Kal Ka Mausam: क्या विदा ले चुका है मानसून? दिल्ली-यूपी में कैसा रहेगा मिजाज; जानें IMD का अपडेट
कल का मौसम, 20 सितंबर: देशभर में मौसम के तेवर लगातार बदल रहे हैं और आने वाले दिन में कई राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. 20 सितंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों का मिजाज बिल्कुल जुदा नजर आने वाला है. एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं मध्य, पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग के नए अनुमान से साफ है कि कहीं तेज धूप के बीच हल्के बादल छाए रहेंगे तो कहीं लोगों को घर से निकलते वक्त छाता साथ रखना बेहद जरूरी होगा.
उत्तर भारत के बड़े राज्यों में राहत का माहौल
राजधानी दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बीस सितंबर को किसी तरह की बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है. आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही जरूर देखने को मिल सकती है, पर तेज बरसात के आसार ना के बराबर हैं. इसी तरह उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहेगा. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में दिनभर आंशिक रूप से बादल रह सकते हैं. हालांकि स्थानीय स्तर पर उमस के चलते एकाध जगह हल्की फुहारें गिर सकती हैं. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम शांत रहने की बात कही गई है.
बिहार और झारखंड में बादलों का डेरा
बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर यह है कि पटना, गया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत किसी भी जिले में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है. मानसूनी हवाओं की वजह से कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है. झारखंड की बात करें तो वहां का मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा. रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो के आसपास रुक-रुक कर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ अचानक बौछारें पड़ सकती हैं, इसलिए बाहर निकलते समय थोड़ी सावधानी बरतना ठीक रहेगा.
मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम की हलचल
मध्य प्रदेश में बीस सितंबर को मानसूनी हलचल काफी तेज रहने वाली है. राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में तेज हवा के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और कटनी समेत कई प्रमुख जिलों में मौसम तेजी से करवट बदलेगा. हालांकि पूरे प्रदेश में एक समान बारिश नहीं होगी, लेकिन कई जगहों पर तेज बौछारों से जलभराव की स्थिति बन सकती है.
राजस्थान में मौसम का रुख दो भागों में बंटा हुआ है. पश्चिमी राजस्थान में मौसम बिल्कुल साफ रहेगा, जबकि पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
ओडिशा और महाराष्ट्र में तेज बारिश की चेतावनी
ओडिशा में बादलों का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है. खास तौर पर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह सिलसिला अगले दो दिनों तक खिंच सकता है. महाराष्ट्र के भी कई हिस्सों में मौसम बिगड़ा रहेगा. मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है, जबकि मराठवाड़ा में तेज हवा के साथ गड़गड़ाहट होगी. कोंकण और गोवा के समुद्री इलाकों में भी रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर चलता रहेगा.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा हाल
दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बीस सितंबर को जोरदार मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का खतरा जताया गया है. कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी बारिश का जोर रहेगा, जबकि उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ पानी गिर सकता है. केरल और तमिलनाडु में भी स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. पूर्वोत्तर के असम और मेघालय में बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ पानी बरसने की संभावना जताई गई है. गुजरात में फिलहाल किसी बड़ी आफत की आशंका नहीं है और वहां मौसम सुहावना बना रहेगा.
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सतत विकास भारत के टेक्सटाइल उद्योग की नई पहचान, वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में निभाएगा अहम रोल: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) भारत की परंपरा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रहा है और अब यही सोच देश के टेक्सटाइल उद्योग के भविष्य को आकार दे रही है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह का एक लेख शेयर किया, जिसमें बताया गया है कि कपड़ा रीसाइक्लिंग, स्वच्छ उत्पादन प्रक्रियाओं और हरित प्रौद्योगिकियों से जुड़ी पहलें भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी और सर्कुलर अर्थव्यवस्था आधारित बनाने में मदद कर रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि लेख में यह रेखांकित किया गया है कि टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग, क्लीनर प्रोडक्शन और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित पहलें उद्योग को अधिक टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए सक्षम बना रही हैं।
गिरिराज सिंह ने अपने लेख में लिखा कि रीसाइक्लिंग, अपशिष्ट पुनर्प्राप्ति, स्वच्छ तकनीक, जिम्मेदार विनिर्माण और बाजार अवसरों के विस्तार के जरिए भारत के टेक्सटाइल उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ एक हरित और मजबूत भविष्य की नींव रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भारत को विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच कोई एक विकल्प न चुनना पड़े, बल्कि दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें और देश की टेक्सटाइल विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वर्ष 2030 तक 350 अरब डॉलर के टेक्सटाइल और परिधान उद्योग का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सस्टेनेबिलिटी अब केवल एक वैकल्पिक विषय नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मकता, बाजार पहुंच और जिम्मेदार विकास की केंद्रीय रणनीति बन रही है।
उन्होंने कहा कि फाइबर, यार्न, फैब्रिक, प्रोसेसिंग, परिधान, तकनीकी वस्त्र और मेड-अप्स जैसे व्यापक क्षेत्रों में फैला भारतीय टेक्सटाइल उद्योग अब पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ उत्पादन मॉडल को तेजी से अपना रहा है।
गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के उस कथन का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि दुनिया फैशन फॉर एनवायरनमेंट एंड एम्पावरमेंट के विजन को अपना रही है और भारत इस दिशा में नेतृत्व कर सकता है। मंत्री के अनुसार, यह परिवर्तन अब भारतीय टेक्सटाइल उद्योग में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
उन्होंने बताया कि देश का घरेलू टेक्सटाइल बाजार 2014-15 में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। यह क्षेत्र की मजबूत वृद्धि और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते योगदान को दर्शाता है।
टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र वर्तमान में देश में 5.3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। आने वाले तीन वर्षों में इस क्षेत्र से करीब 2 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित होने की संभावना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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