Russia से तेल खरीद पर US Tariff के बीच बोले Kirti Vardhan Singh, जनता का हित सर्वोच्च प्राथमिकता
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत अपनी विदेश नीति या आर्थिक फैसलों को तय करने के लिए बाहरी दबाव को हावी नहीं होने देगा। उन्होंने यह बात रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों वाले कानून और भारत पर इसके संभावित असर से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कही। एएआई से बातचीत में सिंह ने कहा कि सरकार के फैसले मुख्य रूप से भारतीय जनता के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा भारत के लोग हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। हम ऐसे सभी कदम उठाएंगे जिनसे हमारी जनता को फ़ायदा हो।
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उनकी यह बात 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026' के संदर्भ में आई है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर करके उसे कानून का रूप दिया है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की खरीद से जुड़ी कुछ खास शर्तों को पूरा करते हैं। हालाँकि, यह किसी खास देश पर अपने-आप 100 प्रतिशत टैरिफ नहीं लगाता है।
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भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएगा
सिंह ने कहा कि नई दिल्ली किसी दूसरे देश के फैसलों को मानने के बजाय अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर नीतियां बनाना जारी रखेगी। उन्होंने कहा हम अपने देश और यहां के लोगों की मजबूती और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। हम एक स्वतंत्र विदेश नीति अपनाते हैं; हम दूसरे देशों के कहने पर किसी गुट में शामिल नहीं होते, बल्कि अपने देश के हित में काम करते हैं। लगाए जा रहे टैरिफ पर सिंह ने भारत का रुख दोहराया कि ये कदम अनुचित हैं और कहा कि सरकार किसी देश के दबाव में काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा हमने हमेशा यही कहा है कि लगाए जा रहे टैरिफ अनुचित हैं और हम किसी दूसरे देश के दबाव में काम नहीं करते हैं।
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कल का मौसम, 20 सितंबर: देशभर में मौसम के तेवर लगातार बदल रहे हैं और आने वाले दिन में कई राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. 20 सितंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों का मिजाज बिल्कुल जुदा नजर आने वाला है. एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं मध्य, पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग के नए अनुमान से साफ है कि कहीं तेज धूप के बीच हल्के बादल छाए रहेंगे तो कहीं लोगों को घर से निकलते वक्त छाता साथ रखना बेहद जरूरी होगा.
उत्तर भारत के बड़े राज्यों में राहत का माहौल
राजधानी दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बीस सितंबर को किसी तरह की बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है. आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही जरूर देखने को मिल सकती है, पर तेज बरसात के आसार ना के बराबर हैं. इसी तरह उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहेगा. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में दिनभर आंशिक रूप से बादल रह सकते हैं. हालांकि स्थानीय स्तर पर उमस के चलते एकाध जगह हल्की फुहारें गिर सकती हैं. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम शांत रहने की बात कही गई है.
बिहार और झारखंड में बादलों का डेरा
बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि पटना, गया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत किसी भी जिले में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है. मानसूनी हवाओं की वजह से कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है. झारखंड की बात करें तो वहां का मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा. रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो के आसपास रुक-रुक कर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ अचानक बौछारें पड़ सकती हैं, इसलिए बाहर निकलते समय थोड़ी सावधानी बरतना ठीक रहेगा.
मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम की हलचल
मध्य प्रदेश में बीस सितंबर को मानसूनी हलचल काफी तेज रहने वाली है. राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में तेज हवा के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और कटनी समेत कई प्रमुख जिलों में मौसम तेजी से करवट बदलेगा. हालांकि पूरे प्रदेश में एक समान बारिश नहीं होगी, लेकिन कई जगहों पर तेज बौछारों से जलभराव की स्थिति बन सकती है.
राजस्थान में मौसम का रुख दो भागों में बंटा हुआ है. पश्चिमी राजस्थान में मौसम बिल्कुल साफ रहेगा, जबकि पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
ओडिशा और महाराष्ट्र में तेज बारिश की चेतावनी
ओडिशा में बादलों का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है. खास तौर पर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह सिलसिला अगले दो दिनों तक खिंच सकता है. महाराष्ट्र के भी कई हिस्सों में मौसम बिगड़ा रहेगा. मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है, जबकि मराठवाड़ा में तेज हवा के साथ गड़गड़ाहट होगी. कोंकण और गोवा के समुद्री इलाकों में भी रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर चलता रहेगा.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा हाल
दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बीस सितंबर को जोरदार मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का खतरा जताया गया है. कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी बारिश का जोर रहेगा, जबकि उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ पानी गिर सकता है. केरल और तमिलनाडु में भी स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. पूर्वोत्तर के असम और मेघालय में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ पानी बरसने की संभावना जताई गई है. गुजरात में फिलहाल किसी बड़ी आफत की आशंका नहीं है और वहां मौसम सुहावना बना रहेगा.
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