Responsive Scrollable Menu

गणेशोत्सव: गणपति को लगाएं 6 तरह के मोदक का भोग, उकड़ीचे से लेकर चॉकलेटी और शुगर फ्री तक आसान रेसिपी

गणेशोत्सव के दौरान गणपति बप्पा को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। इस बार एक ही तरह के मोदक की बजाय घर पर बनाएं 6 अलग-अलग स्वाद के मोदक। यहां जानिए उकड़ीचे, चॉकलेटी, चना दाल, शुगर फ्री, मावा और बेसन मोदक बनाने की आसान रेसिपी।

गणेशोत्सव के दौरान घर में गणपति बप्पा विराजमान हैं तो उनके भोग में मोदक जरूर शामिल करें। मोदक को भगवान गणेश का प्रिय भोग माना जाता है। अगर आप हर दिन कुछ अलग बनाना चाहती हैं, तो इन 6 तरह के मोदक की रेसिपी ट्राई कर सकती हैं।

इनमें पारंपरिक उकड़ीचे मोदक, बच्चों को पसंद आने वाले चॉकलेटी मोदक, स्वादिष्ट चना दाल मोदक, बिना रिफाइंड शुगर वाले शुगर फ्री मोदक, मुलायम मावा मोदक और आसान बेसन मोदक शामिल हैं। इनमें से अपनी पसंद के मोदक बनाकर गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

1. उकड़ीचे मोदक

महाराष्ट्र में लोकप्रिय उकड़ीचे मोदक गणपति उत्सव के खास व्यंजनों में शामिल हैं। चावल के आटे की नरम परत और नारियल-गुड़ की मीठी भरावन इनका स्वाद बढ़ाती है।

सामग्री
कवर के लिए:

  • चावल का आटा- 1 कप
  • पानी- 1 कप
  • घी- 1 टीस्पून
  • नमक- 1 चुटकी

भरावन के लिए:

  • ताजा कसा हुआ नारियल- 1 कप
  • गुड़- 3/4 कप
  • इलायची पावडर- 1/2 टीस्पून
  • जायफल पावडर- 1 चुटकी
  • घी- 1 टीस्पून

विधि
एक पैन में पानी गर्म करके उसमें नमक और घी डालें। पानी में उबाल आने पर लगातार चलाते हुए चावल का आटा डालें। अच्छी तरह मिलाकर 10 मिनट के लिए ढंककर रख दें।

भरावन बनाने के लिए पैन में घी गर्म करें। इसमें नारियल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं। गुड़ और नारियल अच्छी तरह मिल जाएं और मिश्रण गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें। इसमें जायफल और इलायची पावडर डालकर ठंडा करें।

अब चावल के आटे को अच्छी तरह मसलकर नरम कर लें। छोटी लोई लेकर बीच में एक चम्मच भरावन रखें और किनारों को बंद करके मोदक का आकार दें। इसी तरह सभी मोदक तैयार करें। इन्हें भाप में 10-15 मिनट पकाएं। तैयार मोदक पर थोड़ा घी डालकर गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

2. चॉकलेटी मोदक

अगर बच्चों के लिए कुछ अलग बनाना चाहती हैं तो चॉकलेटी मोदक एक अच्छा विकल्प है। कोको, मिल्क पावडर और चॉको चिप्स से इनका स्वाद खास बनता है।

सामग्री

  • मिल्क पावडर- 1 कप
  • कंडेंस्ड मिल्क- 1/2 कप
  • कोको पावडर- 2 टीस्पून
  • दूध- 2 टीस्पून
  • घी- 1 टीस्पून
  • इलायची पावडर- 1/4 टीस्पून
  • बारीक कटे ड्राय फ्रूट्स- 2 टीस्पून
  • चॉको चिप्स- 2 टीस्पून

विधि
कड़ाही में घी गर्म करें। इसमें मिल्क पावडर, कोको पावडर और कंडेंस्ड मिल्क डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाएं। मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे तो गैस बंद कर दें।

