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टीम इंडिया के लिए बढ़ा खतरा! एशेज का स्टार कंगारू गेंदबाज भारत में ही कर रहा है तबाही की तैयारी

IND vs AUS Test: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अगले साल की शुरुआत में 5 मैचों की ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज खेली जाएगी. इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत का दौरा करेगी. हालांकि इस महामुकाबले में अभी थोड़ा वक्त बाकी है, लेकिन क्रिकेट जगत में इसकी चर्चाएं और खिलाड़ियों की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं. इसी बीच, ऑस्ट्रेलिया के 32 वर्षीय तेज गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट ने इस सीरीज को लेकर हुंकार भरी है. उनकी नजरें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलियाई स्क्वाड में जगह बनाने पर टिकी हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि चयनकर्ता उन पर भरोसा जताएंगे.

ब्रेंडन डॉगेट लंबे समय से हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट से जूझ रहे थे, जिसके कारण वह फरवरी से ही प्रोफेशनल क्रिकेट से दूर थे. लेकिन अब वह चोट को मात देकर पूरी तरह फिट हो चुके हैं और अपनी लय हासिल करने के लिए 'ऑस्ट्रेलिया-ए' टीम का हिस्सा बनकर भारत पहुंच गए हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर वापसी करने के लिए यह कंगारू गेंदबाज इस समय पूरी तरह बेताब है.

हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट के बाद शानदार वापसी

ब्रेंडन डॉगेट के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. फरवरी में लगी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह महीनों तक मैदान से दूर रहे. अपनी फिटनेस पर बात करते हुए डॉगेट ने चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "मेरा शरीर अभी काफी अच्छी स्थिति में है. मैं पिछले दो महीनों से पूरी ताकत के साथ लगातार गेंदबाजी कर रहा हूं और सब कुछ नियंत्रण में महसूस हो रहा है." चोट के बाद भारत का यह दौरा उनका पहला प्रोफेशनल क्रिकेट असाइनमेंट होगा, जहां उनका शरीर और फॉर्म दोनों एक कड़े इम्तिहान से गुजरेंगे.

'इंडिया-ए' सीरीज बनेगी टेस्ट टीम का रास्ता

ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम को पुडुचेरी में इंडिया-ए के खिलाफ 2 चार दिवसीय (फॉर्स्ट क्लास) मैच खेलने हैं. यह मुकाबले 22 सितम्बर से 11 अक्टूबर तक पूरी तरह से पुडुचेरी में खेले जाएंगे. डॉगेट का मानना है कि भारत की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद को ढालने और चयनकर्ताओं के सामने अपनी फॉर्म साबित करने के लिए यह सबसे बेहतरीन मंच है. ऑस्ट्रेलिया में सर्दियों के मौसम के बाद भारत की अत्यधिक गर्मी और उमस में खेलना आसान नहीं होता, जिसके लिए डॉगेट और उनकी टीम ने विशेष रूप से गर्मी के अनुकूल होने का काम पर कड़ी मेहनत की है. 

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को बताया सबसे बड़ी चुनौती 

डॉगेट ने भारत में टेस्ट क्रिकेट खेलने की चुनौती को लेकर अपने बचपन के दिनों को याद किया. उन्होंने ICC से बातचीत में कहा, "उम्मीद है कि मैं बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट टीम का हिस्सा बन सकूंगा. एक ऑस्ट्रेलियाई के रूप में यह सबसे बड़ी सीरीज में से एक है. भारत में टेस्ट क्रिकेट देखते हुए बड़ा हुआ हूं, वहां खेलना एक वास्तविक संघर्ष की तरह दिखता है. यह ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की परिस्थितियों से बेहद अलग और मुश्किल चुनौती है.

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आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह 2026 में स्नातक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण का उत्सव

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने शनिवार को संस्थान में आयोजित दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन अपने स्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया. कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जो उनके शैक्षणिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और उनके पेशेवर एवं व्यक्तिगत जीवन के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है. समारोह में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने दीक्षांत संबोधन दिया. भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने समारोह की अध्यक्षता की.

उपलब्धियों का उत्सव मनाया 

दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के पहले दिन संस्थान के स्नातक विद्यार्थियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए और विभिन्न शैक्षणिक विषयों में उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया. स्नातक स्तर पर बी.आर्क, बी.टेक, इंटीग्रेटेड एम.टेक, इंटीग्रेटेड एम.एससी., आईडीडी, बीएस-एमएस और बी.एस. सहित विभिन्न कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं. आधिकारिक डिग्री विवरण के अनुसार, कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों में 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं.

2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा

दीक्षांत समारोह 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आईआईटी रुड़की दो दिवसीय समारोह के दौरान कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा है, जो संस्थान द्वारा अब तक प्रदान की गई डिग्रियों की सर्वाधिक संख्या है. संस्थान पहली बार अपने पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस डिग्री भी प्रदान कर रहा है.

समारोह में संस्थान स्तर के पुरस्कारों और पदकों का वितरण किया गया. इसके बाद मुख्य अतिथि का दीक्षांत संबोधन, स्नातक डिग्रियों का वितरण, विद्यार्थियों द्वारा शपथ ग्रहण तथा अन्य पदकों और पुरस्कारों का वितरण किया गया. आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, “दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और आईआईटी रुड़की के पूरे समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है. दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में कुल 2,701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं. आज 1,277 स्नातक विद्यार्थियों का स्नातक होना केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम के पूर्ण होने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उस यात्रा की शुरुआत है, जिसमें उनका ज्ञान, रचनात्मकता और मूल्य समाज तथा राष्ट्र के लिए योगदान दे सकते हैं. आईआईटी रुड़की में हम ऐसे युवा मस्तिष्कों को विकसित करने का प्रयास करते हैं, जो न केवल तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित हों, बल्कि आलोचनात्मक ढंग से सोचने, जिम्मेदारी के साथ नवाचार करने और जटिल चुनौतियों का समाधान करने की क्षमता भी रखते हों. मुझे विश्वास है कि हमारे स्नातक उत्कृष्टता और सेवा की उस भावना को आगे बढ़ाएंगे, जो आईआईटी रुड़की की पहचान है, और जहां भी वे अपने जीवन की यात्रा तय करेंगे, वहां सार्थक योगदान देंगे.”

