Iran में हिंसक Protest, Nepal ने अपने नागरिकों के लिए जारी की Travel Advisory
ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और अधिकारियों द्वारा बल प्रयोग किए जाने के मद्देनजर नेपाल के विदेश मंत्रालय ने ईरान के लिए एक चेतावनी जारी की है। बढ़ती महंगाई के खिलाफ सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं और सुधारों की मांग कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, अधिकारियों ने गोलीबारी की है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोग हताहत हुए हैं। स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में रह रहे और काम कर रहे नेपाली नागरिकों को ईरान के सक्षम अधिकारियों की सुरक्षा सलाह का पालन करने, घर के अंदर रहने, सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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इसके बाद, मंत्रालय ने अपने नागरिकों से मौजूदा अशांति के मद्देनजर यात्रा रोकने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, "इसी तरह, मंत्रालय ईरान की यात्रा की योजना बना रहे सभी नेपाली नागरिकों से आग्रह करता है कि वे देश में स्थिति सामान्य होने तक अपनी यात्रा रद्द कर दें।
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नेपाल के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क विवरण भी जारी किए हैं। आपातकालीन सहायता के लिए, काठमांडू स्थित विदेश मंत्रालय से +977-014200182-85 / +977-9862678437 पर संपर्क किया जा सकता है या waa@mofa.gov.np पर ईमेल भेजा जा सकता है। मंत्रालय से +977-14200480 / +977-9851354565 पर भी संपर्क किया जा सकता है या informationofficer@mofa.gov.np पर ईमेल भेजा जा सकता है।
NSA डोभाल जा रहे थे चीन, इधर ट्रंप ने झट से भारत को बहुत बड़ा ऑफर भेजा
एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कई देशों में डायरेक्ट इनवॉल्वमेंट दिखाकर वहां पर तख्तापलट करने की कोशिश की है। कई जगह पर वो कामयाब रहे हैं। कहीं पर वो दो देशों को लड़ा रहे हैं। कहीं पर टैरिफ टैरिफ खेल रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गौर से अजित डोभाल की मुलाकात होती है। जनवरी का महीना चल रहा है और इसी जनवरी में प्लानिंग की जा रही है कि अजीत डोबाल चाइना भी जाएंगे। हालांकि ये पहले से प्रस्तावित था जब वो एसइओ में शामिल होने के लिए गए थे। उस वक्त ये डील हो गई थी कि एक दौर की वार्ता जनवरी 2026 में भी होगी। तो ये तो उसी का पार्ट है। लेकिन उससे पहले भारत में अमेरिका के राजदूत से मुलाकात करना वो भी एक ऐसा शख्स जो ट्रंप का बहुत करीबी माना जाता है।
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ट्रंप के करीबी सर्गियो गोर अचानक दिल्ली में लैंड करते हैं और कहते हैं कि मोदी या ट्रंप तो इतने अच्छे दोस्त हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए इस समझौते को अंतिम रूप देना आसान काम नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद-विरोधी उपायों, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम करना जारी रखेंगे। 10 दिसंबर को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता को लेकर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।
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गोयल ने कहा, "सभी समझौतों के कई विविध पहलू होते हैं। कई बिंदुओं को जोड़ा गया है। वार्ता में काफी प्रगति हुई है, हालांकि 2025 के पतझड़ तक पहले चरण को पूरा करने का मूल लक्ष्य अमेरिकी व्यापार नीति में नए घटनाक्रमों, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ भी शामिल हैं, के कारण विलंबित हो गया है।
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