सिंगर जुबीन गर्ग की मौत डूबने से हुई थी:नशे की हालत में लाइफ जैकेट नहीं पहना; सिंगापुर कोर्ट में 35 लोगों ने गवाही दी
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया। पांच महीने बाद पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके मुताबिक, जुबीन की मौत डूबने की वजह से हुई थी। उन्होंने नशे की हालत में लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। दरअसल 52 साल के सिंगर जुबीन की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में एक यॉट पार्टी के दौरान मौत हो गई थी। वे सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने पहुंचे थे। हालांकि परफॉर्मेंस से एक दिन पहले उनकी जान चली गई। सिंगापुर पुलिस ने 35 लोगों की गवाही के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। गवाहों ने उस दिन की पल-पल की जानकारी दी और बताया कि जुबीन गर्ग ने कितनी शराब पी और नशे में डाइविंग करने पहुंचे। विदेशी न्यूज वेबसाइट 'चैनल न्यूज एशिया' ने कोर्ट में पुलिस की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट का खुलासा किया है। असम के तिनसुकिया में जन्मे, अभिनेता और निर्देशक रहे जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी में गाना गाए। इसके अलावा सिंगर ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, आदि, बोरो, अंग्रेजी, गोलपारिया, कन्नड़, कार्बी, खासी, मलयालम, मराठी, मिसिंग, नेपाली, उड़िया, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, तिवा सहित 40 भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाना गए। जुबीन असम के हाईएस्ट पेड सिंगर थे। छोटी बहन भी सिंगर थी, उनकी भी हादसे में मौत हुई थी जुबीन गर्ग की छोटी बहन जोंगकी बारठाकुर भी गायक थी। उनकी 18 साल की उम्र में 23 साल पहले हादसे में मौत हुई थी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 12 जनवरी, 2002 को असम के सोनितपुर जिले में जोंगकी अपने भाई के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सूटिया शहर जा रही थीं। तभी उनकी कार की ट्रक से टक्कर हो गई। जुबीन भी उसी कार में थे, लेकिन दुर्घटना के कुछ मिनट पहले वे दूसरी कार में शिफ्ट हो गए थे। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… जुबीन गर्ग ने अपनी कमाई का 70% जरूरतमंदों को दिया: कंपोजर जॉय चक्रवर्ती ने और क्या-क्या बताया सिंगर जुबीन गर्ग की अंतिम विदाई से पता चला कि लोगों के दिलों में उनके लिए कितनी जगह थी। जुबीन सिर्फ एक अच्छे सिंगर ही नहीं, बल्कि दूसरों की मदद करने में भी आगे रहते थे। हाल ही में दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में जुबीन के करीबी और कंपोजर जॉय चक्रवर्ती ने सिंगर के बारे में कई बातें बताईं। पूरी खबर पढ़ें…
हिमाचल IAS-IPS के PWD मंत्री के बयान पर भड़के:विक्रमादित्य के साथ ड्यूटी देने से मुकरे, गैर हिमाचली अफसर को लेकर दिए बयान की निंदा
हिमाचल की IAS और IPS ऑफिसर एसोसिएशन मंत्री मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयान पर भड़क उठी है। एसोसिएशन ने मंत्री के बयान पर नाराजगी जताते हुए सरकार से मांग की कि किसी भी IPS ऑफिसर की विक्रमादित्य सिंह के साथ ड्यूटी न लगाई जाए। IAS-IPS एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मंत्री का बयान कृत्रिम और अवांछनीय है। यह हिमाचली और गैर हिमाचली में विभाजन पैदा करने वाला है, जो प्रशासनिक दृष्टि से नुकसानदेह है। एसोसिएशन के मुताबिक IPS एक संवैधानिक ऑल इंडिया सर्विस है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना और पूरे देश में निष्पक्ष, पेशेवर व एकीकृत प्रशासन उपलब्ध कराना है। आईपीएस अधिकारियों की पहचान उनके राज्य या जन्मभूमि से नहीं, बल्कि संविधान और कानून के प्रति उनकी निष्ठा से होती है। मीटिंग में पास प्रस्ताव में कहा गया कि हिमाचल में कार्यरत सभी आईपीएस अधिकारी, चाहे वे किसी भी राज्य या कैडर से हों, प्रदेश की जनता की पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कर रहे हैं। किसी अधिकारी की नीयत, प्रतिबद्धता या वैधता पर उसके क्षेत्र या कैडर के आधार पर सवाल उठाना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह अधिकारियों का मनोबल तोड़ने वाला और विभाजनकारी है। आईपीएस एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के बयान पुलिस सेवा का मनोबल गिरा सकते हैं, हिमाचल पुलिस तंत्र के भीतर अविश्वास पैदा कर सकते हैं, संस्थागत एकता को कमजोर कर सकते हैं, और सुशासन व जनसेवा पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। मंत्री के बयान की निंदा एसोसिएशन ने कहा- वह किसी भी प्रकार की क्षेत्रीय या संकीर्ण सोच पर आधारित बयानबाजी की कड़ी निंदा करता है। साथ ही दोहराया कि आईपीएस एक एकजुट, पेशेवर और राजनीतिक रूप से निष्पक्ष सेवा है, जो केवल संविधान और हिमाचल प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह है। सरकार से तीन अहम मांगें मीटिंग में पारित प्रस्ताव में आईपीएस एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ किसी भी आईपीएस अधिकारी की पोस्टिंग न की जाए, भविष्य में इस तरह के बयान दोबारा न हों, यह सुनिश्चित किया जाए, सिविल सेवाओं की गरिमा, एकता और निष्पक्षता को हर हाल में बनाए रखा जाए। इस खबर को हम अपडेट कर रहे हैं..
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 





