अब इसमें इलायची पावडर, चॉको चिप्स और कटे हुए ड्राय फ्रूट्स मिलाएं। मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद मोदक के सांचे या हाथों की मदद से मोदक तैयार करें और गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

3. चना दाल मोदक

चना दाल, गुड़ और नारियल से तैयार होने वाले ये मोदक स्वाद में अलग होते हैं। इन्हें मैदे की परत में भरकर सुनहरा होने तक तला जाता है।

सामग्री
भरावन के लिए:

  • चना दाल- 1/2 कप
  • गुड़- 3/4 कप
  • कसा हुआ नारियल- 1/2 कप
  • बारीक कटी मेवा- 1 टीस्पून
  • इलायची पावडर- 1/4 टीस्पून
  • घी- 1 टीस्पून

कवर के लिए:

  • मैदा- 1 कप
  • पानी- 1/4 कप
  • घी या तेल- 1 टेबलस्पून
  • नमक- 1 चुटकी
  • तलने के लिए तेल या घी

विधि
मोदक बनाने से करीब 1 घंटे पहले चना दाल को पानी में भिगो दें। इसके बाद दाल को पानी सहित प्रेशर कुकर में डालकर तेज आंच पर 1 और धीमी आंच पर 3 सीटी लगाएं। दाल को पूरी तरह गलने न दें। दाल को छानकर अतिरिक्त पानी निकाल दें।

एक पैन में घी गर्म करके पकी हुई दाल, गुड़ और नारियल डालें। धीमी आंच पर मिश्रण को पकाएं। मिश्रण गाढ़ा होने पर इलायची पावडर डालें। गैस बंद करके मेवा मिलाएं और ठंडा होने दें।

अब मैदे में घी और नमक डालकर सख्त आटा गूंथ लें। 10 मिनट के लिए ढंककर रखें। आटे की बड़ी पूरी बेलकर कटोरी की मदद से गोल पूड़ियां काट लें। प्रत्येक पूरी में भरावन रखें और किनारों पर पानी लगाकर मोदक का आकार दें। गर्म तेल या घी में सुनहरा होने तक तलें। बटर पेपर पर निकालकर गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

4. शुगर फ्री मोदक

जो लोग रिफाइंड शुगर से बचना चाहते हैं, वे खजूर, अंजीर, मेवा और ओट्स से बने इन मोदक को ट्राई कर सकते हैं। प्राकृतिक मिठास के लिए इसमें खजूर और अंजीर का इस्तेमाल किया गया है।

सामग्री

  • बीज निकले पिंड खजूर- 1 कप
  • अंजीर- 1 कप
  • बारीक कटी मेवा- 1 कप
  • इलायची पावडर- 1/2 टीस्पून
  • खसखस- 1 टीस्पून
  • ओट्स- 1/2 कप
  • घी- 1 टीस्पून
  • शहद- 1 टीस्पून
  • मिक्स सीड्स- 1 टीस्पून

विधि
ओट्स को बिना घी के हल्का सुनहरा होने तक भूनकर प्लेट में निकाल लें। इसी तरह खसखस, कटी मेवा और मिक्स सीड्स को भी अलग-अलग भूनें।

खजूर और अंजीर को छोटे टुकड़ों में काटकर मिक्सी में पीस लें। पैन में घी गर्म करके इस मिश्रण को 3-4 मिनट भूनें। मिश्रण एकसार होकर पैन छोड़ने लगे तो गैस बंद कर दें।

अब इसमें भुने हुए मेवा, ओट्स, शहद और इलायची पावडर मिलाएं। मिश्रण को अच्छी तरह एकसार करें। इसके बाद मोदक के सांचे में भरकर आकार दें।

नोट: “शुगर फ्री” का मतलब यहां रिफाइंड चीनी से मुक्त है; खजूर, अंजीर और शहद में प्राकृतिक शर्करा होती है।

5. मावा मोदक

मावा और केसर से बने मावा मोदक स्वाद में रिच और त्योहार के लिए खास होते हैं। इन्हें कम समय में भी तैयार किया जा सकता है।

