भोपाल में 30 करोड़ की GST चोरी का खुलासा, तंबाकू-गुटखा फैक्ट्री पर DGGI की रेड, 60 करोड़ तक पहुंचने की आशंका
भोपाल में सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की छापेमारी में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। दरअसल टीम ने न्यू चौकसे नगर, नवीबाग स्थित एक अवैध तंबाकू और गुटखा फैक्ट्री पर दो दिन तक कार्रवाई की जहां से बड़ी मात्रा में दस्तावेज और कारोबारी रिकॉर्ड जब्त किए गए। वहीं शुरुआती जांच में करीब 30 करोड़ रुपये की GST चोरी का खुलासा हुआ है।
दरअसल जांच एजेंसियों के मुताबिक फैक्ट्री लंबे समय से चोरी-छिपे संचालित की जा रही थी। दस्तावेजों में कई तरह की अनियमितताएं मिलने के बाद पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त रिकॉर्ड की फोरेंसिक और वित्तीय जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी का वास्तविक आंकड़ा काफी बढ़ सकता है।
गुरु ब्रांड के नाम से बन रहा था तंबाकू और गुटखा
वहीं जांच में सामने आया कि फैक्ट्री का संचालन सुरेश सिंह नाम का कारोबारी कर रहा था जो “गुरु” नाम से तंबाकू और गुटखा तैयार कर बाजार में सप्लाई करता था। अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री का संचालन वैध कारोबारी मानकों के अनुरूप नहीं था और कई जरूरी दस्तावेज अधूरे पाए गए। DGGI की टीम ने शुक्रवार और शनिवार को लगातार छापेमारी कर उत्पादन, स्टॉक और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे बिना सही टैक्स भुगतान के कारोबार चलने की आशंका मजबूत हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसियां कर रही पता
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि सप्लाई नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और टैक्स चोरी का तरीका कब से अपनाया जा रहा था। तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पादों पर सामान्य GST के अलावा उपकर (सेस) भी लागू होता है। इसलिए ऐसे मामलों में टैक्स चोरी का वित्तीय असर ज्यादा होता है और रिकवरी की राशि भी तेजी से बढ़ जाती है। इसी वजह से अधिकारियों का मानना है कि अंतिम असेसमेंट के बाद कुल देनदारी शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक निकल सकती है।
GST चोरी पर कैसे बढ़ती है पेनाल्टी?
दरअसल GST कानून के तहत टैक्स चोरी साबित होने पर केवल बकाया टैक्स ही नहीं बल्कि भारी जुर्माना भी लगाया जाता है। अधिकारियों के अनुसार जब्त माल पर 100 प्रतिशत तक पेनाल्टी लग सकती है। इसके अलावा लगभग 40 प्रतिशत GST की वसूली और संबंधित उपकर भी वसूल किया जाता है। इन सभी प्रावधानों को जोड़ने पर कारोबारी की कुल देनदारी कई गुना बढ़ सकती है।
इस प्राइवेट बैंक ने किया लोन के ब्याज दरों में बदलाव, MCLR में वृद्धि, यहाँ जानें नए लेंडिंग रेट्स
प्राइवेट सेक्टर के करूर वैश्य बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) बदलाव किया है। जिसका असर लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। 5 आधार अंकों की वृद्धि सभी टेन्योर पर की गई है। जिसके बाद विभिन्न प्रकार के लोन (Loan Rates) के लिए ईएमआई भी बढ़ सकती है। नए रेट 22 सितंबर 2026 से लागू होने वाले हैं। बैंक ने अगस्त में भी एमसीएलआर में बदलाव किया था।
एमसीएलआर, न्यूनतम ब्याज दरें हैं, जिसके आधार पर बैंक लोन के लिए ब्याज दरों को तय करते हैं। वर्तमान में करूर वैश्य बैंक के एमसीएलआर 9% से लेकर 9.40% है। वृद्धि के बाद दरें 9.05% से लेकर 9.45% के बीच होंगी। इसके अलावा बीपीएलआर और बेस रेट में भी संशोधन किया गया है।
टेन्योर वाइज एमसीएलआर जानें
ओवरनाइट एमसीएलआर 9% से बढ़कर 9.05% हो चुकी हैं। एक महीने के लिए एमसीएलआर दरें 9% से बढ़कर 9.05% हो चुकी हैं। 3 महीने के लिए दरें 9.20% तक पहुंच चुकी है, जो वर्तमान में 9.15% हैं। 6 महीने के लिए दरें बढ़कर 9.35% और 1 साल के लिए 9.45% तक पहुंच चुकी हैं। वर्तमान में बेस रेट 11% है, जो 22 सितंबर से 11.20% होने वाला है। जबकि बीपीएलआर वर्तमान में 6% है, जो बढ़कर 6.20% होगा।
एफडी के ब्याज दरों में बदलाव नहीं
बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक के टेन्योर में 3 करोड़ रुपये से कम का निवेश करने पर सामान्य नागरिकों को 4 प्रतिशत से लेकर 7.20% तक ब्याज मिल रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 333 दिन या इससे अधिक के टेन्योर पर 50 बीपीएस अतिरिक्त ब्याज भी बैंक दे रहा है, अधिकतम ब्याज दर 7.70% है।
सबसे ज्यादा रिटर्न 400 दिन के टेन्योर पर बैंक ऑफर कर रहा है। निवेश की न्यूनतम सीमा 100 रुपये है। 333 दिन के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 7% और वरिष्ठ नागरिकों 7.50% इंटरेस्ट मिल रहा है। समय-समय पर ब्याज दरों में बदलाव में होता है। इसलिए निवेश से ग्राहकों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करने की सलाह दी जाती है।
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