UP Election 2027: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बिछी सियासी बिसात....
UP Election 2027: गंगा और यमुना के उपजाऊ दोआब में बसा बुलंदशहर केवल 'काला आम' चौराहे की पहचान, खुर्जा की विश्वप्रसिद्ध पॉटरी (सरेमिक उद्योग), नरोरा परमाणु ऊर्जा केंद्र की आधुनिक ऊर्जा शक्ति और ऐतिहासिक महाभारतकालीन धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक अत्यंत प्रतिष्ठित, सामाजिक और रणनीतिक शक्ति केंद्र माना जाता है.
जहां मेरठ अपने क्रांतिकारी इतिहास और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) अपनी औद्योगिक चमक-धमक के लिए जाना जाता है, वहीं बुलंदशहर अपने समृद्ध कृषि क्षेत्र, मजबूत किसान आंदोलनों, डेयरी उद्योग और गहरे सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों के कारण प्रदेश के सियासी पटल पर बेहद असरदार भूमिका निभाता है. आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पश्चिमी यूपी के इस रणनीतिक रूप से अहम जिले में भी राजनीतिक दलों ने अपनी बिसात बिछाने शुरू कर दी है.
बुलंदशहर न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि यहाँ का विशाल दुग्ध उत्पादन नेटवर्क, खुर्जा का सिरेमिक क्लस्टर और दिल्ली-एनसीआर से सटा औद्योगिक ताना-बाना इसकी अर्थव्यवस्था को अटूट मजबूती प्रदान करता है. अनूपशहर में गंगा के पवित्र घाटों से लेकर बुलंदशहर शहर के व्यापारिक केंद्रों तक, और स्याना व सिकंदराबाद के उपजाऊ ग्रामीण अंचलों से लेकर खुर्जा, शिकारपुर और डिबाई तक, बुलंदशहर की जनता का हर राजनीतिक फैसला लखनऊ की विधानसभा की दिशा और दशा को गहराई से प्रभावित करता है.
‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस श्रृंखला में आज बात बुलंदशहर जिले की...
बुलंदशहर की राजनीति का मिज़ाज राज्य के अन्य क्षेत्रों से काफी अलग और दिलचस्प है. 7 विधानसभा सीटों वाला यह जिला (बुलंदशहर, सिकंदराबाद, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर और खुर्जा) सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद विविधतापूर्ण है. यहां चुनावी वैतरणी पार करने के लिए किसानों को फसलों का वाजिब मूल्य, गन्ना भुगतान, आवारा पशुओं की समस्या, कानून-व्यवस्था, खुर्जा के पॉटरी उद्योग का विकास, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं और स्थानीय युवाओं के रोजगार के मुद्दे बेहद निर्णायक सिद्ध होते हैं.
ऐतिहासिक रूप से बुलंदशहर की राजनीति में किसान आंदोलनों से लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कांग्रेस का मजबूत जनाधार देखने को मिला है. यहां हमेशा बहुकोणीय और तीखा मुकाबला देखने को मिलता है, जहां जातीय समीकरण और स्थानीय जन-मुद्दे हार-जीत की रेखा तय करते हैं. एनसीआर कनेक्टिविटी, गन्ना किसानों के सवाल, गंगा स्वच्छता और औद्योगिक प्रोत्साहन हमेशा से चुनावी नतीजों की दिशा तय करते आए हैं.
यहाँ के सियासी मैदान में मुख्य मुद्दे किसानों की खुशहाली, औद्योगिक विकास, कानून-व्यवस्था, नरोरा व खुर्जा क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं का रोजगार के इर्द-गिर्द घूमते हैं. आखिर बुलंदशहर जिले की 7 विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किन सीटों पर किस दिग्गज का पलड़ा भारी रहा है? और आगामी महामुकाबले में किसकी चुनावी रणनीति सटीक बैठेगी? आइये सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं…
बुलंदशहर जिले की आबादी और साक्षरता दर
| श्रेणी | विवरण | आंकड़ा |
| जनसंख्या | कुल जनसंख्या | 34,99,171 |
| पुरुष जनसंख्या | 18,49,157 | |
| महिला जनसंख्या | 16,50,014 | |
| साक्षरता दर | कुल साक्षरता दर | 76.23% |
| पुरुष साक्षरता दर | 82.52% | |
| महिला साक्षरता दर | 56.60% |
2011 जनगणना के अनुसार, बुलंदशहर की धार्मिक आबादी
| धर्म | प्रतिशत |
| हिंदू | 77.37% |
| मुस्लिम | 22.22% |
| ईसाई | 0.12% |
| सिख | 0.08% |
| जैन | 0.04% |
| बौद्ध | 0.02% |
| अन्य धर्म | 0.00% |
2022 विधानसभा चुनाव परिणाम
| विधानसभा सीट | उम्मीदवार का नाम | पार्टी | कुल प्राप्त वोट |
| सिकंदराबाद | लक्ष्मी राज सिंह | BJP | 1,25,644 |
| राहुल यादव | SP | 96,301 | |
| मनवीर सिंह | BSP | 42,634 | |
| बुलंदशहर सदर | प्रदीप कुमार चौधरी | BJP | 1,27,076 |
| मोहम्मद यूनुस | RLD | 1,01,246 | |
| मोहम्मद मोबिन कल्लू कुरैशी | BSP | 24,373 | |
| स्याना | देवेन्द्र सिंह लोधी | BJP | 1,49,125 |
| दिलनवाज़ खान | RLD | 59,468 | |
| सुनील कुमार | BSP | 36,193 | |
| अनूपशहर | संजय कुमार शर्मा | BJP | 1,25,602 |
| रामेश्वर | BSP | 47,979 | |
| के.के. शर्मा | NCP | 44,180 | |
| डिबाई | चंद्रपाल सिंह | BJP | 1,28,640 |
| हरीश कुमार | SP | 60,615 | |
| करन पाल सिंह | BSP | 24,516 | |
| शिकारपुर | अनिल कुमार | BJP | 1,13,855 |
| किरनपाल सिंह | RLD | 58,172 | |
| मु. रफ़ीक | BSP | 37,358 | |
| खुर्जा (SC) | मीनाक्षी सिंह | BJP | 1,37,461 |
| बंशी सिंह | SP | 70,377 | |
| विनोद | BSP | 45,325 |
जानें इन सीटों के बारे में...
