सिद्धारमैया बोले- कर्नाटक CM पद पर हर दिन भ्रम:राहुल गांधी स्थिति साफ करें; डिप्टी सीएम शिवकुमार ने लिखा- प्रार्थना नाकाम नहीं होती
कर्नाटक में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद उठा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी के साथ मीटिंग के दौरान सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की मौजूदगी में लीडरशिप का मुद्दा उठा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि वह कैबिनेट विस्तार करना चाहते हैं, लेकिन कर्नाटक CM के पद को लेकर हर दिन भ्रम की स्थिति बन रही है। ऐसे में राहुल गांधी को CM पद की स्थिति को साफ करना चाहिए। इसी बीच बुधवार को कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने X पोस्ट में लिखा, ‘भले ही कोशिश नाकाम हो जाए, लेकिन प्रार्थना नाकाम नहीं होती।’ ऐसे में उनकी पोस्ट को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। दरअसल, कांग्रेस लीडर राहुल गांधी 13 जनवरी को मैसुरु पहुंचे थे। इसके बाद वे मैसुरु भी गए थे। इस दौरान एयरपोर्ट पर डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी से अकेले में चर्चा की थी। विवाद की वजह: 2.5 साल पूरे होने पर बढ़ी खींचतान कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। शिवकुमार के समर्थक विधायकों का कहना है कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील हुई थी, लेकिन सिद्धारमैया समर्थक इसे नकारते आए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर 2025 को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ। तब से ही सत्ता संतुलन को लेकर बयानबाजी जारी है। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से भी मिले थे। सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी हलकों में यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल (5 साल) तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा। तारीखों में कर्नाटक CM फेस पर टकराव 16 नवंबर: सिद्धारमैया की खड़गे से मुलाकात कर्नाटक सरकार में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 16 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की थी। सूत्रों ने मुताबिक सिद्धारमैया मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की थी। 19 नवंबर: शिवकुमार ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के संकेत दिए डीके शिवकुमार ने कहा था कि मैं कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष पद पद पर हमेशा नहीं रह सकता। मार्च 2026 में 6 साल हो जाएंगे। अब दूसरे नेताओं को भी अवसर मिले। मैं लीडरशिप में रहूंगा। फ्रंटलाइन में रहूं या न रहूं, इससे फर्क नहीं पड़ता। 20 नवंबर 2025: शिवकुमार के करीबी विधायक दिल्ली पहुंचे शिवकुमार के करीबी विधायकों के 20 नवंबर को दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात के बाद शुरू हुई थी। समर्थकों ने दावा किया कि शिवकुमार को अगला सीएम बनना चाहिए। इससे दोनों के बीच तनाव की चर्चा बढ़ी। 20 दिसंबर 2025: सिद्धारमैया बोले- कार्यकाल पूरा करूंगा विधानसभा में सिद्धारमैया ने कहा कि वह पूरा 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे और कोई ‘पावर फॉर्मूला’ नहीं है। शिवकुमार ने कहा था कि उनके और सिद्धारमैया के बीच एक समझ है और वे उस पर चलते हैं। 21 नवंबर: शिवकुमार ने खारिज कीं CM पद से जुड़ी अटकलें डीके शिवकुमार ने X पर पोस्ट में लिखा- CM सिद्धारमैया अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। CM और मैंने, दोनों ने बार-बार कहा है कि हम हाईकमान की बात मानते हैं। 25 नवंबरः भाजपा ने डीके का AI वीडियो जारी किया कर्नाटक बीजेपी ने डिप्टी CM डीके शिवकुमार का AI वीडियो जारी किया। इसमें शिवकुमार लैपटॉप में ऑनलाइन मुख्यमंत्री कुर्सी खरीद रहे हैं, लेकिन जैसे ही वह इसे कार्ट में जोड़ते हैं, स्क्रीन पर “आउट ऑफ स्टॉक” लिखा आता है। साथ ही कैप्शन में लिखा- 'DK शिवकुमार अभी।' 27 नवंबर 2025: दोनों नेताओं की बयानबाजी सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानबाजी की। एक-दूसरे पर निशाना साधा। सिद्धारमैया ने अपने पद पर बने रहने की बात पर जोर दिया। 29 नवंबर 2025: सिद्धारमैया-डीके की साथ ब्रेकफास्ट पार्टी आलाकमान के निर्देश के बाद दोनों नेताओं ने ब्रेकफास्ट पर बैठक की। डीके शिवकुमार ने कहा- हमने मिलकर काम किया है, लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। हमने 2028 के विधानसभा चुनाव पर चर्चा की। 13 जनवरी 2026 – एयरपोर्ट पर डीके की राहुल से चर्चा राहुल गांधी कर्नाटक पहुंचे थे। मैसूरु एयरपोर्ट पर डीके शिवकुमार ने राहुल से एकांत में कुछ देर बातचीत की। इसके बाद से सीएम फेस बदलने की चर्चा ने दोबारा जोर पकड़ा। ……………….. कर्नाटक सीएम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सिद्धारमैया कर्नाटक के सबसे लंबे कार्यकाल वाले सीएम, देवराज उर्स के आगे निकले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बने। 7 जनवरी को यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने 6 जनवरीर को मुख्यमंत्री पद पर 2,792 दिन पूरे किए थे। इसी के साथ उन्होंने कर्नाटक के पूर्व CM देवराज उर्स के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। देवराज उर्स ने 1972-77 और 1978-80 के बीच दो कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में काम किया था। पूरी खबर पढ़ें…
