भोपाल के व्यापारियों की वित्त मंत्री से गुहार, केंद्र सरकार से बात कर वापस कराएं UPI टैक्स
भोपाल में UPI से होने वाले डिजिटल पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने की चर्चाओं ने कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। सरकार की इस तैयारी के विरोध में पूरी राजधानी का व्यापारिक समुदाय अब एकजुट होने लगा है।
शुक्रवार को चौक बाजार व्यापारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले पर पहुंचा और इस टैक्स को लेकर अपनी गहरी आपत्ति जताई।
वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपकर केंद्र से बात करने की उठाई मांग
व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से मुलाकात के दौरान उन्हें अपनी चिंताओं से भरा एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से साफ शब्दों में कहा कि वे मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से केंद्र सरकार से बातचीत करें और 0.4 फीसदी टैक्स के इस फैसले को तुरंत निरस्त कराएं। व्यापारियों का कहना था कि इस टैक्स से छोटे-बड़े सभी दुकानदारों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव बढ़ेगा।
डिजिटल इंडिया अभियान को लगेगा तगड़ा झटका
कारोबारी नेताओं का मानना है कि डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाने का असर सीधे तौर पर बाजार और ग्राहकों, दोनों की जेब पर पड़ेगा। व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि पिछले कुछ सालों में सरकार ने कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए काफी मेहनत की है। ऐसे में अगर यूपीआई पर ही टैक्स लगा दिया गया तो डिजिटल भुगतान अभियान को गहरा झटका लगेगा और लोग मजबूरी में फिर से नकद लेनदेन की तरफ लौटने लगेंगे।
छोटे दुकानदारों की खत्म हो जाएगी कमाई: अभिषेक जैन
चौक बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष अभिषेक जैन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ इस पर टैक्स लगाकर कारोबारियों को हतोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 0.4 प्रतिशत का यह शुल्क छोटे-मोटे दुकानदारों के मामूली प्रॉफिट मार्जिन को पूरी तरह खत्म कर देगा, जिससे बाजार में व्यापार करना और मुश्किल हो जाएगा।
बाइट: अभिषेक जैन
फैसला वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी
व्यापारी प्रतिनिधियों ने अपनी बात खत्म करते हुए चेतावनी दी कि यदि यूपीआई लेनदेन पर टैक्स का यह फैसला जल्द रद्द नहीं किया गया, तो पूरे शहर के व्यापारी संघ मिलकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल कारोबारियों को उम्मीद है कि राज्य के वित्त मंत्री इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेंगे और केंद्र सरकार के सामने मजबूती से उनका पक्ष रखकर राहत दिलवाएंगे।
योगी आदित्यनाथ ने UPPSC एवं UPSSSC परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति-पत्र, समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में UPPSC एवं UPSSSC द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिए, मुख्यमंत्री ने बधाई और शुभकामनायें देते हुए कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी ईमानदारी, निष्ठा और तन्मयता के साथ उत्तर प्रदेश शासन का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा, ऊर्जा एवं सेवाभाव से प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा करेंगे तथा ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत UPPSC एवं UPSSSC द्वारा व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट और चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन के पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को आज लखनऊ में नियुक्ति-पत्र दिए । इस अवसर पर आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर नवचयनित अभ्यर्थियों से संवाद भी हुआ।
अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा भर्ती बोर्ड और आयोग जब शासन की किसी राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाओं की पारदर्शी प्रक्रिया संचालित करते हैं तो इसी तरह के परिणाम आमने आते हैं , योगी ने कहा अब तक हमरी सरकार करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को ऐसे नियुक्ति पत्र दे चुके हैं और अगले 6 महीने में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं, उन्होंने कहा 2017 के पहले सरकारी नौकरी के लिए गदर मचाने वाले अब काउंट करें और हम देते चले जायेंगे।
2017 के पहले एक भी भर्ती ईमानदारीपूर्वक नहीं होती थी
योगी ने कहा 2017 के पहले यूपी में हर दूसरे दिन एक दंगा होता था, महीनों कर्फ्यू रहता था, कोई सुरक्षित नहीं था, भर्ती बोर्ड और आयोग में तत्कालीन सरकार ने अपने भाई और भतीजों को बैठकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर रखा था एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी युवा पलायन करता था उसके एक ओर कुआ दूसरी ओर खाई थी क्योंकि यूपी में नौकरी नहीं थी और यूपी के बाहर उसे पहचान का संकट था बाहर कोई नौकरी देने के लिए आसानी से तैयार नहीं होता था लेकिन आज यूपी की अलग पहचान है।
योगी का अखिलेश पर तंज, आज उपदेशक बने हैं 2027 के बाद ये भी नहीं रहेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा अवसर देना सरकार का काम है , उस प्रकार का वातावरण बनाना भी सरकार का काम होना चाहिए और ये तभी संभव है जब सरकार ईमानदारी के साथ पहल करे, बिना भेदभाव के अपनी योजनाओं को लागू कर सके और ये डबल इन्जंकी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उसी ईमानदारी एक साथ इस मिशन रोजगार को किया है आज नौकरियां ही नौकरियां है लेकिन इन्हीं नौकरियों की लूटपाट करने चाचा भतीजे की जोड़ी निकल पड़ती थी, योगी ने अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा आज ये उपदेशक बने हुए हैं 2027 के बाद उपदेशक भी नहीं रह पाएंगे।
जिन्होंने यूपी के नौजवानों का नुकसान किया है, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है…
उन लोगों को यूपी अब कभी बर्दाश्त नहीं करेगा… pic.twitter.com/uTemMTWLYC
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 19, 2026
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