सामग्री

  • मावा- 250 ग्राम
  • पिसी शकर- 100 ग्राम
  • इलायची पावडर- 1/2 टीस्पून
  • केसर के धागे- 8-10
  • दूध- 1 टेबलस्पून
  • बारीक कटे ड्राय फ्रूट्स- 1 टीस्पून
  • घी- 1/2 टीस्पून

विधि
हल्के गुनगुने दूध में केसर के धागे भिगोकर रखें। पैन में घी डालकर मावा को हल्का भूनें। ध्यान रखें कि मावा का रंग न बदले। मावा ठंडा होने के बाद इसमें पिसी शकर, कटे ड्राय फ्रूट्स, केसर वाला दूध और इलायची पावडर डालें।

मिश्रण को हाथों से अच्छी तरह एकसार करें। अब मोदक के सांचे की मदद से मोदक तैयार करें और गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

6. बेसन मोदक

अगर आप आसान और अलग स्वाद वाला मोदक बनाना चाहती हैं तो बेसन मोदक ट्राई कर सकती हैं। इसे घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से तैयार किया जा सकता है।

सामग्री

  • बेसन- 1 कप
  • घी- 1/4 कप
  • चीनी- 2 टीस्पून
  • इलायची पावडर- 1/2 टीस्पून
  • बारीक कटी मेवा- 1 टीस्पून
  • दूध- 1 कप

विधि
बेसन को घी में धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। अब इसमें दूध, इलायची पावडर और चीनी डालकर लगातार चलाएं। मिश्रण गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे तो गैस बंद कर दें।

इसमें बारीक कटी मेवा मिलाएं। मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद हाथ या मोदक के सांचे की मदद से मोदक तैयार करें और गणपति बप्पा को भोग लगाएं।

गणपति बप्पा को रोज लगाएं अलग स्वाद का भोग
गणेशोत्सव में हर दिन अलग तरह के मोदक बनाकर भगवान गणेश को भोग लगाया जा सकता है। पारंपरिक स्वाद के लिए उकड़ीचे मोदक, बच्चों के लिए चॉकलेटी मोदक, वहीं कुछ अलग ट्राई करने के लिए चना दाल, मावा या बेसन मोदक बनाए जा सकते हैं। रिफाइंड चीनी से बचना चाहें तो खजूर-अंजीर वाले मोदक विकल्प हो सकते हैं।

ये भी पढ़िए
Rainbow Modak Recipe: बप्पा के भोग में भरें रंग और मिठास, बनाएं गुलकंद रेनबो मोदक  

Chocolate Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर ट्राई करें चॉकलेट मोदक, कम समय में बन जाएगी ये स्वादिष्ट मिठाई

Ganesh Ji Ki Aarti: ‘जय गणेश देवा’ गणेश चतुर्थी पर जरूर पढ़ें बप्पा की आरती, यहां देखें पूरी Lyrics

Continue reading on the app

Anarsa Recipe: बारिश में याद आएगी नानी के हाथों की मिठास, चावल और गुड़ से घर पर बनाएं अनरसा

Anarsa Recipe: बारिश का मौसम आते ही कुछ मीठा और देसी खाने का मन करने लगता है। ऐसे में चावल और गुड़ से बनने वाला अनरसा एक शानदार विकल्प है, जो बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम रहता है। अगर आप घर पर पारंपरिक मिठाई का स्वाद लेना चाहते हैं, तो अनरसा ट्राई कर सकते हैं।

इसे चावल, गुड़ और खसखस जैसी कुछ चीजों से तैयार किया जाता है और इसे बनाने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन इसका स्वाद मेहनत को खास बना देता है।

अनरसा बनाने के लिए क्या चाहिए?

