अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक, पूर्वी कुनार प्रांत में मचाई तबाही, कई लोगों की मौत की आशंका
Pakistans Airstrikes on Afghanistan: मिडिल ईस्ट में जंग के बीच पाकिस्तान अफगानिस्तान के बीच हमला शुरू हो गया है. रात में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की है. हमले में कई लोगों की मौत और घायल होने की आशंका है. हालांकि अभी तक पाकिस्तान ने कोई बयान जारी नहीं किया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान के पूर्वी कुनार प्रांत में पाकिस्तान की ओर से हवाई हमला हुआ. पाकिस्तानी विमानों ने इलाके में एयरस्ट्राइक की, जिसमें कई नागरिक घायल हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के बाद इलाके में स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि, हमले से हुए नुकसान और इसके पीछे की वजह को लेकर अभी और जानकारी सामने आना बाकी है. हमले का समय रात करीब 3:30 बजे बताया जा रहा है.
غارات باكستانية تستهد.. منزلًا في شرق أفغانستان وارتقاء شهـ.. وجرحى. https://t.co/mle3k6gfb6 pic.twitter.com/lkeFQwcoxz
— Ali A.bk (@AB3_Ali3) September 21, 2026
कल पाकिस्तान के 6 जवानों की हुई थी मौत
बीते दिन 20 सितंबर 2026 को पाकिस्तान के हंगू जिले में सुरक्षा बलों के काफिले और ख्वारिज के बीच गोलीबारी हुई थी. पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता ने लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर पुष्टि की थी कि फितना-अल-ख्वारिज से जुड़े 8 ख्वारिज को सैनिकों की प्रभावी कार्रवाई में मार गिराया गया. हालांकि, इस जबरदस्त गोलीबारी के दौरान, दो अधिकारी - कैप्टन अबूजर फारूक (उम्र: 23 साल, ज़िला गुजरांवाला के निवासी) और लेफ्टिनेंट शेराज बाबर (उम्र: 22 साल, जिला चकवाल के निवासी) की मौत हो गई. साथ ही झड़प में पाक सेना के चार जवानों की भी मौत हो गई.
भारत के प्रथम गांव माणा से नशामुक्त भारत अभियान का आगाज, कश्मीर से कन्याकुमारी तक पहुंचेगा संदेश
देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र और भारत के प्रथम गांव माणा से नशामुक्त भारत अभियान का आगाज किया गया. बद्री विशाल की धरती पर आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान सजग इंडिया की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए देशभर में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाना है. अभियान को गंगा से गंगासागर तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया जाएगा.
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में सजग इंडिया, भारतीय सेना, गढ़वाल स्काउट, एनसीसी कैडेट्स और स्थानीय लोगों सहित 500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया. सीमांत गांव माणा से शुरू हुई इस मुहिम के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया.
'नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी'
देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों, युवाओं और सेना के जवानों से संवाद किया और नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों से बचने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास तथा रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश और प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है.
मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियानों में सामाजिक संगठनों, सेना, एनसीसी, युवाओं और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाना होगा.
18 वर्षों से युवा संवाद के जरिए जारी है मुहिम
सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी पिछले 18 वर्षों से अधिक समय से युवाओं के बीच युवा संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चला रहे हैं. इस दौरान उत्तराखंड के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में लगातार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. अब तक 1600 से अधिक स्कूल-कॉलेजों में युवा संवाद के माध्यम से अभियान पहुंचाया जा चुका है, जबकि 8 लाख से अधिक युवाओं के साथ सीधे संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया है.
ललित जोशी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ आना होगा. युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, खेल, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से पिछले 18 वर्षों से युवा संवाद को अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है.
नशा मुक्त मित्र 2026’ से सम्मानित
नशे के खिलाफ लंबे समय से चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान और युवा संवाद की पहल को देखते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी को नशा मुक्त मित्र 2026 सम्मान से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान नशामुक्ति के क्षेत्र में उनके लंबे समय से जारी जन-जागरूकता प्रयासों की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.
माणा से देशभर में पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश
भारत के प्रथम गांव माणा से अभियान की शुरुआत को प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बदरीनाथ धाम की पृष्ठभूमि में स्थित माणा से शुरू होने वाली यह मुहिम अब व्यापक स्तर पर नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चलेगी.
सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी ने कहा कि माणा से शुरू हुआ यह अभियान गंगा से गंगासागर तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाएगा. देश के कोने-कोने में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि अभियान में युवाओं के साथ सेना, एनसीसी, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सके.
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