तुरंत ईरान को छोड़ दें...अभी-अभी हमले को लेकर अमेरिका का बड़ा ऐलान
क्या अगले 24 घंटे में क्या अमेरिका बड़ा हमला करने वाला है ईरान पर क्या ये अटैक होने वाला है? इससे पहले तमाम देशों ने ऑस्ट्रेलिया से लेकर न्यूजीलैंड तक तमाम देशों ने अपने लोगों को कहा कि आप तुरंत जो है ईरान को छोड़ दें। लेकिन अब यूएस का यह कहना यह बहुत बड़ा सवाल खड़े करता है। ईरान में पिछले दो हफ्ते से ज्यादा समय से सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ जनता सड़कों पर है। करीब 200 शहरों में यह विरोध प्रदर्शन पहुंच चुका है। दावा है कि अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। मरने वालों में प्रदर्शनकारियों के साथ ही सुरक्षाबलों के जवान भी है। राजधानी तेहरान के कई विडियो रविवार को वायरल हुए। सड़कों पर हजारों की भीड़ है और लोग ताबूत लेकर चलते दिखे। राजधानी काहरिजक फरेंसिक मेडिकल सेंटर के बाहर कई शवों को बॉडी बैग में बंद कर जमीन पर रखा गया था।
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ईरानी सरकार का कहना है कि प्रदर्शन को कंट्रोल करने वाले सुरक्षा बलों के भी दर्जनों जवान मारे गए है। सरकारी मीडिया ने उनके अतिम सस्कार को बड़े पैमाने पर हुए सरकार समर्थक प्रदर्शनों के रूप में दिखाया है। तेहरान के गवर्नर मोहम्मद-सादेग मोतामेडियन ने दावा किया है कि प्रदर्शनो की संख्या कम हो रही है और हालात सामान्य हो रहे है। मारे गए सुरक्षा बलो को श्रद्धाजलि देने के लिए सरकार ने 3 दिन के राष्ट्रीय शौक की घोषणा की है। वहीं, ईरान के अपदस्थ शाह के बेटे रजा पहलवी ने सुरक्षा बलों से प्रदर्शनकारियों का साथ देने की अपील की है।
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ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हमारी धमकी के बाद इस पश्चिम एशियाई देश ने अमेरिका से फोन पर संपर्क किया और बातचीत का प्रस्ताव रखा है। हमारा प्रशासन ईरान के साथ बैठक तय करने पर काम कर रहा है। ट्रंप ने साथ ही चेताया कि वहां जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए हमें पहले ही कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
रॉकेट फोर्स कमांड, मुनीर की अगुवाई में हुई हाई लेवल मीटिंग में पाकिस्तान ने क्या बड़ा कदम उठा लिया?
पाकिस्तानी सेना ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार के बाद लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए एक नई रॉकेट फोर्स कमांड की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएनएन-न्यूज़18 को खुफिया सूत्रों ने बताया कि असीम मुनीर के नेतृत्व में हुए कोर कमांडर्स सम्मेलन ने पिछले महीने इस नई फोर्स की संरचना को मंजूरी दे दी थी और इसके जल्द ही औपचारिक रूप से गठित होने की उम्मीद है। पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व ने दिसंबर में रॉकेट फोर्स कमांड पर चर्चा की थी और ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान के बाद इसे एक उच्च तकनीक से लैस बल के रूप में पेश किया था। इसी में एक रॉकेट फोर्स का भी गठन है। ऑपरेशन सिंदूर और उससे पहले से ही दुनिया भर में में अलग-अलग जगह चल रहे संघर्षों ने दिखाया कि लॉन्ग रेंज वेपन की अहमियत बढ़ रही है। ऑपरेशन सिंदूर में भी आमने-सामने की लड़ाई नहीं हुई थी बल्कि लॉन्ग रेंज वेपन का ही इस्तेमाल हुआ था। खुफिया सूत्रों ने कहा, पाकिस्तान अब अपनी लॉन्ग रेंज स्ट्राइक की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पिछले साल ही नई ऑर्मी रॉकेट फोर्स कमांड के गठन का ऐलान किया था। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी आर्मी ने अब इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत में अभी न्यूक्लियर वेपन वाली स्ट्रैटजिक कमांड है। भारतीय सेना के पास रॉकेट तो हैं, लेकिन कोई कमांड जैसा स्ट्रक्चर नहीं है।
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अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके जवाब में, पाकिस्तान ने अपने तथाकथित 'ऑपरेशन बुनियान-उन-मारसूस' के तहत ड्रोन, लोइटरिंग मुनिशन्स, लड़ाकू विमानों और मिसाइलों का प्रक्षेपण किया। हालांकि, भारत की सतर्क सेनाओं और अभेद्य वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी हमलों में से अधिकांश को नाकाम कर दिया, जिनमें नई दिल्ली को निशाना बनाकर दागी गई एक मिसाइल भी शामिल थी। भारत ने चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए और कई लड़ाकू विमानों को मार गिराया।
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क्या भारत रॉकेट फोर्स बनाने की योजना बना रहा है?
इस बीच, खुफिया सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज़18 को बताया कि भारत भी एक अलग रॉकेट फोर्स स्थापित करने पर विचार कर रहा है, हालांकि इसे अभी तक औपचारिक रूप नहीं दिया गया है। वर्तमान में भारत की सामरिक बल कमान परमाणु हथियारों को नियंत्रित करती है, जबकि अन्य सैन्य बल पारंपरिक हथियारों का प्रबंधन करते हैं। विश्व भर में हाल के युद्धों और संघर्षों के बीच लंबी दूरी की क्षमताओं पर केंद्रित एक नए बल के गठन की आवश्यकता महसूस की गई है, जहां लंबी दूरी की मिसाइलों और रॉकेटों ने युद्धक्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाई है।
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