है कि कुछ जगहों पर पुलिस के जरिए पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर जवाब दिया गया है.
बंगाल उपचुनाव पर बड़ा अपडेट! अब इस पार्टी ने भाजपा के सामने मैदान छोड़ने का किया ऐलान
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले एक बड़ा सियासी ट्विस्ट सामने आया है. दरअसल, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के मुखिया हुमायूं कबीर ने ऐलान किया है कि वे रेजीनगर सीट पर चुनाव प्रचार नहीं करेंगे, भले ही इस सीट से उनके अपने बेटे गुलाम नबी आजाद पार्टी उम्मीदवार हैं.
हुमायूं कबीर ने प्रचार से दूरी क्यों बनाई?
अभी तक की जानकारी के मुताबिक हुमायूं कबीर ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह फैसला लिया है. उनका कहना है कि पुलिस उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है और गिरफ्तार कर रही है इसी वजह से उन्होंने रेजीनगर में जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार न करने का फैसला किया है.
People will support BJP in bypolls as they did during assembly elections: West Bengal Minister Dilip Ghosh#BJP #DilipGhosh #Congress
— ANI Digital (@ani_digital) September 20, 2026
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क्या यह फैसला अचानक लिया गया या इसके पीछे कोई और वजह भी है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हुमायूं कबीर को हाल ही में एक विवादित ऑडियो क्लिप मामले की जांच के सिलसिले में बहरमपुर पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया था. बताया जा रहा है कि पुलिस इस ऑडियो को सांप्रदायिक तनाव भड़काने की संभावित साजिश के तौर पर जांच रही है. जिस पर हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है, लेकिन इसी घटनाक्रम के बाद उन्होंने प्रचार से दूरी बनाने का फैसला किया
क्या उनके बेटे भी प्रचार से पीछे हट गए हैं?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ हुमायूं कबीर ही नहीं बल्कि उनके बेटे और पार्टी उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद ने भी जमीनी स्तर पर प्रचार अभियान से दूरी बनाने का संकेत दिया है. पश्चिम बंगाल के अखबारों में प्रकाशित खबरों के अनुसार यह स्थिति पार्टी के लिए वाकई चौंकाने वाली मानी जा रही है क्योंकि मतदान से ठीक पहले प्रचार से हटना किसी भी उम्मीदवार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है.
#WATCH | Cooch Behar: On the by-election, West Bengal Minister Dilip Ghosh says, "The election will be held peacefully and in an open atmosphere; just as the public supported the BJP in the general elections, the same will happen in the by-election... It is unclear where the… pic.twitter.com/DI6ZAvYDQE
— ANI (@ANI) September 20, 2026
क्या इस सीट पर पहले भी कोई गिरफ्तारी हुई है?
जानकारी के मुताबिक रेजीनगर से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद ही हुमायूं कबीर ने यह बड़ा फैसला लिया है. सैफुल इस्लाम को उपचुनाव में जमकर प्रचार करना था लेकिन गिरफ्तारी के बाद हालात बदल गए. ऐसा माना जा रहा है कि इसी घटना ने हुमायूं कबीर को प्रचार से हटने के फैसले तक पहुंचाया है.
भाजपा नेतृत्व की तरफ से इस पर क्या प्रतिक्रिया आई है?
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर की टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर हुमायूं कबीर सीधे तौर पर किस आधार पर धमकी जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैंत्र शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासन और चुनाव आयोग से जरूरत पड़ने पर हुमायूं कबीर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है.
हुमायूं कबीर और रेजीनगर सीट का क्या रिश्ता है?
हुमायूं कबीर खुद 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नवादा और रेजीनगर दोनों सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों पर जीत दर्ज की थी. बता दें कि नियमानुसार एक नेता एक साथ दो सीटों की विधायकी नहीं रख सकता है. इसलिए उन्हें रेजीनगर सीट खाली करनी पड़ी जिसके चलते अब यहां उपचुनाव हो रहा है. इसी खाली सीट से अब उनके बेटे गुलाम नबी आजाद चुनावी मैदान में हैं.
नंदीग्राम और रेजीनगर में मतदान कब होगा?
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. की दोनों ही अहम सीट राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं और इनके नतीजे राज्य की सियासत पर गहरा असर डाल सकते हैं.
#WATCH | Kolkata, West Bengal | On Congress candidate Milan Pradhan arrested ahead of Nandigram bypoll, TMC MLA Sobhandeb Chattopadhyay says, “…This is all just a pretext… How has he been moving around freely for 19 years?.. Why wasn't he arrested? He got arrested only when he… pic.twitter.com/FLBwYBhbNl
— ANI (@ANI) September 19, 2026
क्या गुलाम नबी आजाद ने पहले किसी और रणनीति की बात कही थी?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नामांकन दाखिल करने के समय गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि इस चुनाव में प्रचार के लिए किसी बड़े सेलिब्रिटी चेहरे को नहीं उतारा जाएगा बल्कि सिर्फ क्षेत्रीय और बूथ स्तर के स्थानीय नेता ही प्रचार करेंगे उस समय उन्होंने अपने पिता हुमायूं कबीर को ही पार्टी का सबसे बड़ा स्टार प्रचारक बताया था लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं.
#WATCH | On West Bengal CM claiming BJP win by margin of 50,000 votes in Nandigram bypoll, TMC MP Saugata Roy says, "What can I say? We are a political party; we have fielded a candidate, and then see what happens." pic.twitter.com/jd9kBxXn47
— ANI (@ANI) September 16, 2026
क्या इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा से ही माना जा रहा है?
गुलाम नबी आजाद पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि रेजीनगर सीट पर उनकी पार्टी का मुख्य मुकाबला भाजपा से है. उनका मानना है कि इस सीट पर कोई अन्य पार्टी बड़ा फैक्टर साबित नहीं होगी.
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