BCCI Vacancy: भारतीय क्रिकेट बोर्ड में निकली बड़ी भर्ती, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इस पद के लिए मांगे आवेदन
BCCI Vacancy: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हेड (स्पोर्ट्स साइंस एंड मेडिसिन) पोस्ट के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। यह पद बेंगलुरु स्थित BCCI Centre of Excellence में होगा और चुने गए उम्मीदवार को हेड ऑफ क्रिकेट (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) को रिपोर्ट करना होगा। इस पद के लिए सिर्फ एक वैकेंसी है और उम्मीदवार की उम्र 60 साल से कम होनी चाहिए।
क्या काम करना होता है?
इस जिम्मेदारी में भारतीय क्रिकेटरों के लिए Sports Science और Medicine से जुड़ी रणनीति तैयार करना और उसे लागू करना शामिल है। उम्मीदवार को खिलाड़ियों की सेहत, चोट से बचाव, इलाज और रिहैबिलिटेशन से लेकर उनके लंबे समय के शारीरिक विकास तक की योजनाओं की निगरानी करनी होगी।
चुने गए अधिकारी के अधीन कई महत्वपूर्ण टीमें काम करेंगी। इनमें Head of Physiotherapy (CoE), Team India Head of Physiotherapy, Head S&C (CoE) और Team India S&C शामिल हैं। उन्हें नेशनल और Centre of Excellence के कोचों, Cricket Education टीम और दूसरे परफॉर्मेंस विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करना होगा। इस पद की एक बड़ी जिम्मेदारी चोट के जोखिम को कम करना और खिलाड़ियों की रिकवरी को बेहतर बनाना भी होगी। इसके अलावा बीमारी और वेलनेस मैनेजमेंट, खिलाड़ी विकास, परफॉर्मेंस बेंचमार्किंग और लंबे समय की फिटनेस पर भी फोकस रहेगा।
BCCI इस पद पर ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जो रिसर्च और नई तकनीक को भी बढ़ावा दे सके। उम्मीदवार को Sports Science और Medicine विभाग के रिसर्च विंग को विकसित करने के साथ प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स और मेडिकल संस्थानों के साथ साझेदारी बनाने की दिशा में भी काम करना होगा।
ये है योग्यता
योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास Sports Science या संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होनी चाहिए। Doctorate को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही मल्टी डिसिप्लिनरी परफॉर्मेंस टीम को रणनीतिक स्तर पर संभालने का कम से कम 5 साल का अनुभव जरूरी है। प्रोफेशनल या ओलंपिक स्तर की हाई-परफॉर्मेंस टीम के साथ Sports Science या Medicine सपोर्ट देने और रणनीतिक योजनाएं लागू करने का अनुभव भी जरूरी है। संबंधित क्षेत्र में मौजूदा प्रोफेशनल accreditation या licence होना चाहिए।
Medical Director या Chief Medical Officer के रूप में अनुभव, Sport & Exercise Medicine में specialist recognition और medical/clinical governance का अनुभव अतिरिक्त योग्यता मानी जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर को शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग के बाद योग्य उम्मीदवारों को व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है।
Mohammed Shami: उम्र 36 पार... विकेट की भूख पुरानी जैसी, 100 फर्स्ट क्लास मैच के बाद शमी बोले- बैज के लिए खेलता हूं
Mohammed Shami first class career: मोहम्मद शमी ने अपने 100वें फर्स्ट क्लास मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का चैंपियन बनाने में अहम योगदान दिया। चेन्नई के चेपॉक में खेले गए फाइनल में शमी ने गेंद से कमाल दिखाया और इस खास मुकाम को यादगार बना दिया। मैच के बाद उन्होंने साफ कहा कि क्रिकेट को लेकर उनकी भूख अभी भी पहले जैसी ही है।
36 साल के हो चुके शमी ने कहा कि मोटिवेट रहने के लिए हमेशा कोई न कोई वजह मिल सकती है। उनके मुताबिक, इस स्तर पर अगर खिलाड़ी खुद को मोटिवेट नहीं कर पा रहा है तो उसका नजरिया ही गलत है। शमी का मंत्र भी बिल्कुल साफ है- जिस स्तर पर खेलने का मौका मिले, उसे पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से भुनाना है।
1 वर्ष से अधिक समय से टीम से बाहर शमी
मोहम्मद शमी चोट से ऊबरकर लगातार घरेलू क्रिकेट में परफार्म कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय टीम में खेलना चाहते हैं, लेकिन चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखते। हालांकि शमी ने हर बार इसे गलत साबित किया है। वह लगातार विकेट लेकर और लय के साथ गेंदबाजी कर रहे हैं। शमी ने आखिरी बार 9 मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इस मैच में उन्होंने 7 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 1 विकेट लिया था। इस मैच में वह ज्यादा प्रभावी नहीं थे। हालांकि इससे पहले टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था।
शमी ने कहा कि वह हमेशा ‘बैज के लिए खेलने’ की बात करते हैं। जब सीने पर टीम का बैज होता है तो क्रिकेट का स्तर मायने नहीं रखता। उस बैज के लिए खेलने का गर्व ही खिलाड़ी के अंदर लड़ने की भूख पैदा करता है। यही सोच शमी को अब भी मैदान पर पूरी ताकत लगाने के लिए प्रेरित करती है।
चेपॉक की पिच बल्लेबाजों के लिए अच्छी थी और गेंदबाजों के लिए ज्यादा मदद नहीं थी। इसके बावजूद शमी ने नई गेंद से पारंपरिक स्विंग हासिल की और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने साउथ जोन के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और मुकेश कुमार के साथ मिलकर 5 विकेट साझा किए। दोनों की गेंदबाजी के दम पर ईस्ट जोन ने साउथ को 336 रन पर समेट दिया और पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल की, जो अंत में खिताबी जीत की वजह बनी।
शमी ने बताया कि ऐसी गर्मी में रिवर्स स्विंग गेंदबाज का बड़ा हथियार होती है। उन्होंने शेख रशीद के विकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले लगातार गेंद को बाहर निकालकर बल्लेबाज के दिमाग में इसकी आदत बनानी थी और फिर अचानक गेंद को अंदर लाकर उन्हें फंसाना था।
मैच के दौरान 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने भी शमी के साथ खूब मस्ती की। रशीद का विकेट गिरने पर वैभव खुशी में शमी के ऊपर चढ़ गए और उनकी पीठ पर बैठकर जश्न मनाया। शमी ने मजाक में कहा कि वह अक्सर उन्हें छेड़ते हैं और कहते हैं कि उनकी क्रिकेट करियर की उम्र भी वैभव की उम्र से ज्यादा है।
शमी ने कहा कि युवा खिलाड़ियों में आज काफी परिपक्वता है। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने से वे जल्दी सीख रहे हैं। ऐसे में उन्हें ज्यादा कोचिंग देने की जरूरत नहीं, लेकिन मुश्किल समय में सही रणनीतिक सलाह देकर लड़ते रहने की याद दिलाना जरूरी है।
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