हिमाचल IAS-IPS के PWD मंत्री के बयान पर भड़के:विक्रमादित्य के साथ ड्यूटी देने से मुकरे, गैर हिमाचली अफसर को लेकर दिए बयान की निंदा
हिमाचल की IAS और IPS ऑफिसर एसोसिएशन मंत्री मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हालिया बयान पर भड़क उठी है। एसोसिएशन ने मंत्री के बयान पर नाराजगी जताते हुए सरकार से मांग की कि किसी भी IPS ऑफिसर की विक्रमादित्य सिंह के साथ ड्यूटी न लगाई जाए। IAS-IPS एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मंत्री का बयान कृत्रिम और अवांछनीय है। यह हिमाचली और गैर हिमाचली में विभाजन पैदा करने वाला है, जो प्रशासनिक दृष्टि से नुकसानदेह है। एसोसिएशन के मुताबिक IPS एक संवैधानिक ऑल इंडिया सर्विस है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना और पूरे देश में निष्पक्ष, पेशेवर व एकीकृत प्रशासन उपलब्ध कराना है। आईपीएस अधिकारियों की पहचान उनके राज्य या जन्मभूमि से नहीं, बल्कि संविधान और कानून के प्रति उनकी निष्ठा से होती है। मीटिंग में पास प्रस्ताव में कहा गया कि हिमाचल में कार्यरत सभी आईपीएस अधिकारी, चाहे वे किसी भी राज्य या कैडर से हों, प्रदेश की जनता की पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कर रहे हैं। किसी अधिकारी की नीयत, प्रतिबद्धता या वैधता पर उसके क्षेत्र या कैडर के आधार पर सवाल उठाना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह अधिकारियों का मनोबल तोड़ने वाला और विभाजनकारी है। आईपीएस एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के बयान पुलिस सेवा का मनोबल गिरा सकते हैं, हिमाचल पुलिस तंत्र के भीतर अविश्वास पैदा कर सकते हैं, संस्थागत एकता को कमजोर कर सकते हैं, और सुशासन व जनसेवा पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। मंत्री के बयान की निंदा एसोसिएशन ने कहा- वह किसी भी प्रकार की क्षेत्रीय या संकीर्ण सोच पर आधारित बयानबाजी की कड़ी निंदा करता है। साथ ही दोहराया कि आईपीएस एक एकजुट, पेशेवर और राजनीतिक रूप से निष्पक्ष सेवा है, जो केवल संविधान और हिमाचल प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह है। सरकार से तीन अहम मांगें मीटिंग में पारित प्रस्ताव में आईपीएस एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ किसी भी आईपीएस अधिकारी की पोस्टिंग न की जाए, भविष्य में इस तरह के बयान दोबारा न हों, यह सुनिश्चित किया जाए, सिविल सेवाओं की गरिमा, एकता और निष्पक्षता को हर हाल में बनाए रखा जाए। इस खबर को हम अपडेट कर रहे हैं..
धरमपुरी MLA को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश:बीजेपी विधायक कालू सिंह ठाकुर बोले- महिला ने 2 करोड़ मांगे; पुलिस ने नहीं लिखी FIR
धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने दो लोगों पर हनी ट्रैप में फंसाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि उनसे 2 करोड़ रुपए मांगे गए। इनकार करने पर बदसलूकी की गई। मामले को लेकर विधायक ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कहा कि एक महिला, धरमपुरी के रहने वाले आसिफ अली के साथ मिलकर उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश कर रही है। आरोपियों ने उनसे फोर व्हीलर समेत 2 करोड़ रुपए मांगे। नामजद शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। विधायक ठाकुर ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच के बात सख्त कार्रवाई की मांग की है। 23 दिसंबर को विधायक कार्यालय पहुंची थी महिला विधायक कालू सिंह ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 23 दिसंबर को महिला धामनोद स्थित उनके स्थानीय कार्यालय पर मदद मांगने पहुंची थी। वे उस समय भोपाल में थे। उनकी अनुपस्थिति में वह एक दिन धामनोद स्थित कार्यालय में ही रुकी रही। महिला ने विधायक को फोन कर बताया कि उसने भोपाल में किराए पर मकान लिया है। वहां सामान पहुंचाना है। अगले दिन वह भोपाल आ गई। यहां विधायक कालू सिंह ठाकुर के भोपाल स्थित आवास पर पहुंची। उनसे 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मांगी। विधायक ने इतनी राशि देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद महिला वहां से चली गई। फोन पर लगाए गलत मंशा से बुलाने के आरोप विधायक का आरोप है कि बंगले से लौटने के करीब डेढ़ घंटे बाद महिला ने उन्हें फोन लगाया। कहा- आपने मुझे भोपाल किसलिए बुलाया? इस पर विधायक ने जवाब दिया कि उन्होंने उसे नहीं बुलाया, बल्कि वह अपनी मर्जी से भोपाल आई थी। इसके बाद महिला ने कहा- आपने मुझे इस बहाने बुलाया ताकि आप मुझसे गलत काम कर सकें। उसने अपने साथी आसिफ अली के साथ मिलकर फोन पर गाली-गलौज की। कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी। इसी दौरान उनसे रुपए मांगे गए। आईजी और कलेक्टर से भी की शिकायत विधायक ठाकुर के मुताबिक, वे मामले की शिकायत करने 25 दिसंबर को धामनोद थाने पहुंचे। यहां उनकी बात अनसुनी कर दी गई। इसके बाद 27 दिसंबर को आईजी अनुराग को फोन पर मामले की जानकारी दी। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बुधवार को धार पहुंचकर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को आवेदन सौंपा, इसके बाद एसपी मयंक अवस्थी को लिखित शिकायत दी। शिकायत पत्र में लिखा कि आसिफ ने लव जिहाद के तहत महिला से विवाह किया है। अब उसके साथ मिलकर उन्हें और क्षेत्र के अन्य लोगों को फंसाने का प्रयास कर रहा है। मुलाकात के दौरान एसपी मयंक अवस्थी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और इसमें विधायक के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज हो सकता है। बोले- मुख्यमंत्री को पूरे मामले की जानकारी दी विधायक कालू सिंह ठाकुर ने कहा- जब किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूरन मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी। मेरी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है, अब मैं पत्रकारों से ही उम्मीद लेकर आया हूं। विधायक ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी दी है। अब तक इस पूरे मामले में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ये खबर भी पढ़ें... हनी ट्रैप में फंसने की 8 वजहें, इन 7 संकेतों से पहचानें फ्रॉड, रहें अलर्ट हनी ट्रैप ऐसा फ्रॉड है, जिसमें लोग एक महिला की मदद से रसूख वाले लोगों को फंसाकर संवेदनशील जानकारी से लेकर पैसे तक ऐंठते हैं। अनपढ़ तो छोड़िए, पढ़े-लिखे लोग भी इस फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं। जरूरत की खबर में हम बात करेंगे हनी ट्रैप की और जानेंगे कि इस तरह के फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है। पढे़ं पूरी खबर...
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