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दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने ‘सेवा-फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया

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Tata Sons Chairman N Chandrasekaran ने युवाओं को दी बड़े लक्ष्य साधने और लगातार सीखने की सलाह

(तस्वीरों के साथ) चेन्नई, 19 सितंबर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शनिवार को स्नातकों से कहा कि वे असफलताओं से हतोत्साहित न हों, बल्कि उन्हें अपने प्रयासों को और तेज करने के अवसर के रूप में देखें। उन्होंने पेशेवर जीवन में कदम रखने वाले युवाओं से बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। यहां साई यूनिवर्सिटी के तीसरे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि चंद्रशेखरन ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) और तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकी बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को नया आकार दे रहे हैं।

वहीं, भारत आर्थिक वृद्धि के ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों में उसके इतिहास और दुनियाभर में “अद्वितीय” साबित हो सकता है। चंद्रशेखरन ने व्यक्तिगत प्रगति और निरंतर सुधार पर जोर दिया तथा स्नातकों को मुश्किल परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “अपने करियर के लिए लगातार तैयारी करते रहें और असफलताओं से विचलित न हों।

अपनी प्रगति और निरंतर सुधार के आधार पर खुद को आंकें तथा अपने लक्ष्यों की दिशा में लगातार आगे बढ़ें।’’ उनकी यह टिप्पणी टाटा संस के चेयरमैन के रूप में दोबारा नियुक्ति के फैसले के दो दिन बाद आई। टाटा संस के निदेशक मंडल ने 17 सितंबर को हुई बैठक में उन्हें पांच साल का एक और कार्यकाल देने का फैसला किया था। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने उनकी पुनर्नियुक्ति के खिलाफ मतदान किया था।

चंद्रशेखरन ने दीक्षांत समारोह में संबोधित करते हुए स्नातकों को औपचारिक शिक्षा को एक बार की उपलब्धि मानने के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए जीवनभर नए कौशल सीखना जरूरी है। उन्होंने प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर आप समय के साथ नहीं चल रहे हैं, तो आप अप्रासंगिक हो जाएंगे।” चंद्रशेखरन ने कहा, “दुनिया संभावनाओं से भरी हुई है और पांच साल बाद ऐसा औद्योगिक क्षेत्र होगा, जो आज मौजूद नहीं हैं।

हो सकता है कि आज हम उनके नाम या शब्दावली तक नहीं जानते हों।” उन्होंने आधुनिक करियर में एआई उपकरणों को अपनाने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण भी सामने रखा। चंद्रशेखरन ने भविष्य के कार्यबल से दबाव को सम्मान और अपने काम के जरिये सकारात्मक बदलाव लाने के एक अनूठे अवसर के रूप में देखने को कहा। उन्होंने स्नातकों से छोटी अवधि की उपलब्धियों और लंबे समय के करियर लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने को कहा।

चंद्रशेखरन ने कहा कि छोटी अवधि के लक्ष्य हासिल कर आगे बढ़ने की गति बनाए रखें, लेकिन साथ ही अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ते रहें। चंद्रशेखरन ने आधुनिक करियर में एआई उपकरणों के इस्तेमाल का तरीका बताते हुए कहा कि पेशेवरों को प्रशासनिक काम, जटिल आंकड़ों के प्रसंस्करण और नियमित कार्यों के लिए एआई का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे उन्हें रणनीतिक सोच और महत्वपूर्ण कामों पर ध्यान देने के लिए अधिक समय मिलेगा।

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  Sports

Asian Games 2026: निशानेबाजी में भारत का शानदार प्रदर्शन, पुरुषों की 10m एयर राइफल टीम ने जीता रजत पदक

Asian Games 2026: एशियाई खेल 2026 के मंच पर भारत के निशानेबाजों ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। सोमवार को एइची प्रेफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में खेले गए पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) पर कब्जा जमाया। देश के तीन होनहार निशानेबाजों- रुद्राक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने की तिकड़ी ने मिलकर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारतीय दल ने कुल 1890.1 अंकों का उत्कृष्ट स्कोर खड़ा कर पोडियम पर अपनी जगह पक्की की।

चीन ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
इस बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबले में स्वर्ण पदक चीन की झोली में गया। शेंगे लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगदोंग की चीनी तिकड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 1899.0 अंकों का कुल स्कोर बनाकर एक नया क्वालिफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड (Qualification World Record) अपने नाम किया। चीन के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा, लेकिन टीम के इस शानदार प्रदर्शन ने देश की झोली में एक और प्रतिष्ठित पदक डाल दिया है।

व्यक्तिगत फाइनल में भी चमके रुद्राक्ष और हिमांशु
टीम स्पर्धा के बाद भारतीय खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत वर्ग से भी बेहद अच्छी खबर सामने आई है। रुद्राक्ष पाटिल ने शानदार लय दिखाते हुए व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में 631.8 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि हिमांशु ढिल्लों 630.0 अंक हासिल कर सातवें पायदान पर रहे। इन दोनों ही भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं, तीसरे भारतीय निशानेबाज पार्थ माने 628.3 अंक हासिल करके 10वें स्थान पर रहे।

क्वालिफिकेशन के शीर्ष आठ स्थानों में चीन के तीन निशानेबाज़ शामिल थे, लेकिन एक देश से केवल दो ही खिलाड़ी फाइनल में उतर सकते हैं। इस नियम के कारण पांचवें स्थान पर रहे झांग चांगदोंग शीर्ष आठ में होने के बावजूद फाइनल की रेस से बाहर हो गए। चीन के शेंगे लिहाओ ने 635.4 अंकों के एशियाई खेल क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि उनके हमवतन मा सिहान दूसरे स्थान पर रहे। भारतीय निशानेबाजों के इस शानदार सफर से अब व्यक्तिगत फाइनल्स में भी पदक की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

Mon, 21 Sep 2026 08:16:01 +0530

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