Health Tips: रोज का सफर कहीं आपकी रीढ़ पर तो नहीं डाल रहा दबाव? ये 7 छोटी आदतें आएंगी काम
Spine Care Tips: शहरों में रहने वाले लोगों के लिए रोज का सफर जिंदगी का हिस्सा है। बस, ट्रेन, कार या बाइक से आने-जाने के दौरान कई बार हम अपनी बैठने की पोजीशन और शरीर के पोश्चर पर ध्यान नहीं देते। लंबे समय तक ऐसा करने पर पीठ, गर्दन और कंधों में परेशानी महसूस हो सकती है। रोज के सफर में रीढ़ को सुरक्षित रखने के लिए ये 7 छोटी-छोटी आदतें आपके काम आएंगी।
1. बैग में जरूरत से ज्यादा सामान न रखें
भारी बैग लंबे समय तक उठाने से कंधों और पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कोशिश करें कि बैग हल्का हो और उसका वजन दोनों कंधों पर बराबर बंटे।
2. बाइक पर लंबे सफर से बचें
रोजाना लंबे समय तक दोपहिया वाहन चलाने पर शरीर को लगातार झटके और एक ही पोश्चर में रहने की परेशानी हो सकती है। संभव हो तो लंबे सफर के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें।
3. बस में सीट चुनते समय ध्यान दें
बस से सफर करते हैं तो ऐसी सीट चुनें जहां पीठ को ठीक से सहारा मिल सके। लंबे समय तक बिना बैक सपोर्ट के बैठने से कमर पर दबाव बढ़ सकता है।
4. कार की सीट सही तरीके से सेट करें
कार चलाते समय सीट की पोजीशन ऐसी रखें कि पीठ को पूरा सपोर्ट मिले और आपको आगे की ओर झुककर ड्राइव न करना पड़े। जरूरत हो तो कमर के पीछे छोटा लंबर सपोर्ट भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
5. फोन देखते समय गर्दन न झुकाएं
सफर के दौरान लगातार फोन नीचे करके देखने से गर्दन और ऊपरी पीठ पर खिंचाव बढ़ सकता है। फोन को आंखों के करीब ऊंचाई पर रखने की कोशिश करें और बीच-बीच में स्क्रीन से नजर हटाएं।
6. जहां संभव हो, सफर का तरीका बदलें
अगर रोजाना लंबे समय तक बाइक या कार से सफर करना पड़ता है, तो कभी-कभी मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना शरीर को एक ही पोश्चर में रहने से राहत दे सकता है।
7. पीक ऑवर की भीड़ से बचने की कोशिश करें
ट्रेन या बस से सफर करते हैं तो संभव हो तो बहुत ज्यादा भीड़ वाले समय से बचें। इससे लंबे समय तक असुविधाजनक स्थिति में खड़े रहने या शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ने की स्थिति कम हो सकती है।
छोटी आदतें, सफर में बड़ा बदलाव
रोज के सफर को पूरी तरह बदलना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, लेकिन छोटी-छोटी आदतों में बदलाव किया जा सकता है। सही पोश्चर, हल्का बैग, फोन इस्तेमाल करने का सही तरीका और बीच-बीच में ब्रेक जैसी बातें रोजाना के सफर में रीढ़ पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद कर सकती हैं।
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Canada को EU का सहयोगी सदस्य बनाने की पहल, Emmanuel Macron ने किया समर्थन
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मुलाकात की और उनके देश को यूरोपीय संघ (ईयू) का पहला सहयोगी सदस्य बनाए जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने रविवार को फ्रांस के क्षेत्र सेंट-पियरे-ए-मिकलॉन में मुलाकात के दौरान अंतरिक्ष, रक्षा, ऊर्जा और कारोबार समेत विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमति जताई। यह मुलाकात कनाडा के अमेरिका के साथ संबंधों में गिरावट के बीच उसके यूरोप की ओर तेजी से बढ़ते झुकाव के लिहाज से खास महत्व रखती है।
कार्नी के साथ खड़े मैक्रों ने कहा, ‘‘हम यूरोपीय संघ के साथ कनाडा के संबंध और मजबूत करने की इस पहल का पूरा समर्थन करते हैं। इसमें कनाडा को संघ का सहयोगी सदस्य बनाने के साथ ही उसे व्यापक यूरोपीय समुदाय से पूरी तरह जोड़ना भी शामिल है।’’ कार्नी ने कहा कि कनाडा और फ्रांस के मूल्य साझा हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी अंतरिक्ष एजेंसियों और रक्षा मंत्रालयों को प्रक्षेपण प्रणालियों एवं जमीन पर स्थित सिग्नल ग्रहण केंद्रों समेत बुनियादी ढांचा विकसित करने और साझा करने का जिम्मा देंगे।
दोनों देशों ने ऊर्जा, दूरसंचार, जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने की क्षमता और आर्थिक विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इससे कुछ दिन पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कनाडा को ईयू का पहला सहयोगी सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा था। कार्नी ने इस संभावना का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि यूरोप के साथ गहरे संबंध कनाडा को अधिक विकल्प देंगे और उसे किसी एक देश के आर्थिक दबाव के प्रति कम संवेदनशील बनाएंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क, आर्थिक रियायतों की मांग और कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बार-बार की गई बातों ने कनाडा के यूरोप की ओर झुकाव को और तेज किया है। ट्रंप ने हाल में सोशल मीडिया पर एक ऐसा नक्शा भी साझा किया था, जिसमें कनाडा और सेंट-पियरे-ए-मिकलॉन समेत पूरे उत्तरी अमेरिका पर अमेरिकी झंडा दिखाया गया था।
मैक्रों ने रविवार को सेंट-पियरे-ए-मिकलॉन के हवाई अड्डे पर कार्नी का स्वागत किया। मैक्रों ने यह भी कहा कि रविवार की वार्ता ऐसे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई बाधाओं और ईंधन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की आशंकाओं के बीच फ्रांस के लिए तेल एवं गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। मैक्रों ने कहा, ‘‘कनाडा के पास महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों के बड़े भंडार हैं।
वह तेल और प्राकृतिक गैस का भी एक प्रमुख उत्पादक है।’’ कार्नी के कार्यालय ने एक बयान में बताया कि दोनों नेताओं ने एयरोस्पेस, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और क्वांटम कंप्यूटिंग, उपग्रहों तथा सुपरकंप्यूटिंग जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों पर भी चर्चा की। कार्नी रविवार देर रात ओटावा लौटे, जहां उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टॉर के साथ रक्षा, आर्कटिक सुरक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा की। वह सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होंगे।
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