सिकंदराबाद: इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों (सिकंदराबाद इंडस्ट्रियल एरिया) का बड़ा प्रभाव है. 2022 में भाजपा के लक्ष्मी राज सिंह ने सपा के राहुल यादव को हराकर भगवा लहराया था.
बुलंदशहर सदर: यह जिले का मुख्य मुख्यालय क्षेत्र है जहाँ राजनीतिक मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहता है. पिछले चुनाव में भाजपा के प्रदीप कुमार चौधरी ने रालोद (RLD) के मोहम्मद यूनुस को हराकर इस सीट पर जीत दर्ज की थी.
स्याना: यह सीट ऐतिहासिक रूप से कृषि प्रधान और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है. 2022 में यहाँ भाजपा के देवेन्द्र सिंह लोधी ने एकतरफा मुकाबले में रालोद के उम्मीदवार को करीब 90,000 वोटों से शिकस्त दी थी.
अनूपशहर: गंगा नदी के किनारे बसा यह क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है. यहाँ भाजपा के संजय कुमार शर्मा ने बसपा प्रत्याशी को मात देकर पार्टी का परचम बरकरार रखा था.
डिबाई: पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के राजनीतिक प्रभाव के कारण यह क्षेत्र लोध बाहुल्य और भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है. यहाँ भाजपा के चंद्रपाल सिंह ने सपा उम्मीदवार को भारी मतों से हराया था.
शिकारपुर: यह एक ग्रामीण बाहुल्य विधानसभा सीट है जहाँ पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने भाजपा के टिकट पर शानदार जीत हासिल की थी. उन्होंने रालोद के किरनपाल सिंह को करीब 55,000 वोटों से पीछे छोड़ा था.
खुर्जा (SC): यह एक सुरक्षित (Reserved) सीट है जो देश-विदेश में अपनी पॉटरी (मिट्टी के बर्तनों) के उद्योग के लिए प्रसिद्ध है. 2022 में भाजपा की महिला उम्मीदवार मीनाक्षी सिंह ने यहाँ सपा के बंशी सिंह को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी.
555 दिन के FD पर मिलेगा 7% से ज्यादा ब्याज, ये 6 बैंक ऑफर कर रहें खास स्कीम, देखें लिस्ट
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को बचत और निवेश के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है। ब्याज दरों में बैंक विभिन्न कारकों को देखते हुए अक्सर बदलाव करते हैं। वर्तमान में ऐसे कई बैंक जो 555 दिन का स्पेशल टेन्योर ऑफर कर रहे हैं। इस पर वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी मिल रही है। इंटरेस्ट रेट 7% ज्यादा है। निवेश से पहले ग्राहकों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट विजिट या नजदीकी शाखा विजिट करने की सलाह दी जाती है।
इस लिस्ट में पब्लिक सेक्टर के चार बैंक- केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। हालांकि चारों बैंक प्राइवेट सेक्टर के कर्नाटक बैंक और सिटी यूनियन बैंक से कम ब्याज ऑफर कर रहे हैं।
सरकारी बैंक दे रहे हैं कितना ब्याज?
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- बैंक ऑफ बड़ौदा वर्तमान में गोल्डन गोल डिपॉजिट स्कीम के तहत 555 दिन के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 6.75% इंटरेस्ट दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 7.25% रिटर्न मिल रहा है। सुपर सीनियर सिटीजंस को 7.35% रिटर्न मिल रहा है। इंटरेस्ट रेट आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।
- इंडियन बैंक IND Grow नाम की स्पेशल स्कीम ऑफर कर रहा है।’इसमें 555 दिन के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 6.65% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.15% रिटर्न मिल रहा है। ब्याज दरें ग्राहक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।
- केनरा बैंक भी 555 दिन का स्पेशल टेन्योर ऑफर कर रहा है। इसपर सामान्य नागरिकों को 6.60% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.10% इंटरेस्ट मिल रहा है। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नए रेट्स चेक कर सकते हैं।
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक सामान्य नागरिकों को 6.55% ब्याज मिल रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% रिटर्न मिल रहा है, ब्याज दर 7.05% है। सुपर सीनियर सिटीजंस को 7.25% इंटरेस्ट मिल रहा है।
प्राइवेट बैंक दे रहें कितना ब्याज?
सिटी यूनियन बैंक 555 दिन के टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 7.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 7.50% और सुपर सीनियर सिटीजंस को 7.55% रिटर्न मिल रहा है। प्राइवेट सेक्टर का कर्नाटक बैंक 555 दिन के टेन्योर पर 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% इंटरेस्ट मिल रहा है।
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