नीतीश युग के बाद बिहार में नेतृत्व की सबसे बड़ी जंग, चार दावेदार चारो के अपने 'टारगेट'...मत चूको चौहान!
Bihar Politics Post Nitish Kumar : चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण...ता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान! पृथ्वीराज रासो और लोकगाथाओं की यह पंक्ति आज भी सिर्फ इतिहास नहीं लगती. यह पंक्ति आज के बिहार की राजनीति को देखने का एक प्रतीक बन सकती है. फर्क बस इतना है कि तब निशाना एक व्यक्ति था, आज निशाना सत्ता है. तब आंखों पर पट्टी थी, परन्तु सूबे की सियाकत में आज राजनीतिक अनिश्चितता का अंधेरा है... मगर समानता यह कि तब भी और अब भी-मैदान खुला हुआ है!
ठंड में गर्माहट! भीलवाड़ा के संत की पहल ने बदल दी खुले आसमान में सोने वालों की रातें
Bhilwara Saint Social Work : कड़ाके की ठंड के बीच भीलवाड़ा के एक संत ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है. उन्होंने खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए विशेष मुहिम शुरू की है. इस अभियान के तहत कंबल, गर्म कपड़े और भोजन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ठंड से किसी की जान न जाए. संत का उद्देश्य है कि सर्दियों में हर जरूरतमंद को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिले. स्थानीय लोग और समाजसेवी भी इस नेक कार्य में सहयोग कर रहे हैं, जिससे यह मुहिम और मजबूत होती जा रही है.
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