पुण्यतिथि विशेष : नींद में चलता था यह शायर, रात भर कुएं के पास बैठी रहती थी मां
मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। शायरी की दुनिया में मुनव्वर राणा की आवाज आज भी सबसे मकबूल और दिलकश मानी जाती है। उनकी शायरी के न जाने कितने प्रशंसक हैं। उन्होंने कई गहरी और भावुक रचनाएं दीं, लेकिन सबसे ज्यादा मशहूर शायरी 'मां' पर है। उनकी शायरी में मां के प्यार, बलिदान और ममता को सरल और मार्मिक शब्दों में बयां किया कि सुनने वाले की आंखें भर आती हैं।
पुण्यतिथि विशेष : नींद में चलता था यह शायर, रात भर कुएं के पास बैठी रहती थी मां
मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। शायरी की दुनिया में मुनव्वर राणा की आवाज आज भी सबसे मकबूल और दिलकश मानी जाती है। उनकी शायरी के न जाने कितने प्रशंसक हैं। उन्होंने कई गहरी और भावुक रचनाएं दीं, लेकिन सबसे ज्यादा मशहूर शायरी 'मां' पर है। उनकी शायरी में मां के प्यार, बलिदान और ममता को सरल और मार्मिक शब्दों में बयां किया कि सुनने वाले की आंखें भर आती हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama

