  • चावल – 2 कप
  • गुड़ – करीब 2 कप
  • घी – जरूरत के अनुसार
  • खसखस – 2 बड़े चम्मच
  • दूध – जरूरत के अनुसार

अनरसा की अलग-अलग जगहों पर रेसिपी थोड़ी अलग हो सकती है। कुछ तरीकों में गुड़ की मात्रा कम रखी जाती है और तिल या दूसरे सामान का भी इस्तेमाल किया जाता है।

ऐसे तैयार करें अनरसा
1. चावल को भिगोकर रखें
सबसे पहले चावल को अच्छी तरह धोकर पानी में भिगो दें। पारंपरिक तरीके में चावल को कुछ दिनों तक भिगोकर रखा जाता है और रोज पानी बदला जाता है। इसके बाद चावल को छानकर कपड़े पर फैलाकर सुखाया जाता है।

2. चावल का पाउडर तैयार करें
चावल पूरी तरह सूखने से पहले उन्हें पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इसके बाद इसे छान लें, ताकि मिश्रण में मोटे दाने न रहें।

तैयार करें अनरसा

3. गुड़ मिलाकर आटा गूंथें
अब चावल के पाउडर में कद्दूकस किया हुआ गुड़ और थोड़ा घी मिलाएं। जरूरत के हिसाब से थोड़ा दूध डालकर नरम आटा तैयार करें। आटे को ढककर कुछ समय के लिए रख दें, ताकि मिश्रण अच्छी तरह सेट हो जाए।

4. खसखस लगाकर आकार दें
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें हल्का चपटा करें। एक प्लेट में खसखस फैलाकर लोई के एक तरफ खसखस अच्छी तरह लगा दें।

5. धीमी आंच पर सेंकें
कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। अनरसे को बहुत तेज आंच पर न तलें। इन्हें धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाएं। तैयार अनरसे को निकालकर अतिरिक्त घी सोखने दें।

अनरसा बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • चावल का इस्तेमाल करते समय बहुत चिपचिपे चावल से बचें।
  • चावल को पीसते समय पाउडर बारीक रखें।
  • आटा बहुत ज्यादा गीला न करें।
  • अनरसे को तेज आंच पर तलने से बाहर से जल्दी रंग आ सकता है, जबकि अंदर से ठीक से पकने में परेशानी हो सकती है।
  • तलते समय आंच धीमी से मध्यम रखें।

यह भी पढ़ें: घर पर आए हैं मेहमान या रखी है किटी पार्टी? स्टार्टर में बनाएं ये 6 टेस्टी कटलेट

Continue reading on the app

  Sports

Asian Games 2026: भारत के 10 खिलाड़ी और टीमें, जिनसे गोल्ड की उम्मीद, क्रिकेट से मनु भाकर तक

Asian Games 2026: भारत एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों में भारतीय दल से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में भारत ने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे, जिसमें 28 गोल्ड शामिल थे। इस बार भारत के 503 एथलीट 36 खेलों में देश की चुनौती पेश करेंगे।

भारत की नजर अपने अब तक के सबसे बड़े मेडल टैली पर है। कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में भारतीय टीमें अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगी, जबकि शूटिंग, आर्चरी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में भी कई खिलाड़ियों से गोल्ड की उम्मीद होगी। आइए जानते हैं वे 10 खिलाड़ी और टीमें, जिन पर भारत की गोल्ड मेडल की उम्मीदें टिकी हैं।

1. कबड्डी- पुरुष और महिला टीम
एशियन गेम्स में कबड्डी भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल है। पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमों ने हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। दोनों टीमें 2025 कबड्डी वर्ल्ड कप में भी चैंपियन बनीं। एशियन गेम्स में भारत का शानदार रिकॉर्ड और हालिया प्रदर्शन देखते हुए इस बार भी पुरुष और महिला टीमों से गोल्ड की उम्मीद होगी।

2. क्रिकेट- पुरुष और महिला टीम
एशियन गेम्स में क्रिकेट के दोनों वर्गों में भारत डिफेंडिंग चैंपियन है। हांगझोउ में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद भी दोनों टीमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है। ऐसे में आइची-नागोया में भारतीय टीमों के सामने अपने खिताब का बचाव करने की चुनौती होगी।

