जम्मू-कश्मीर में LoC के पास दिखा संदिग्ध ड्रोन:सेना ने फायरिंग कर पाकिस्तान की ओर भगाया, 3 दिन में दूसरा मामला
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मंगलवार शाम LoC के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखे। भारतीय सेना ने फायरिंग कर दी। सेना के सूत्रों के मुताबिक, यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान मंडराता हुआ नजर आया था। फायरिंग के बाद ड्रोन सीमा पार लौट गया। सूत्रों ने बताया कि बीते तीन दिनों में जम्मू क्षेत्र में ड्रोन दिखने की यह दूसरी घटना है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए LoC पर निगरानी और चौकसी और बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए घुसपैठ या हथियार-नशीले पदार्थ गिराने की कोशिश की जा सकती है। इससे पहले रविवार देर शाम भी जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे। नॉशेरा सेक्टर, धरमसाल सेक्टर, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एक साथ कुल पांच ड्रोन स्पॉट किए गए थे। हालांकि, इन घटनाओं में किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। लगातार ड्रोन गतिविधियों के चलते सेना और सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर हैं। सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की साजिश को नाकाम किया जा सके। दो दिन पहले दिखे थे 5 ड्रोन इससे पहले 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में पाकिस्तान से लगी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास रविवार शाम करीब 5 ड्रोन दिखाई दिए थे। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक राजौरी में नौशेरा सेक्टर में तैनात जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन देखा। इसके बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की। राजौरी के तेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आया और आगे भरख की ओर बढ़ गया। वहीं, सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे ड्रोन जैसी चीज कुछ मिनट तक मंडराती दिखी। पुंछ में भी मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन जैसी एक और चीज जाती हुई देखी गई। इससे पहले 9 जनवरी को सांबा में IB के पास घगवाल के पालूरा गांव में हथियार की खेप मिली थी, जिसे पाकिस्तान से आए ड्रोन ने गिराया था। इसमें 2 पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। सुरक्षा बलों को शक- पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार भेज रहा देश में गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन ड्रोन्स का इस्तेमाल सीमा पर सेना की पोजिशन जानने या फिर आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा है। क्या है ऑपरेशन सिंदूर, जो आज भी जारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के 8 महीने बाद ड्रोन पर अटैक किया। ऑपरेशन सिंदूर भारत का सैन्य अभियान था जो 7 मई 2025 को चलाया गया, जिसमें पाकिस्तानी और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक/एयर स्ट्राइक्स की गईं। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। लगभग 25 मिनट के अंदर पाकिस्तान में बहावलपुर, मुरीदके जैसे जैश और लश्कर के 9 ठिकानों को स्ट्राइक करके ध्वस्त किया गया था। हाल ही में पुणे में एक इवेंट के दौरान CDS अनिल चौहान ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसे रोका गया है। पाकिस्तान अगर आतंकी हमले या घुसपैठ करेगा तो ऑपरेशन सिंदूर दोबारा एक्टिव कर दिया जाएगा। --------------------- ये खबरें भी पढ़ें… आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव:ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, किसी भी दुस्साहस का जवाब दिया जाएगा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी तरह के आतंकी या सैन्य दुस्साहस के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। अगर कोई हरकत होती है तो एक्शन लिया जाएगा। पूरी खबर पढें…
राहुल बोले- स्कूल में केमिस्ट्री टीचर बहुत पसंद थीं:वह परीक्षा की तैयारी में मदद करती थीं, मैं स्कूल में काफी शरारती था
कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु के गुडलूर में थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल में बच्चों से मिले। राहुल ने बच्चों से बातचीत में बताया कि उन्हें केमिस्ट्री टीचर बहुत पसंद थीं, क्योंकि वह परीक्षा की तैयारियों में बहुत मदद करती थीं। वे बहुत अच्छा पढ़ाती थीं और परीक्षा की तैयारी में मदद करती थी, इसीलिए उन्हें वह टीचर बहुत अच्छी लगती थीं। मैं स्कूल में हर दिन कुछ न कुछ शरारत करता था। जब मैं बोर्डिंग स्कूल में पढ़ता था, तो अपने माता-पिता को यह यकीन दिलाता था कि मैं खुश नहीं हूं, जिससे वह मुझसे मिलने आएं। मैं सच में उदास नहीं रहता था, बल्कि स्कूल में बहुत खुश रहता था। राहुल के थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल दौरे की तस्वीरें: राहुल बोले- AI के कारण सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में मुश्किल आएगी राहुल गांधी ने कहा कि हमने आईटी क्षेत्र में काफी अच्छा काम किया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में हमारी सफलता के बारे में सभी ने सुना है, लेकिन AI के कारण अब यह इंडस्ट्री मुश्किलों में फंसने वाला है, ऐसे में हमें यह तय करना होगा कि हम सर्विस सेक्टर में पिछड़ न जाएं, जहां हम अच्छा काम कर रहे हैं। ऐसे में हमें अब मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में शुरुआत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति है वह यह है कि चीन ने मैन्यूफैक्चरिंग पर अपना दबदबा बना लिया है। हम जो कुछ भी इस्तेमाल करते हैं, यह माइक्रोफोन, वह कैमरा, ये सब चीजें चीन में बनी हैं, और हम चाहते हैं कि ये भारत में भी बनें। ऐसा करने के लिए हमें मानसिकता बदलनी होगी। शिक्षा महंगी नहीं होना चाहिए राहुल गांधी ने कहा कि वो सोचते हैं कि शिक्षा बहुत महंगी नहीं होनी चाहिए। साथ ही इसका निजीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल और कॉलेज हो सकते हैं, लेकिन अच्छी और गुणवत्ता पूर्ण सरकारी शिक्षा की भी अपनी भूमिका है और इसके लिए सरकार को शिक्षा के बजट में पैसा लगाना होगा। दूसरी बात यह है कि रोजगार देने वाला माहौल होना चाहिए, वो भी सिर्फ सर्विस, इंडस्ट्री और आईटी सेक्टर में नहीं बल्कि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में भी रोजगार अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें और युवा लड़के-लड़कियों को रोजगार मिल सके, उन्होंने कहा कि वो यही करेंगे। ये खबर भी पढ़ें: ब्लॉगर का दावा– राहुल गांधी से वियतनाम में मुलाकात हुई, फ्लाइट में साथ थे, फोटो–वीडियो पोस्ट किए ट्रैवल ब्लॉगर दक्ष ने 12 जनवरी को दावा किया कि राहुल गांधी से उनकी वियतनाम के हनोई एयरपोर्ट पर मुलाकात हुई। दोनों ने एक ही फ्लाइट में सफर किया। ब्लॉगर ने राहुल गांधी के साथ फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए हैं। हालांकि यह नहीं बताया कि फ्लाइट कहां की थी। पढ़ें पूरी खबर ...
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