त्योहारी सीजन में घर जाना हुआ आसान, रेलवे ने बढ़ाईं 4 स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल
Special Trains Extesion: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है. दशहरा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान अपने घर जाने वाले लोगों की इसी मुश्किल को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए चार महत्वपूर्ण रूटों पर चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन समय को आगे बढ़ा दिया है. दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इन ट्रेनों के फेरों में विस्तार होने से त्योहारों पर सफर करने वाले लाखों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा.
ये स्पेशल गाड़ियां अक्टूबर से दिसंबर के दौरान कुल 66 अतिरिक्त फेरे पूरी करेंगी. इस फैसले से उत्तर, दक्षिण, पूर्व और मध्य भारत के बीच आने-जाने वाले मुसाफिरों को कन्फर्म सीट हासिल करने में आसानी होगी. त्योहार के समय लोग बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और आरामदायक तरीके से अपने परिवार के बीच पहुंच सकेंगे.
चेरलापल्ली और शालीमार के बीच सीधी सुविधा
तेलंगाना के चेरलापल्ली से पश्चिम बंगाल के शालीमार के बीच चलने वाली वीकली स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाए गए हैं. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 18 फेरे लगाएगी. गाड़ी संख्या 08046 चेरलापल्ली से शालीमार के लिए 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक हर शनिवार को चलाई जाएगी, जिसके कुल 9 फेरे होंगे.
वापसी में गाड़ी संख्या 08045 शालीमार से चेरलापल्ली के लिए 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक हर शुक्रवार को रवाना होगी. इस दिशा में भी ट्रेन 9 फेरे पूरे करेगी. अपने सफर के दौरान यह ट्रेन काजीपेट, वारंगल, खम्मम, रायाणापाडू, राजमुंदरी, विशाखापट्टनम, विजयनगरम, ब्रह्मपुर, भुवनेश्वर, कटक, भद्रक, बालासोर, खड़कपुर और संतरागाछी स्टेशनों पर रुकेगी. इस ट्रेन में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर और सामान्य सेकंड क्लास के डिब्बे उपलब्ध रहेंगे.
दक्षिण भारत से राजस्थान का सफर हुआ आसान
दक्षिण भारत को सीधे राजस्थान से जोड़ने वाली कोयंबटूर और जयपुर वीकली स्पेशल ट्रेन की अवधि भी बढ़ा दी गई है. यह ट्रेन त्योहारों के दौरान कुल 16 फेरे लगाएगी. गाड़ी संख्या 06181 कोयंबटूर से जयपुर के लिए 8 अक्टूबर से 26 नवंबर तक हर गुरुवार को पटरी पर दौड़ेगी, जिसमें कुल 8 फेरे शामिल हैं.
वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 06182 जयपुर से कोयंबटूर के लिए 11 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को चलाई जाएगी. यह ट्रेन तिरुपुर, इरोड, सेलम, काटपाडी, रेणिगुंटा, कर्नूल सिटी, काचीगुडा, निजामाबाद, नांदेड़, अकोला, भुसावल, वडोदरा, रतलाम, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी. इससे लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को बड़ा सहारा मिलेगा.
जोधपुर से चेन्नई रूट पर दिसंबर तक राहत
उत्तर-पश्चिम भारत और तमिलनाडु के बीच यात्रा करने वालों के लिए जोधपुर और चेन्नई वीकली स्पेशल ट्रेन को दिसंबर तक जारी रखने का फैसला हुआ है. यह गाड़ी दोनों तरफ से कुल 18 फेरे लगाएगी. गाड़ी संख्या 04815 जोधपुर से चेन्नई के लिए 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक हर शनिवार को चलेगी, जिसके कुल 9 फेरे तय किए गए हैं.
चेन्नई सेंट्रल से जोधपुर के लिए गाड़ी संख्या 04816 का संचालन 6 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार को किया जाएगा. इस ट्रेन के ठहराव मेड़ता रोड, फुलेरा, जयपुर, सवाई माधोपुर, गुना, बीना, भोपाल, इटारसी, नागपुर, बल्हारशाह, वारंगल, विजयवाड़ा, ओंगोल और नेल्लोर स्टेशनों पर तय किए गए हैं.
