IPL 2026: चिन्नास्वामी में नहीं, इन 2 स्टेडियम में RCB खेलेगी अपने सभी होम मैच, बड़ी अपडेट आई सामने
IPL 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है. पिछले सीजन RCB के खिताबी जीत दर्ज करने के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए सेलिब्रेशन के दौरान हादसे के बाद से ही इस मैदान पर कोई मैच नहीं खेले जा रहे हैं. उम्मीद भी जताई जा रही थी कि आईपीएल 2026 में आरसीबी अपने होम मैच चिन्नास्वामी में नहीं खेलेगी. इसी से जुड़ी एक बड़ी अपडेट रिपोर्ट्स के माध्यम से सामने आ रही है कि बोल्ड आर्मी आईपीएल के 19वें सीजन में अपने सभी 7 होम मैचों को 2 अलग स्टेडियम में खेलने वाली है.
IPL 2026 में RCB कहां खेलेगी होम मैच?
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के वेन्यू में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि अपकमिंग सीजन में बोल्ड आर्मी अपने होम मैच चिन्नास्वामी में नहीं खेलेगी. RCB के होम मैचों के लिए 2 मैदानों को चुना गया है, जिसमें नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम और रायपुर के स्टेडियम को चुना गया है. हालांकि, अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
???? NEW HOME GROUND OF RCB IN IPL 2026. ????
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) January 13, 2026
- RCB likely to play their home matches at the DY Patil Stadium and in Raipur.
RCB to play 5 matches in Navi Mumbai and 2 in Raipur. (Gaurav Gupta/TOI). pic.twitter.com/sVHpaDpB2X
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हरे निशान में खुलने के बाद भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट, ट्रंप द्वारा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का दिखा असर
मुंबई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। पिछले कुछ दिनों में लगातार गिरावट के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन कुछ समय बाद शुरुआती बढ़त खोकर दोनों प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आ गए।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के इस बयान के बाद कि दोनों देश मंगलवार को व्यापार वार्ता करेंगे और मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच सोमवार के कारोबारी सत्र में शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार तेजी देखने को मिली और दोनों बेंचमार्क अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए थे।
वहीं हफ्ते के दूसरे ट्रेडिंग सेशन में भी दोनों प्रमुख घरेलू बेंचमार्कों ने बढ़त का सिलसिला जारी रखते हुए तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की।
शुरू में सुबह 9.20 बजे के आसपास 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 278 अंक या 0.33 प्रतिशत की उछाल के साथ 84,156 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी शुरुआती कारोबार में 82 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,872 पर था।
हालांकि कुछ ही देर बाद सुबह 9.30 बजे तक सेंसेक्स 85 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 83,792 पर और निफ्टी 22 अंक या 0.08 प्रतिशत गिरकर 25,768 पर आ गया।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद निफ्टी एफएमसीजी, आईटी और मेटल इंडेक्सों में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई। तो वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और बीईएल टॉप गेनर्स वाले शेयरों में शामिल रहे। तो वहीं दूसरी ओर एल एंड टी, एचसीएल टेक, ट्रेंट, रिलायंस, एम एंड एम, भारती एयरटेल और टाटा स्टील टॉप लूजर्स वाले शेयरों में शामिल रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और फैसले आगे भी शेयर बाजारों को प्रभावित करते रहेंगे। ट्रंप द्वारा टैरिफ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की नीति पहले ही वैश्विक व्यापार पर असर डाल चुकी है, खासतौर पर उन देशों पर जिन पर दंडात्मक टैरिफ लगाए गए हैं। ट्रंप की हालिया घोषणा कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा, यह साफ संकेत देती है कि टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की यह नीति आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि अन्य देशों को निशाना बनाने के अलावा ट्रंप अपने देश में भी उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो उनकी बात नहीं मानते। फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल के खिलाफ लगाए गए आरोप इस बात का उदाहरण हैं कि ट्रंप किसी भी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो उनकी बात नहीं मानता।
एक्सपर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति का यह अभूतपूर्व, अस्थिर और अप्रत्याशित व्यवहार आगे भी बाजारों पर दबाव बनाए रखेगा। भारतीय बाजार के नजरिए से देखें तो अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की जरूरत उस समय साफ नजर आई, जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यह कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस पर बातचीत 13 जनवरी से फिर शुरू होगी। इस बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली।
उन्होंने आगे कहा कि निकट अवधि में तीसरी तिमाही के नतीजों के दौरान बाजार में समग्र तेजी से ज्यादा अलग-अलग शेयरों में नतीजों के आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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