मॉडल हर्षा बोलीं- सनातनी रहूंगी, प्रचार नहीं करूंगी:जबलपुर में कहा- एक्टिंग-मॉडलिंग से ज्यादा धर्म के काम में विरोध; यह देश पुरुष प्रधान सोच से ग्रसित
सनातन धर्म को कोई तब तक नहीं अपना सकता, जब तक सनातन उस व्यक्ति को न अपनाए। मैंने धर्म नहीं, धर्म ने मुझे अपनाया है। सनातन धर्म का प्रचार जो एक साल से कर रही थी, उसे अब मैं यहीं विराम दे रही हूं। ये बात महाकुंभ के दौरान वायरल हुईं मॉडल हर्षा रिछारिया ने जबलपुर में कही। मकर संक्रांति के मौके पर हर्षा नर्मदा स्नान के लिए आई थीं। इस दौरान उन्होंने कहा- जिन धर्मगुरुओं की एक झलक पाना हम सौभाग्य समझते हैं, उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं, वही अगर एक लड़की के विरोध में खड़े हो जाएं, तो मैं अकेली कितना लड़ूंगी। जब हम धर्म के विषय में बात करते हैं, तो गैर-धर्म से पहले हमें अपने ही धर्म के लोगों से लड़ना पड़ता है। हर्षा ने कहा- हमारे धर्मगुरु ही हम पर शक करते हैं, जिसका फिर जवाब भी देना पड़ता है। हमारे धर्म में ही एकता नहीं है। घमंड हर किसी को है। यह देखा जाता है कि अगर कोई लड़की धर्म की राह पर आगे बढ़ रही है, तो उसे कैसे रोका जाए, कैसे नीचे गिराया जाए। एक साल की परीक्षा और संघर्ष के बाद विराम हर्षा रिछारिया ने अपने विरोधियों का नाम लिए बिना कहा कि मेरे विरोध में अगर दस लोग खड़े हैं, तो उनके सामने मैं अकेली खड़ी हुई हूं। एक साल में मैंने बहुत सारी परीक्षाएं दीं, सबको मनाने की कोशिश की, पर अब सबको यहीं विराम देने के बाद मैं अपने पुराने काम को पूरा करूंगी। हर्षा ने कहा- जो काम एक्टिंग और मॉडलिंग का था, उसमें कहीं से भी विरोध नहीं था। शांति से जी सकती थी। मुझे लगता था कि धर्म के रास्ते में शांति है, पर अब लगता है कि पुराने काम में ही शांति थी। करोड़ों के सिंहासन पर बैठकर मेरा विरोध कर रहे हर्षा रिछारिया ने साध्वी बनने पर एतराज जताने वालों को चुनौती देते हुए कहा- जिन लोगों को मुझ पर शक है, वे मेरा बैंक अकाउंट देख लें। करोड़ों के सिंहासन पर बैठकर कुछ लोग मेरा विरोध कर रहे हैं। अगर स्त्री और नारी के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो यह कौन सा धर्म है? हम किस धर्म को मानते हैं? मैं धर्म का प्रचार कर रही थी, अब उस पर विराम दूंगी हर्षा ने यह भी कहा कि पिछले डेढ़ साल से मैं जिस तरह खुले रूप में धर्म का प्रचार कर रही थी, अब उस पर विराम दूंगी। जिन धर्मगुरुओं की एक झलक को हम सौभाग्य मानते हैं, वही अगर लगातार एक साल तक एक लड़की के विरोध में खड़े हो जाएं, तो मैं अकेली कब तक लड़ूं। जब धर्म की बात होती है, तो सबसे पहले अपने ही धर्म के लोगों से संघर्ष करना पड़ता है। स्वाभिमान और अहंकार इतना टकराते हैं कि यह देखा जाता है कि कोई लड़की आगे कैसे बढ़ रही है, उसे कैसे रोका जाए। अगर किसी स्त्री का मनोबल नहीं तोड़ पा रहे हो, तो उसके चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर दिया जाता है। यह पौराणिक काल से आज तक चलता आ रहा है। यह देश नारी को आगे बढ़ने से रोकता है हर्षा रिछारिया ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में गंगा स्नान के बाद वे सार्वजनिक रूप से ‘हर-हर महादेव’ कहकर अपने इस फैसले की घोषणा करेंगी। उन्होंने कहा- लगातार एक साल से मुझे परीक्षाओं से गुजरना पड़ा है। मैं सीता माता नहीं हूं कि इतनी परीक्षाएं दूं। अपनेपन की उम्मीद लेकर मैं धर्म के रास्ते पर चली थी, लेकिन लगातार मेरा तिरस्कार किया गया। हर्षा ने समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह देश पुरुष प्रधान सोच से ग्रसित है, जहां नारी को आगे बढ़ने से रोका जाता है। ये खबर भी पढ़ें... हर्षा बोली- मर्यादा नहीं तोड़ी, फिर विरोध क्यों प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई मॉडल हर्षा रिछारिया ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया। इस वीडियो में वह सुसाइड करने की धमकी दे रही हैं। हर्षा ने आरोप लगाए कि महाकुंभ के दौरान उनके जो वीडियो वायरल हुए वो एआई जनरेटेड थे। इन्हें करोड़ों लोगों ने देखा और उन्हें ट्रोल किया। पढ़ें पूरी खबर...
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