GNDU की खेल मंत्रालय से शिकायत, MAKA ट्रॉफी के नियमों में बदलाव को पंजाब ने बताया भेदभावपूर्ण
देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी खेल ट्रॉफी Maulana Abul Kalam Azad Trophy को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है. पिछले करीब 65 वर्षों से यह ट्रॉफी पूरे साल के प्रदर्शन, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और AIU चैंपियनशिप में उपलब्धियों के आधार पर दी जाती रही है. लेकिन सत्र 2023-24 से इसकी गणना प्रणाली में अहम बदलाव किया गया है. अब इसमें Khelo India University Games को कहीं अधिक वेटेज दिया जा रहा है.
KIUG का बढ़ा वेटेज और बदलती रैंकिंग
नए नियमों के तहत KIUG में बेहतर प्रदर्शन करने वाली यूनिवर्सिटीज़ को पदक तालिका में सीधा फायदा मिल रहा है. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे साल भर की निरंतरता की बजाय एक ही टूर्नामेंट पर अत्यधिक निर्भरता बढ़ गई है. इसका असर यह हुआ है कि कुछ यूनिवर्सिटीज़, जो पारंपरिक रूप से MAKA ट्रॉफी की दौड़ में पीछे रहती थीं, अब अचानक शीर्ष स्थानों पर पहुंच गई हैं.
नए खेलों का समावेश और मेडल की बाढ़
सत्र 2024-25 में KIUG में कैनोइंग और कयाकिंग जैसे नए खेलों को शामिल किया गया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहां इन खेलों के लगभग 10 ओलंपिक इवेंट्स होते हैं, वहीं KIUG में इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 30 कर दी गई. इन खेलों के लिए अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वाटर बॉडी और महंगे उपकरणों की जरूरत होती है, जो हर यूनिवर्सिटी के पास उपलब्ध नहीं हैं. मेडल इवेंट्स की संख्या बढ़ने से कुल पदकों में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे रैंकिंग के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं.
निजी यूनिवर्सिटीज़ को बढ़त
नए नियमों के बाद एक निजी यूनिवर्सिटी के मेडल टैली में असाधारण उछाल देखा गया है. जहां पहले इसके मेडल 3 तक सीमित थे, वहीं बाद के सत्रों में यह संख्या 32 और फिर 42 तक पहुंच गई. दूसरी ओर, पंजाब की सरकारी और पारंपरिक यूनिवर्सिटीज़, जो दशकों तक यूनिवर्सिटी खेलों में दबदबा बनाए हुए थीं, अब संसाधनों की कमी और बदले हुए वेटेज सिस्टम के कारण पिछड़ती नजर आ रही हैं.
पारदर्शिता को लेकर सवाल
Guru Nanak Dev University सहित कुछ अन्य यूनिवर्सिटीज़ ने नियमों में बदलाव और खिलाड़ियों की एंट्री प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि नियमों में किसी भी तरह का संशोधन खेल सत्र शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही एंट्री लिस्ट, पात्रता और समय सीमा का सख्ती से पालन होना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के पक्षपात या भ्रम की गुंजाइश न रहे.
समान अवसर की मांग
खेल विशेषज्ञों और यूनिवर्सिटी अधिकारियों का मानना है कि MAKA ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में संसाधनों की ताकत नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की प्रतिभा और निरंतर प्रदर्शन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. अब निगाहें संबंधित खेल संघों और नीति निर्माताओं पर टिकी हैं कि वे इन चिंताओं पर क्या फैसला लेते हैं और यूनिवर्सिटी खेलों में संतुलन कैसे बहाल किया जाता है.
Lohri Celebration 2026: देशभर में लोहड़ी की धूम, दिल्ली से कश्मीर तक जश्न; राजनीति और परंपरा का भी दिखा संगम
Lohri Celebration 2026: देश के विभिन्न हिस्सों में लोहड़ी का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया. उत्तर भारत में खास तौर पर इस पर्व ने सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक एकता की सुंदर तस्वीर पेश की.
दिल्ली में कैसा रहा लोहड़ी
दिल्ली में लोहड़ी का जश्न खास रहा. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरियाणा भवन में लोहड़ी मनाई, जहां उनके साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. इस आयोजन में लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और अग्नि के चारों ओर परिक्रमा ने माहौल को उत्सवमय बना दिया.
#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta celebrates Lohri at Haryana Bhawan in Delhi with Union Minister Manohar Lal Khattar amongst other dignitaries.
— ANI (@ANI) January 13, 2026
(Video: Delhi CMO) pic.twitter.com/0KMRlspjd3
हिमाचल में सीएम सक्खू ने परिवार संग की पूजा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित ओकओवर में अपने परिवार के साथ लोहड़ी के अवसर पर पूजा-अर्चना की. यह आयोजन पारिवारिक और आध्यात्मिक भावना से जुड़ा रहा.
यूपी में भी दिखा गजब का उत्साह
उत्तर प्रदेश में भी लोहड़ी बड़े उत्साह के साथ मनाई गई. नोएडा में लोगों ने पारंपरिक अंदाज़ में अलाव जलाकर पर्व मनाया. वहीं अयोध्या में पंजाबी समुदाय ने गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में लोहड़ी मनाई. यहां अलाव जलाया गया, प्रसाद वितरित हुआ और परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन किया गया.
पंजाब और हरियाणा में दिखी लोहड़ी की धूम
पंजाब में लोहड़ी का उत्साह चरम पर रहा. अमृतसर में लोगों ने भांगड़ा और गिद्धा कर पर्व का आनंद लिया. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के साथ पंजाब लोक भवन में लोहड़ी मनाई. यह आयोजन राजनीतिक सौहार्द का भी प्रतीक बना.
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जम्मू-कश्मीर में CRPF जवानों का भी दिखा जोश
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में तैनात सीआरपीएफ जवानों ने भी लोहड़ी पूरे जोश के साथ मनाई. दक्षिण कश्मीर में जवानों ने अलाव के चारों ओर गीत गाकर और मिठाइयां बांटकर पर्व की खुशियां साझा कीं. कुल मिलाकर, लोहड़ी ने इस बार भी देशभर में एकता, परंपरा और उत्साह का संदेश दिया.
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