कानपुर से बेंगलुरु के लिए 14 अतिरिक्त फेरे
उत्तर प्रदेश से कर्नाटक की यात्रा करने वाले लोगों के लिए कानपुर सेंट्रल और एसएमवीटी बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन का संचालन बढ़ाया गया है. यह ट्रेन दोनों तरफ से कुल 14 फेरे लगाएगी. गाड़ी संख्या 04131 कानपुर सेंट्रल से एसएमवीटी बेंगलुरु के लिए 4 अक्टूबर से 15 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को चलेगी, जिसके 7 फेरे होंगे.
वापसी में गाड़ी संख्या 04132 एसएमवीटी बेंगलुरु से कानपुर सेंट्रल के लिए 7 अक्टूबर से 18 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी. रास्ते में यह ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज, मानिकपुर, सतना, कटनी, जबलपुर के मदन महल, इटारसी, नागपुर, विजयवाड़ा, रेणिगुंटा, काटपाडी और कृष्णराजपुरम स्टेशनों पर रुकेगी.
टिकट बुकिंग और समय सारणी की जानकारी
रेलवे प्रशासन ने इन सभी विस्तारित ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है. यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट irctc.co.in अथवा रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर जाकर अपनी टिकट बुक करा सकते हैं. रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि यात्रा की योजना बनाने से पहले वे नेशनल ट्रेन इनक्वायरी सिस्टम यानी एनटीईएस ऐप पर गाड़ियों की समय सारणी और ठहराव की पूरी जानकारी अवश्य देख लें.
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भाऊसाहेब रंगारी गणपति दरबार में साइना नेहवाल, लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर समेत कई हस्तियों ने लगाई हाजरी
ढोल-ताशों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच पुणे का गणेशोत्सव अपने पूरे रंग में है. इसी माहौल में शनिवार को ऐतिहासिक श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में कई चर्चित हस्तियों ने हाज़िरी लगाई. दक्षिणी कमान के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और NCP (SP) नेता रोहित पवार ने बप्पा के दर्शन किए.
श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई थी
मंडल में पहुंचने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल पुष्कर ने पुणे के गणेशोत्सव को करीब से देखने का अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा, “यहां आकर बहुत अच्छा और धन्य महसूस हो रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाए जाते हैं. पुणे का गणेशोत्सव देखना अपने आप में एक शानदार अनुभव है.” उनका बयान उस उत्सवी माहौल के बीच आया, जब मंडल में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई थी.
युवा खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए
साइना नेहवाल के लिए बप्पा के दर्शन के साथ पुणे की पुरानी यादें भी ताजा हुईं. उन्होंने कहा, “पुणे मेरे सफर का एक खास हिस्सा है. यहां से मेरी बहुत सी यादें जुड़ी हैं, जिसमें वर्ल्ड चैंपियन बनना और कॉमनवेल्थ गेम्स जीतना भी शामिल है. हमें एकजुट रहना चाहिए, अपनी परंपराओं को सहेजना चाहिए और युवा खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए.” नेहवाल ने युवाओं और खेलों को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं. माता-पिता के सही सहयोग, बेहतर अवसर और मजबूत स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ हमारी युवा पीढ़ी बहुत कुछ हासिल कर सकती है और भारत का नाम दुनिया में और रोशन कर सकती है.”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को मजबूत स्पोर्टिंग नेशन बनने की दिशा में काम करते रहना चाहिए और भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी की उम्मीद जताई. रोहित पवार ने दर्शन के बाद अजित पवार को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, “इस गणेशोत्सव में हमें अजित पवार की कमी महसूस हुई. मुझे उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा. मैंने सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे किसानों और MPSC छात्रों के लिए भी प्रार्थना की है.”
135वें वर्ष का उत्सव मनाया जा रहा
मंडल के फेस्टिवल हेड पुनीत बालन ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान लगातार बड़ी हस्तियां और VVIP यहां पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा, “कई सेलिब्रिटी और VVIP यहां बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद लेने आ रहे हैं. लोगों की आस्था बप्पा में है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए हमने उनकी सुविधा के लिए कई इंतजाम किए हैं और पूरे गणेशोत्सव का प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है.” भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल की पहचान सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है. मंडल के अनुसार, 1892 में श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ने सार्वजनिक गणेशोत्सव की स्थापना की थी. इस वर्ष 135वें वर्ष का उत्सव मनाया जा रहा है. ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक उत्सव और बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालु इसे पुणे के प्रमुख गणपति स्थलों में शामिल करते हैं. शनिवार को सेना, खेल और राजनीति के प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने मंडल के उत्सवी माहौल को और चर्चा में ला दिया.
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