यहां मिलता है ‘पुत्रजीवक’ पौधा, संतान प्राप्ति और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में रामबाण, आयुर्वेद में बताए गए इसके कई उपयोग
रीवा की वन विभाग की उद्यानिकी में मौजूद ‘पुत्रजीवक’ पौधा अपने औषधीय गुणों और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं के कारण चर्चा में है. आयुर्वेद में इसके बीज और अन्य हिस्सों के विभिन्न औषधीय उपयोग बताए गए हैं. हालांकि, संतान प्राप्ति या बांझपन के इलाज में इसकी प्रभावशीलता के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं.
उज्जैन में इंसानियत तार-तार, 9 से 11 साल के बच्चों ने सो रहे बुजुर्ग को घेरा, धोती खींची और लूट लिए पैसे
धर्मनगरी उज्जैन के प्रसिद्ध गेबी हनुमान मंदिर परिसर के बाहर से एक दिल देहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां मंदिर के बाहर फुटपाथ पर सो रहे एक बेबस और असहाय बुजुर्ग के साथ 5 छोटे बच्चों ने बेरहमी से मारपीट की।
16 सितंबर की तड़के करीब 4 बजे हुई इस वारदात में मासूम दिखते बच्चों ने दरिंदगी की हदें पार कर दीं। उन्होंने बुजुर्ग को चारों तरफ से घेरकर लात-घूंसों और लाठियों से पीटा और उनके पास रखे चंद रुपये छीनकर भाग निकले। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है।
10 मिनट तक मासूमियत के मुखौटे में होती रही बर्बरता
मामले की जानकारी के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग केके शर्मा मंदिर के पास एक दुकान के शेड के नीचे सो रहे थे। तभी अचानक 9 से 11 साल की उम्र के पांच बच्चे वहां पहुंचे। वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चे बिना किसी खौफ के बुजुर्ग पर टूट पड़े। कोई उन्हें लात मार रहा था तो कोई लकड़ी से वार कर रहा था।
रोते हुए छलका बुजुर्ग का दर्द
पीड़ित बुजुर्ग केके शर्मा मंदिर के आसपास भिक्षा मांगकर अपना पेट पालते हैं। इस घटना के बाद जब लोगों ने उनसे बात की तो उनका दर्द छलक पड़ा। नम आंखों से उन्होंने आपबीती बताते हुए कहा कि ये बच्चे उन्हें पहली बार परेशान नहीं कर रहे हैं, बल्कि आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं और जो थोड़े-बहुत पैसे मांगने पर मिलते हैं, उन्हें छीनकर ले जाते हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना के समय वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने इस पूरी करतूत का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखते ही उज्जैन के स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया है। हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी छोटी सी उम्र के बच्चों में इस कदर आपराधिक मानसिकता और निर्दयता कहां से आ रही है।
रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग
बुजुर्ग केके शर्मा का कहना है कि अगर वक्त रहते इन बच्चों पर लगाम नहीं कसी गई तो वे किसी दिन कोई बड़ी अनहोनी कर देंगे। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अब स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन नाबालिग बच्चों और उनके अभिभावकों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि मंदिर के आसपास रहने वाले बेसहारा और बुजुर्ग लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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