वर्ष 2025 में शीत्सांग में जन-हितकारी सांस्कृतिक परियोजना फलदायी
बीजिंग, 13 जनवरी (आईएएनएस)। हाल ही में, शीत्सांग के संस्कृति और पर्यटन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में, शीत्सांग ने जन-हितकारी सांस्कृतिक परियोजनाओं के निर्माण और जमीनी स्तर पर सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया और व्यापक रूप से जन सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया, परिणामस्वरूप पूरे शीत्सांग में 1.6 करोड़ लोगों को सांस्कृतिक लाभ मिला है।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में, शीत्सांग में सभी पुस्तकालयों में लगभग 5.2 लाख आगंतुक आए और 1.1 लाख पुस्तकें उधार दी गईं। केसांग फूल प्रदर्शन सत्र, हमारे त्योहार, चार ऋतुओं का ग्राम उत्सव और सांस्कृतिक सीमा भ्रमण जैसी 1 लाख से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनसे सांस्कृतिक गतिविधियों में लोगों की भागीदारी और संतुष्टि की भावना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
पिछले वर्ष, शीत्सांग में जमीनी स्तर की सांस्कृतिक सुविधाओं को लगातार मजबूत किया गया है। उत्कृष्ट सांस्कृतिक संसाधनों को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है। 9 काउंटी और जिला स्तरीय सार्वजनिक पुस्तकालयों के लिए सामान्य शाखा प्रणाली का निर्माण और 6 सीमावर्ती कस्बों में नए सार्वजनिक सांस्कृतिक स्थलों के लिए पायलट परियोजनाओं को सफलतापूर्वक बढ़ावा दिया गया है, जिससे लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली सांस्कृतिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इसके अलावा, सांस्कृतिक प्रदर्शन और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत परियोजनाएं जमीनी स्तर तक भी पहुंच रही हैं। शीत्सांग भर में जन कला केंद्र, काउंटी और जिला कला मंडलियां और लोक कला समूह मैदानी नृत्य, क्वो-च्वांग नृत्य, तिब्बती ओपेरा आदि परियोजनाओं में अपने कार्यों के लिए कई पुरस्कार जीत चुके हैं, जिससे सांस्कृतिक उपलब्धियों से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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फ्रांस के किसानों ने ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते के खिलाफ पेरिस में किया प्रदर्शन
पेरिस, 13 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के किसानों ने मंगलवार को पेरिस में लगभग 350 ट्रैक्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह एक हफ्ते में दूसरी बार था जब किसानों ने ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते और कम आय के खिलाफ अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया।
किसान सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) के आसपास पोर्ट डॉफ़िन से पेरिस में प्रवेश किए और पुलिस के गश्ती में एवेन्यू फॉच होते हुए आर्क डी ट्रायम्फ तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने शैंप्स-एलीसीज़ मार्ग पर ड्राइविंग की और सेन नदी पार करके नेशनल असेंबली तक पहुंच गए।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व एफएनएसईए किसान संघ और यंग फार्मर्स ने किया। किसानों ने अपने ट्रैक्टरों पर किसान के बिना देश नहीं और किसान नहीं तो खाना नहीं जैसे स्लोगन लिखे थे। उन्होंने फ्रांस की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की मांग की।
यह प्रदर्शन ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते पर पैराग्वे में शनिवार को होने वाली हस्ताक्षर से पहले आयोजित किया गया। यह समझौता यूरोपीय संघ और अर्जेंटीना, ब्राजील, उरुग्वे और पैराग्वे के बीच एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने की सुविधा देगा।
यूरोप के किसानों ने इस समझौते की आलोचना की है, उनका कहना है कि इससे सस्ते आयात से घरेलू बाजार प्रभावित होंगे। पिछले हफ्ते, अधिकांश ईयू सदस्य देशों ने इस समझौते को मंजूरी दी, हालांकि फ्रांस, हंगरी, ऑस्ट्रिया, पोलैंड और आयरलैंड ने इसका विरोध किया।
फ्रांस सरकार की प्रवक्ता मॉड ब्रेज़ॉन ने मंगलवार को कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए जल्द नई घोषणाएँ करेगी। उन्होंने कहा कि संवाद और चर्चा जारी हैं, खासकर आय, जल, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और कृषि हस्तांतरण के सवालों पर।
10 जनवरी को फ्रांस की कृषि मंत्री एनी जेनवार्ड ने घोषणा की कि सरकार किसानों के समर्थन के लिए 300 मिलियन यूरो जुटा रही है। जेनवार्ड ने कहा कि यह कदम स्वास्थ्य, आर्थिक और जलवायु संकटों के मद्देनजर उठाए गए हैं और इसमें आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और भविष्य की तैयारी के लिए ठोस उपाय शामिल हैं।
जेनवार्ड ने कहा कि जल संरक्षण के लिए हाइड्रोलिक फंड को 20 मिलियन से बढ़ाकर 60 मिलियन यूरो किया गया है, भेड़ियों की संख्या नियंत्रण के लिए नीतियों में ढील दी गई है, और प्रमुख फसलों के लिए अतिरिक्त 40 मिलियन यूरो सहायता दी जाएगी। वाइन उद्योग के लिए 130 मिलियन यूरो की राशि निर्धारित की गई है।
8 जनवरी को भी फ्रांस के किसानों ने करीब 100 ट्रैक्टर लेकर पेरिस के सेंट्रल हिस्से में प्रवेश किया और यूरोपीय संघ के मर्कोसुर मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस ब्लॉकेड को पार करके एफिल टॉवर और आर्क डी ट्रायम्फ जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच बनाई।
फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, लगभग 20 ट्रैक्टर शहर के केंद्र तक पहुंचे, जबकि अधिकांश ट्रैक्टर शहर की सीमा पर ही रोक दिए गए। ए13 मोटरवे को सुबह 5.53 बजे पेरिस की दिशा में बंद कर दिया गया। यह विरोध रूरल कॉर्डिनेशन संघ द्वारा फ्रांस सरकार पर दबाव बनाने के लिए आयोजित किया गया था, क्योंकि किसान इस व्यापार समझौते को अपनी आजीविका के लिए हानिकारक मानते हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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