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उत्तराखंड में OM Prarvat से कैसे गायब हुआ 'ॐ'? सामने आई ये बड़ी वजह
OM Parvat Without Snow: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित OM पर्वत पर बर्फ से बनी 'ॐ' की आकृति अपनी खास बनावट के लिए जानी जाती है. लेकिन ये इस बार अपनी खूबसूरती की वजह से चर्चा में नहीं आई है बल्कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब ओम पर्वत पर 'ॐ' की आकृति नजर नही्ं आ रही हैं. दिखाई दे रहा है तो बस काला पहाड़. पर्वत की बिना बर्फ वाली काले पत्थरों के पहाड़ की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है. पर्यटक जहां इसे देखकर हैरान हैं तो वहीं मौसम विशेषज्ञ इसे गंभीर समस्या बता रहे हैं. चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं इसके पीछे की वजह.
बर्फ से बनी आकृति से ही मिला था नाम
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मौजूद ओम पर्वत एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. ये लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी लोकप्रियता उस समय और भी बढ़ गई थी जब पीएम मोदी ने इस स्थान का दौरा किया था और अपनी तस्वीरें भी शेयर की थी. पर्वत की चोटी पर प्राकृतिक रूप से बर्फबारी होती है तो वह 'ॐ' की आकृति दूर से बेहद ही खूबसूरत नजर आती है. इस वजह से ही इस पर्वत को 'ॐ' पर्वत का नाम दिया गया था. वैसे तो ये साल भर बर्फ से ढका रहता है लेकिन इस बार अचानक यहां से बर्फ गायब होने की जानकारी मिली है.
OM Prarvat से कैसे गायब हुआ 'ॐ'?
विशेषज्ञों का कहना है कि OM Prarvat से 'ॐ' गायब होने की सबसे बड़ी वजह पिछले कुछ समय से टूरिस्ट्स की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है. इसकी वजह से इलाके के तापमान बढ़ा है. इसके अलावा हर साल की तुलना में इस साल भी बर्फबारी कम हुई है. OM पर्वत से गायब बर्फ ने सभी की चिंता बढ़ा दी है. बर्फ ना होने की वजह से चोटी पर 'ॐ' का आकार नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में अब इस पर्वत का नाम भी सार्थक नहीं लग रहा.
जलवायु परिवर्तन का दिखा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, विश्वभर में मौसमी बदलाव देखने को मिल रहे हैं. जलवायु परिवर्तन का असर ओम पर्वत पर भी दिखाई दिया है. वैश्विक तापमान बढ़ रहा है और ग्लेशियर इससे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि जंगलों में आग की घटनाएं और इसका दायरा बढ़ रहा है. जंगल की आग से निकला ब्लैक कार्बन ग्लेशियर पर असर डालता है. ग्लेशियर की अच्छी सेहत के लिए उसके नीचे के बुग्यालों में अच्छी घास होनी चाहिए.
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