रुड़की की एक गौरवशाली विरासत रही

बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्री श्रीवरदन बालाजी ने प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल प्राप्त किया. उन्हें जेईई (एडवांस्ड) के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया. आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा, “दीक्षांत समारोह प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान के लिए गर्व का क्षण होता है, क्योंकि यह वर्षों के अध्ययन, अनुशासन और दृढ़ता की परिणति का प्रतीक है. आईआईटी रुड़की की एक गौरवशाली विरासत रही है और इसने प्रतिभाओं को विकसित करने तथा देश की तकनीकी एवं बौद्धिक प्रगति में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. जब हमारे विद्यार्थी व्यापक दुनिया में कदम रख रहे हैं, तब मैं आशा करता हूं कि वे उत्कृष्टता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के उन मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे, जो इस संस्थान की पहचान हैं. 

हर कदम के लिए कोई तय रास्ता उपलब्ध नहीं

आज जब हमारे विद्यार्थी संस्थान की सुरक्षित और परिचित दुनिया से निकलकर व्यापक समाज में कदम रख रहे हैं, तो उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना होगा, जहाँ हर प्रश्न का आसान उत्तर या हर कदम के लिए कोई तय रास्ता उपलब्ध नहीं होगा. इन चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करें. जीवन में आपकी सफलताएं निश्चित रूप से महत्वपूर्ण होंगी, लेकिन कई बार असफलताएँ ही आपको वे मूल्यवान सबक सिखाती हैं, जो आपके व्यक्तित्व को मजबूत करते हैं, आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और आपके संकल्प को और दृढ़ करते हैं.मैं सभी ग्रेजुएट होने वाले छात्रों और उनके परिवारों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं.”

उभरती चुनौतियों का सामना 

भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने कहा,“आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनकर और इसके स्नातक विद्यार्थियों के जीवन में आए इस महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी बनकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है. किसी राष्ट्र की प्रगति काफी हद तक उसकी युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमताओं और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है. आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा मस्तिष्कों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मैं विद्यार्थियों से आग्रह करता हूं कि वे उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ें और साथ ही राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहें. मैं सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं.”

पेशेवर यात्रा के अगले चरण की ओर अग्रसर हुए

दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी, को ऑनोरिस कौसा उपाधि प्रदान किया जाना रहा. संस्थान के अध्यक्ष, सीनेट द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान उनकी विशिष्ट लोक सेवा के प्रति मान्यता का प्रतीक है और संस्थान के दीक्षांत समारोह में एक महत्वपूर्ण अवसर को चिह्नित करता है. आईआईटी रुड़की में उनकी उपस्थिति ने उस अवसर को और विशेष बना दिया, जब स्नातक विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा के अगले चरण की ओर अग्रसर हुए.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी ने कहा, “आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए गौरव की बात है. इस संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है. जब स्नातक विद्यार्थी अपनी यात्रा के अगले चरण की शुरुआत कर रहे हैं, तब वे अपने साथ संस्थान में अर्जित ज्ञान और कौशल के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के व्यापक हित के लिए उनका उपयोग करने की जिम्मेदारी भी लेकर जा रहे हैं. भारत के सामने मौजूद चुनौतियों के लिए ऐसे युवा पेशेवरों और शोधकर्ताओं की आवश्यकता है, जो नवोन्मेषी ढंग से सोच सकें, ईमानदारी के साथ कार्य करें और उद्देश्य की मजबूत भावना के साथ योगदान दें. मैं सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देता हूं और उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं.”

स्टार्ट-अप की स्थापना में सहयोग दिया

आईआईटी रुड़की शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में संस्थान ने वैश्विक स्तर पर 335वां और राष्ट्रीय स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया है. वहीं, एनआईआरएफ 2025 रैंकिंग में संस्थान को ओवरऑल श्रेणी में 7वां और इंजीनियरिंग में 6वां स्थान मिला है. वास्तुकला ने लगातार पांचवें वर्ष शीर्ष स्थान बरकरार रखा है. वर्ष के दौरान संस्थान ने अपने अनुसंधान और नवाचार तंत्र को भी और मजबूत किया. संस्थान ने 136 पेटेंट आवेदन दाखिल किए, 144 पेटेंट स्वीकृतियां प्राप्त कीं और 11 फैकल्टी-नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप की स्थापना में सहयोग दिया.

सार्थक योगदान देने के लिए तैयार 

दीक्षांत समारोह 2026 के स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल श्रीवरदन बालाजी, डायरेक्टर गोल्ड मेडल श्री नवनीत कुमार, भारत के राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल सुश्री आशी जैन, इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल    श्री रूपम तनेजा एवं इंस्टीट्यूट ब्रॉन्ज मेडल श्री सुकृत जिंदल को मिला. आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में स्नातक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दोहराया गया. स्नातक विद्यार्थी जब अपनी नई यात्राओं की शुरुआत कर रहे हैं, तब वे आईआईटी रुड़की की उत्कृष्टता की विरासत को आगे लेकर जा रहे हैं और शिक्षा जगत, उद्योग, अनुसंधान तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं. 

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