एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान ने दिखाया अपना अंदाज, पाकिस्तानी अधिकारी को बुलाकर रगड़ दिया
पाकिस्तान ने चोरी छिपकर आधी रात अफगानिस्तान के कुछ इलाकों पर बमबारी की और उसमें मासूमों की जान चली गई। । यूएन ने भी जानकारी दी है कि हमला हुआ था इसमें आम नागरिकों की मौत हुई है। अब इसको लेकर पाकिस्तान की सेना मुनीर की सेना एकदम एक्सपोज हो गई है। इसको लेकर अब तालिबान की जो सरकारबहुत बुरी तरह से भड़की हुई है पाकिस्तान पर और तालिबान के विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी दी कि पाकिस्तान को बुलाकर डांट लगाई गई है। काबुल में जो विदेश मंत्रालय है तालीबान का उसने बताया कि पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी जो है चार्ज अफेयर्स जो हैं उनको तलब किया गया और एक विरोध पत्र सौंपा गया। ये पत्र पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और कुनार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के इलाकों और सुविधाओं पर किए गए हवाई हमलों के संबंध में था। अफगानिस्तान का इस्लामिक अमीरात इन हमलों को अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन मानता है और इसकी कड़ी से कड़ी शब्दों में निंदा करता है।
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इस्लामिक अमीरात एक बार फिर उन दावों को पूरी तरह से खारिज करता है जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान में हाल में जो सुरक्षा घटनाएं अफगानिस्तान की धरती से जुड़ी हैं जो घटी हैं। इसके अलावा इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफगानिस्तान का मानना है कि ऐसे बेबुनियाद दावे करना उनके अधिकार पर सैन्य कारवाई को सही ठहराना तथ्यों को तोड़ मरोड़ो कर पेश करना और जनता की राय को गुमराह करने की कोशिश है। तालीबान का विदेश मंत्रालय कहता है कि अपनी सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों को हल करने के लिए पाकिस्तान को दूसरे देशों पर दोष मड़ने और अपने आंतरिक समस्याओं को बाहरी कारकों से जोड़ने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों और वास्तविक कारणों की पहचान करने और उन्हें सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। एक तरीके से जो कुछ हाल में घटना घटित हुई खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस वालों को निशाना बनाया गया जहां भारी लड़ाई हुई टीटीपी के लड़ाकों से उसके एवज में पाकिस्तान की जो मुनीर सेना है उसने हमला करने का फैसला किया अफगानिस्तान के अंदर उस पर मामला भड़क गया है। एक तरफ जो तालीबान के प्रवक्ता हैं जबी उल्ला मुजाहिद उन्होंने यह ऐलानिया कहा है कि इसका बदला लेकर रहेंगे और दूसरी तरफ विदेश मंत्रालय जो तालीबान का है वो पाकिस्तानी दूतावास को बुलाकर डांट रहा है फटकार रहा है।
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गौरतलब है कि पाकिस्तानी वायुसेना के लाखों विमानों ने अफगानिस्तान की सीमा के अंदर घुसकर कई इलाकों में एयर स्ट्राइक्स को अंजाम दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 21 सितंबर तड़के सुबह पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने पूर्वी अफगानिस्तान के कुनार और पातिका प्रांत में भारी बमबारी की है। तो न्यूज़ और स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कुनार प्रांत में इस हवाई हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। अफगानी मीडिया और स्थानीय सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने रात के अंधेरे में करीब 3:30 पर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए रिहाइशी इलाकों को अपना निशाना बनाया है। जिसमें लोगों की मौत भी हुई है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। अगर हम बात करें कुनार प्रांत की तो कुनार के नूरगुल जिले के पतंग इलाके में पाकिस्तानी जज ने बम गिराए हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक वहां पर एक आम नागरिक नूर मोहम्मद के घर पर सीधा बम गिरा। जिससे उनका घर पूरी तरीके से मलबे में तब्दील हो गया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है और कई सारे लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोग मलबे के बीच से बम के टुकड़े और अवशेष निकालते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
Trump VS Media: अमेरिकी चैनलों ने लाइव कवरेज रोकी, जवाब में व्हाइट हाउस ने ‘ट्रम्प TV’ ही लॉन्च कर दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर एक नए हेलीपैड का उद्घाटन किया, लेकिन इस समारोह को लाइव देख रहे लोग उनकी बात मुश्किल से ही सुन पाए। हेलीकॉप्टर की आवाज़ ने शुरू से आखिर तक उनकी बातों को दबा दिया। ABC, CBS, Fox News और NBC द्वारा ट्रंप के कार्यक्रमों की अपनी साझा टेलीविज़न पूल कवरेज रोकने के कुछ घंटों बाद ही ऑडियो में खराबी आ गई। यह ट्रंप के उस फ़ैसले के बाद हुआ जिसमें उन्होंने CNN, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस परिसर में आने से रोक दिया था। दरअसल, इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी मीडिया के बीच बड़ा विवाद चल रहा है। हालात यह हैं कि अमेरिका के पांच बड़े टीवी नेटवर्क्स ने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा टीवी कवरेज ही बंद कर दी है। इनमें फॉक्स न्यूज़ मीडिया, एबीसी न्यूज़, सीबीएस न्यूज़, सीएन और एनबीसी न्यूज़ शामिल हैं। इसके बाद व्हाइट हाउस ने अपनी ऑनलाइन वीडियो फीड शुरू की, जिसका नाम ‘ट्रम्प टीवी’ रखा गया है। इसमें ट्रम्प के पुराने वीडियो, सरकार के ऐलान और ताजा अपडेट दिखाए जाएंगे। लोग व्हाइट हाउस के लाइव कार्यक्रम भी फोन और दूसरे इंटरनेट वाले डिवाइस पर देख सकेंगे।
