दिशा सालियान मामले में Sanjay Raut का आरोप, ठाकरे परिवार को फंसाने के लिए दूसरों का इस्तेमाल
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत के मामले में ठाकरे परिवार के खिलाफ कीचड़ उछालने के लिए कुछ लोगों का इस्तेमाल ‘‘कठपुतली’’ के रूप में किया जा रहा है। राउत ने नारायण राणे परिवार, खासकर उनके बेटे एवं महाराष्ट्र के मंत्री नीतेश राणे, पर दिशा सालियान मामले में शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे का नाम ‘‘घसीटने’’ को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में कणकवली में हुई सभी हत्याओं के लिए राणे परिवार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
राउत ने किसी का नाम लिए बिना एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘आप दूसरों के हाथों की कठपुतली हैं और हमारे ऊपर कीचड़ उछाल रहे हैं।’’ राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि सतीश सालियान को किसी के द्वारा ‘‘नियंत्रित’’ किया जा रहा है। राउत ने दावा किया, ‘‘वह (दिशा के पिता सतीश सालियान) छह साल पहले इस बात से संतुष्ट थे कि यह हत्या नहीं बल्कि एक दुर्घटना थी।’’ उन्होंने कहा कि जब ठाकरे परिवार कुछ अच्छा काम करता है तो ऐसे मुद्दों को जानबूझकर उठाया जाता है और इसके इर्द-गिर्द एक तंत्र खड़ा कर दिया जाता है। राउत ने कहा, ‘‘आप आदित्य का नाम बदनाम कर रहे हैं, जो दिशा को जानते तक नहीं थे।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि ठाकरे परिवार के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान के लिए धन कौन मुहैया करा रहा है, लेकिन उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
दिशा सालियान ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की प्रबंधक के रूप में काम किया था। उनकी आठ जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से कथित तौर पर गिरने से मौत हो गई थी। इसके लगभग एक सप्ताह बाद 14 जून, 2020 को राजपूत अपने बांद्रा स्थित आवास में मृत पाए गए थे, जिससे दोनों मौतों के बीच संबंध को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
DUSU Election में ABVP ने NSUI को 3-0 से हराया, छात्र सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने का वादा
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के विजेताओं ने शनिवार को कहा कि वे छात्रों की सुरक्षा, बेहतर सुविधाओं, समान अवसरों और पढ़ाई-लिखाई के लिए अच्छे माहौल पर ध्यान देंगे, साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि महिलाओं की चिंताओं पर ध्यान दिया जाए। आरएसएस समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने डूसू चुनावों में कांग्रेस के एनएसयूआई के खिलाफ 3-0 से जीत हासिल की; इसमें यश डबास ने अध्यक्ष पद, रिया छावड़ी ने सचिव पद और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद जीता। यह नतीजा देश भर के विश्वविद्यालयों में एबीवीपी की चुनावी जीत की कड़ी में एक और जीत है।
डबास ने कहा कि यह जनादेश सामाजिक सद्भाव, देशभक्ति और छात्र शक्ति में छात्रों के भरोसे को दिखाता है, और साथ ही जाति और विभाजनकारी राजनीति से ऊपर उठने का उनका संदेश भी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘जेन जी’ ने साफ संदेश दिया है कि वह सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रवाद में विश्वास रखते हैं। छावड़ी ने कहा कि पैनल का ध्यान छात्रों की सुरक्षा, बेहतर सुविधाओं, समान अवसरों और पढ़ाई-लिखाई के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाने पर होगा।
उन्होंने कहा कि संघ यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि छात्रों, खासकर छात्राओं की चिंताओं पर उचित ध्यान दिया जाए। सिंह ने कहा कि यह जीत एबीवीपी कार्यकर्ताओं की एकता और डीयू के छात्रों के भरोसे को दिखाती है, और इस जनादेश के साथ छात्रों के लिए हमेशा उपलब्ध रहने की बड़ी ज़िम्मेदारी भी आई है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि डूसू का नतीजा संगठन के काम, विचारधारा और संगठनात्मक प्रतिबद्धता में छात्रों के भरोसे का नतीजा है।
सोलंकी ने कहा कि गड़बड़ी पैदा करने की कोशिशों के बावजूद, एबीवीपी कार्यकर्ता अनुशासित रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध रहे।
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