3. हॉकी- पुरुष और महिला टीम
भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स में पांच बार गोल्ड मेडल जीत चुकी है और 2023 में भी चैंपियन बनी थी। इस बार टीम की नजर छठे गोल्ड पर होगी। पाकिस्तान, मलेशिया, जापान और चीन जैसी टीमें चुनौती पेश कर सकती हैं। महिला टीम की बात करें तो भारत ने एशियन गेम्स में अपना एकमात्र गोल्ड 1982 में जीता था। 2026 वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान के साथ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करने वाली टीम इस बार लंबे अंतराल के बाद गोल्ड जीतने की कोशिश करेगी।

4. ज्योति सुरेखा वेन्नम- आर्चरी
ज्योति सुरेखा वेन्नम हांगझोउ एशियन गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच चुकी हैं। उन्होंने कंपाउंड व्यक्तिगत, महिला टीम और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड हासिल किया था। 2025 एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में भी उन्होंने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण जीता। हालिया प्रदर्शन और एशियन गेम्स के अनुभव को देखते हुए ज्योति से एक से ज्यादा पदक की उम्मीद होगी।

5. धीरज बोम्मदेवरा- आर्चरी
धीरज बोम्मदेवरा 2026 में शानदार फॉर्म में हैं। भारतीय रिकर्व तीरंदाज ने आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा और वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने। वह 2025 एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत चुके हैं। हांगझोउ में सिल्वर जीतने वाले धीरज इस बार पदक का रंग बदलने के इरादे से उतरेंगे।

6. ईशा सिंह- शूटिंग
ईशा सिंह शूटिंग में भारत की प्रमुख गोल्ड मेडल उम्मीदों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने म्यूनिख और हांगझोउ ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता। म्यूनिख में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर भी बनाया। इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल का गोल्ड भी उनके नाम रहा। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए एशियन गेम्स में उन पर खास नजर होगी।

7. मनु भाकर- शूटिंग
पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली मनु भाकर भारतीय शूटिंग की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल में व्यक्तिगत गोल्ड के लिए चुनौती पेश की है, लेकिन अभी इस साल इन स्पर्धाओं में व्यक्तिगत खिताब उनके नाम नहीं आया है। अब मनु की नजर एशियन गेम्स में अपने पहले व्यक्तिगत गोल्ड पर होगी। ईशा सिंह के शानदार प्रदर्शन के बीच मनु का बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी अहम होगा।

8. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी- बैडमिंटन
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी भारत की सबसे बड़ी बैडमिंटन उम्मीदों में शामिल है। दोनों ने हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष डबल्स का गोल्ड मेडल जीता था। 2026 में चीन मास्टर्स का खिताब जीतकर उन्होंने अपनी मजबूत फॉर्म का संकेत दिया है। आइची-नागोया में दोनों अपने एशियन गेम्स खिताब का बचाव करने उतरेंगे।

9. तजिंदरपाल सिंह तूर- शॉट पुट
तजिंदरपाल सिंह तूर एशियन गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ऐसा करने पर वह पुरुष शॉट पुट में लगातार तीन एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं। चोट की वजह से कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ था, लेकिन 2026 में उनका सीजन बेस्ट 21.03 मीटर रहा है, जो एशिया में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है। ऐसे में उनकी नजर फिर गोल्ड पर होगी।

10. सर्वेश कुशारे- हाई जंप
सर्वेश कुशारे 2026 में अपने करियर की शानदार फॉर्म में हैं। हांगझोउ एशियन गेम्स में 2.26 मीटर की छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहने वाले सर्वेश ने इस साल 2.31 मीटर का प्रदर्शन किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता। एशियन गेम्स में अब तक पदक से दूर रहे सर्वेश इस बार अपना पहला मेडल जीतने की कोशिश करेंगे, जिसमें उनकी नजर गोल्ड पर होगी।

Sat, 19 Sep 2026 20:01:03 +0530

  Videos
See all

Aaj Tak के साथ खास बातचीत में Panchayat के डायरेक्टर दीपक कुमार मिश्रा का बड़ा खुलासा #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-19T15:33:21+00:00

Adbhut Avishvasniya Akalpniya With Sweta Singh: कभी देखी है आपने सिर्फ 14 इंच की गाय? | Punganur Cow #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-19T15:33:36+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers