20 सितंबर को विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे महापौर मुकेश टटवाल, CM के आश्वासन के बाद प्रस्तावित विरोध वापस लिया
उज्जैन में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रोड-शो के दौरान बड़ा विवाद देखने को मिला था। दरअसल उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल को रोड-शो के दौरान रथ से उतार दिया गया था जिसके बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि अब यह विवाद थम गया है। महापौर मुकेश टटवाल ने पहले 20 सितंबर को विरोध जताने की बात कही थी लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने साफ किया कि उनकी मंशा केवल बाबा साहब आंबेडकर को नमन करने की थी। इसके बाद बैरवा समाज ने भी अपना प्रस्तावित विरोध वापस ले लिया।
दरअसल महापौर मुकेश टटवाल ने खुद यह जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात में उन्होंने पूरा घटनाक्रम विस्तार से रखा। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने रविवार को डॉ. आंबेडकर प्रतिमा के सामने प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त करने का फैसला लिया।
भाजपा के कई नेता महापौर के निवास पहुंचे थे
महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि उन्होंने कभी धरने का आह्वान नहीं किया था। उनका उद्देश्य केवल बाबा साहब को नमन कर उनसे सहनशक्ति और जनता की सेवा करने की प्रेरणा लेना था। उन्होंने समाज के लोगों, जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों का सहयोग मिलने पर आभार भी जताया। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार रात प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद उमेशनाथ, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा समेत भाजपा के कई नेता महापौर के निवास पहुंचे थे। नेताओं ने उनसे विरोध का कार्यक्रम वापस लेने का आग्रह किया था जबकि महापौर ने घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग दोहराई थी।
पहले दी थी प्रदर्शन की चेतावनी
दरअसल बैरवा समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद विवाद समाप्त करने की घोषणा की। समाज के शहर अध्यक्ष सुरेंद्र मरमट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और जल्द समाधान का भरोसा दिया। उनके मुताबिक समाज महापौर के साथ खड़ा था लेकिन अब आश्वासन मिलने के बाद विरोध आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। विवाद के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय भी महापौर से मिलने पहुंचे थे। महेश परमार ने कहा था कि शहर के प्रथम नागरिक के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। बैरवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदयाल बड़ोदिया ने पहले अंबेडकर सर्किल पर धरने और जरूरत पड़ने पर जंतर-मंतर तक प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि महापौर को पहले रथ पर बुलाया गया और बाद में नीचे उतारा गया, जिसे समाज ने अपमान के रूप में देखा।
Chhatron Ki Goonj: इंदौर में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद, शिक्षा से आरक्षण तक कई मुद्दों पर खुलकर हुई बातचीत, बोले- सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए
इंदौर: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों एवं युवाओंं से संवाद किया। वहीं, युवाओं ने भी राहुल गांधी के सामने मंच पर खुलकर अपनी समस्याएं एवं मांगें रखीं। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए सरकार और सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस सिस्टम को स्टूडेंट नहीं चाहिए बल्कि अंधभक्त चाहिए। कार्यक्रम में करीब 20 से 25 हजार युवा पहुंचे।
राहुल गांधी ने कहा कि अलग-अलग शहरों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनके भविष्य को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। इनमें पेपर लीक, संस्थागत विफलता, बुनियादी ढांचे की कमी, शिक्षा की बढ़ती लागत और निजीकरण जैसे विषय प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का सिस्टम पर भरोसा कम हुआ है। इस पर कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने जवाब देते हुए कहा, सर, हम सिस्टम से हार गए हैं।
System vs Students
स्टूडेंट्स के भविष्य को सिस्टम कैसे चैलेंज कर रहा है- आज ‘छात्रों की गूंज’ में हम इस जरूरी मुद्दे पर बात करेंगे।
: नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी
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— MP Congress (@INCMP) September 19, 2026
दबाव में हैं छात्र, सिस्टम को लेकर उनकी आवाज सुनना जरूरी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि अगर आज हम स्टूडेंट्स से बात करें तो वे खुश नहीं हैं। स्टूडेंट्स असहज हैं, उन्हें अपना भविष्य नहीं दिख रहा और वे दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और यह समझने की जरूरत है कि वे सिस्टम को लेकर क्या सोचते हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्टूडेंट्स के मन में परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल हैं। वे जानना चाहते हैं कि परीक्षाओं पर भरोसा कैसे किया जाए? कैसे सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हो रही है? साथ ही, यह कैसे पता चले कि किसी परीक्षा में चयन की प्रक्रिया निष्पक्ष और सही तरीके से हुई है?
राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल कर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने कहा कि अंधभक्त’ कहते हैं कि विकास की आवश्यकता नहीं है। देश को आजादी नहीं मिली है। मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। लेकिन अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछते। एक अंधभक्त कभी नहीं पूछेगा कि हमारे स्कूल और कॉलेज की हालत ऐसी क्यों हो गई है। हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों खराब हो गया है? हमारे पेपर क्यों लीक हो रहे हैं? एक स्टूडेंट ही है जो यह आवाज उठाता है।
राहुल ने कहा कि जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है और प्यार व सम्मान से बात करता है, वहां अंधभक्त नफरत फैलाता है। जहां स्टूडेंट हम्बल होता है, दूसरों की बात सुनता है वहां अंधभक्त अहंकार से भरा और एरोगेंट होता है। उन्होंने कहा कि जहां स्टूडेंट डरता नहीं है और निडर होता है वहां अंधभक्त डरपोक होता है।
राहुल गांधी ने एमपी और यूपी में 55 फीसदी स्कूल बंद होने का किया दावा
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में एक बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि देश में निजीकरण से करीब एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं। इनमें 55 प्रतिशत अकेले मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में बंद हुए हैं। इसके बाद उन्होंने छात्रावास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हर 100 छात्रों में से सिर्फ 14 छात्रों की ही जगह मिल पाती है। उन्होंने इस दौरान कई उदाहरण भी दिए। राहुल गांधी ने कहा कि असली मुद्दा निजीकरण और कॉस्ट-कटिंग का है जो उनके अनुसार “सबका साथ, मेरा विकास” के नारे के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कम निवेश करती है, तो इसका सीधा असर छात्रों पर पड़ता है और उनका भविष्य प्रभावित होता है।
छात्रों ने मंच से राहुल गांधी के सामने रखी अपनी बात
एक छात्र ने कार्यक्रम के मंच पर आकर राहुल गांधी से बात की। छात्र ने बताया कि वह सतना जिले के बिंद का निवासी है। उसने बताया कि बिंद वह इलाका है जहां पढ़ाई का स्तर बहुत खराब है। ऐसे में ज्यादातर बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओंं की तैयारी के लिए भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में आना पड़ता है लेकिन गरीब परिवारों के बच्चे पैसों की आर्थिक तंगी की वजह से तैयारी के लिए बाहर नहीं जा पाते हैं। छात्र ने कहा कि हर वर्ग के छात्र को शिक्षा मिलनी चाहिए क्योंकि यह उनका हक है।
इसके अलावा, मंच पर पहुंची एक छात्रा ने राहुल गांधी के सामने आरक्षण का मुद्दा रख दिया। राजगढ़ की सपना गुर्जर ने राहुल गांधी से संवाद करते हुए कहा कि मार्च 2019 में कांग्रेस सरकार ने 14 प्रतिशत आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। यह पूरे प्रदेश में लागू भी है। सरकार बदलते ही बीजेपी सरकार ने हमारे 13 प्रतिशत पद पर कोर्ट का हवाल देकर हमारी सारी नियुक्त होल्ड कर दी है। पिछले 8 साल से हमारे 10 हजार पदों पर होल्ड लगा दिया है।
“मध्य प्रदेश की BJP सरकार बीते कई साल से युवाओं के साथ धोखा कर रही है और जानबूझकर उन्हें गुमराह कर रही है।”
राजगढ़ जिले की सपना गुर्जर जी ने ‘छात्रों की गूंज’ में नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी को BJP की करतूत बताई।
सुनिए ???? pic.twitter.com/yy72xQrs3s
— MP Congress (@INCMP) September 19, 2026
राहुल गांधी का पीएम मोदी समेत नेताओं पर निशाना, छात्रों के साथ ली सेल्फी
बता दें कि कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत अन्य नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, रोजगार और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से सवाल किए। वहीं कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने भी राहुल गांधी के सामने अपनी समस्याएं और मांगें खुलकर रखीं। कार्यक्रम के समापन के बाद राहुल गांधी ने डोम के अंदर मौजूद छात्रों के साथ सेल्फी ली और छात्रों से भी उनके साथ सेल्फी लेने के लिए कहा।
BJP-RSS के system को students नहीं, अंधभक्त चाहिए। pic.twitter.com/wzZVh1bFo0
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 19, 2026
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