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अल जज़ीरा के शेयर किए गए एक वीडियो में ट्रंप नए हेलीपैड तक जाने वाले रास्ते पर रिबन काटते और कंस्ट्रक्शन वर्करों से बात करते हुए दिखे। हालाँकि, व्हाइट हाउस की लाइवस्ट्रीम में उनकी बातें सुनाई नहीं दे रही थीं। इस इवेंट की कवरेज में कंज़र्वेटिव आउटलेट न्यूज़मैक्स ने कहा यह इस बात का एक उदाहरण है कि कैसे चीज़ें थोड़ी उल्टी पड़ गईं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए ट्रंप की न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान टेलीविज़न पूल फ़ीड देने की ज़िम्मेदारी CNN की थी। व्हाइट हाउस से CNN को हटाए जाने के बाद, दूसरे बड़े नेटवर्क ने इसकी जगह लेने से इनकार कर दिया। फ़ॉक्स न्यूज़ के वॉशिंगटन ब्यूरो के प्रमुख और टेलीविज़न पूल चेयर ब्रायन बॉटन ने एक ईमेल में कहा कि पूल उन कार्यक्रमों को कवर नहीं करेगा जो पूल कवरेज के लिए तय किए गए थे। "इसकी जगह कोई दूसरा पूल नहीं बनाया जाएगा।
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रभावित मीडिया संस्थानों का समर्थन किया
द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा है कि वह ट्रंप के फ़ैसले से प्रभावित मीडिया संस्थानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, सोमवार को व्हाइट हाउस स्टिल फ़ोटोग्राफ़ी पूल के तहत ली गई तस्वीरें जारी नहीं करेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स आज व्हाइट हाउस स्टिल फ़ोटोग्राफ़ी पूल के तहत ली गई कोई भी तस्वीर न तो छापेगा और न ही जारी करेगा। यह फ़ैसला पूल के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर और उन समाचार संगठनों के समर्थन में लिया गया है जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा पत्रकारों को व्हाइट हाउस से दूर रखने के अनुचित कदम का निशाना बनाया जा रहा है। द न्यूयॉर्क टाइम्स के प्रवक्ता चार्ली स्टैडटलैंडर ने कहा हम आज राष्ट्रपति की न्यूयॉर्क शहर की यात्रा की कवरेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी जनता को ऐसी स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया की ज़रूरत है जो बिना किसी दबाव के सरकार की गतिविधियों को कवर करे और ज़रूरी घटनाओं की व्यापक कवरेज दे।
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21 सितंबर को सीएनएन की बारी थी। उसे ट्रंप के न्यूयॉर्क दौरे और संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रमों की कवरेज करनी थी। लेकिन वाइट हाउस ने सीएनएन को अपना काम करने की इजाजत नहीं दी। दरअसल ट्रंप के आदेश पर वाइट हाउस ने सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको को अपने परिसर में आने पर रोक लगा दी थी। ट्रंप ने 18 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए इन तीनों मीडिया संस्थानों पर बैन का ऐलान किया था। उन्होंने ऐलान किया था कि यह संस्थान झूठी खबरें चला रहे हैं। इसके बाद 19 सितंबर को इन तीनों संस्थानों के पत्रकार वाइट हाउस पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। पत्रकारों का कहना है कि उनके प्रेस क्रेडेंशियल्स भी ले लिए गए। इसके बाद 19 सितंबर को इन तीनों संस्थानों के पत्रकार वाइट हाउस पहुंचे थे। लेकिन उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। पत्रकारों का कहना है कि उनके प्रेस क्रेडेंशियल्स भी ले लिए गए। इसके बाद भी सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको ने वाइट हाउस के बाहर से ट्रंप प्रशासन की कवरेज जारी रखी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद 21 सितंबर को बाकी नेटवर्क्स ने सीएनएन की जगह खुद कवरेज करने के बजाय पूरे साझा टीवी पूल को ही रोकने का फैसला किया। इन पांचों नेटवर्क्स ने एक साझा बयान में कहा कि लोगों का यह जानना जरूरी है कि उनकी सरकार क्या कर रही है। किसी भी सरकार को सिर्फ इसलिए किसी मीडिया संस्थान को कवरेज से नहीं रोकना चाहिए क्योंकि उसे उसकी रिपोर्टिंग पसंद नहीं है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इन टीवी नेटवर्क्स ने ट्रंप प्रशासन की कवरेज पूरी तरह बंद कर दी है। वे बाहर से ट्रंप और उनकी सरकार की खबरें कवर कर सकते हैं। बस राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के लिए जो साझा वीडियो फीड यह नेटवर्क्स एक दूसरे को देते थे वह फिलहाल बंद हो गया है।
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